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हत्या के खुलासे से परिजन संतुष्ट नहीं
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खरखौदा। कांशीराम कॉलोनी से छह माह पहले नौ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर हत्या कर शव माधवपुरम स्थित नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने आनन फानन में कॉलोनी निवासी एक युवक को मुख्य आरोपी बताते हुए जेल भेज दिया था। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले का झूठा खुलासा किया है। आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या करने का आरोपी खुलेआम घूम रहा है। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।
मूलरूप से लिसाड़ी गेट निवासी व्यापारी कांशीराम कॉलोनी में रह रहा था। व्यापारी की नौ वर्षीय बेटी 4 जून की रात दुकान से ईद के लिए सामान लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी ली और चली गई। 6 जून को माधवपुरम स्थित नाले से एक बच्ची का शव मिला तो परिजनों ने मौके पर पहुंची उसकी शनाख्त अपनी बेटी के रूप में की थी। इस मामले में पुलिस कॉलोनी निवासी दो सगे भाई आशु व अफरोज को हिरासत में लिया था। बाद में पुलिस ने कॉलोनी निवासी शादाब पुत्र खुर्शीद को बच्ची का अपहरण कर हत्या का आरोपी बताकर जेल भेज दिया और चार्जशीट लगा दी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में इस शादाब को नहीं बल्कि दूसरे शादाब को आरोपी बताया था। असली आरोपी शादाब पुत्र अज्ञात किराए के मकान पर रहता था तथा उसी दिन से परिवार सहित लापता है। परिजनों ने उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीओ किठौर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने जो भी खुलासा किया वह अधिकारियों के समक्ष ही किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को ही जेल भेजा था। अब कोर्ट से ही दोबारा विवेचना का आदेश आने के बाद ही विवेचना हो सकती है।
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मूलरूप से लिसाड़ी गेट निवासी व्यापारी कांशीराम कॉलोनी में रह रहा था। व्यापारी की नौ वर्षीय बेटी 4 जून की रात दुकान से ईद के लिए सामान लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी ली और चली गई। 6 जून को माधवपुरम स्थित नाले से एक बच्ची का शव मिला तो परिजनों ने मौके पर पहुंची उसकी शनाख्त अपनी बेटी के रूप में की थी। इस मामले में पुलिस कॉलोनी निवासी दो सगे भाई आशु व अफरोज को हिरासत में लिया था। बाद में पुलिस ने कॉलोनी निवासी शादाब पुत्र खुर्शीद को बच्ची का अपहरण कर हत्या का आरोपी बताकर जेल भेज दिया और चार्जशीट लगा दी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में इस शादाब को नहीं बल्कि दूसरे शादाब को आरोपी बताया था। असली आरोपी शादाब पुत्र अज्ञात किराए के मकान पर रहता था तथा उसी दिन से परिवार सहित लापता है। परिजनों ने उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीओ किठौर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने जो भी खुलासा किया वह अधिकारियों के समक्ष ही किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को ही जेल भेजा था। अब कोर्ट से ही दोबारा विवेचना का आदेश आने के बाद ही विवेचना हो सकती है।
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