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प्रभु की भक्ति में ही शक्ति है: प्रफुल्ल महाराज
amarujala
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:00 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
जय मां सिंदुरी परिवार कमेटी जैन मंदिर सदर के तत्वावधान में रविवार को जहां सदर स्थित बिल्लवेश्वरनाथ मंदिर से बैंडबाजों के साथ कलश यात्रा निकाली गई वहीं शाम के समय काली पलटन स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया।
कलश शोभा यात्रा में सुहागिन महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थी। सभी महिलाएं मंगल गीत गाती चल रही थी। वहीं बैंडबाजों से धार्मिक धुन निकल रही थी। बिल्लवेश्वरनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सदर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंची। विधि विधान के साथ कलश स्थापित किए गए। दोपहर बाद बाल व्यास प्रफुल्ल महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा कहते हुए कहा कि सत्कर्म करो सत्कर्म ही जीवन में मुक्ति दिला सकता है। उन्होंने बताया कि जितनी भक्ति आवश्यक है उतना ही ज्ञान और जितना ज्ञान आवश्यक है उतना ही वैराग्य भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति में ही शक्ति है और शक्ति से ही जीवन में मोक्ष प्राप्त हो सकता है। अगर मन में लगन है तो हम क्या कुछ नहीं पा सकते हैं। बस प्रभु को जानने का रास्ता आना चाहिए। जो श्रीमद्भागवत के माध्यम से मिलता है। इस दौरान श्री कृष्ण की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में मदन, प्रदीप जैन रहे। बाल कृष्ण गुप्ता, माधवी गुप्ता, गुलशन चड्ढा, संयम, सोनाली गुप्ता, अनुज जैन, सतीश भाटिया, सुधांशु गोयल, अनिल ग्रोवर, राजू अरोड़ा आदि मुख्य रहे।
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कलश शोभा यात्रा में सुहागिन महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर चल रही थी। सभी महिलाएं मंगल गीत गाती चल रही थी। वहीं बैंडबाजों से धार्मिक धुन निकल रही थी। बिल्लवेश्वरनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सदर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंची। विधि विधान के साथ कलश स्थापित किए गए। दोपहर बाद बाल व्यास प्रफुल्ल महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा कहते हुए कहा कि सत्कर्म करो सत्कर्म ही जीवन में मुक्ति दिला सकता है। उन्होंने बताया कि जितनी भक्ति आवश्यक है उतना ही ज्ञान और जितना ज्ञान आवश्यक है उतना ही वैराग्य भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति में ही शक्ति है और शक्ति से ही जीवन में मोक्ष प्राप्त हो सकता है। अगर मन में लगन है तो हम क्या कुछ नहीं पा सकते हैं। बस प्रभु को जानने का रास्ता आना चाहिए। जो श्रीमद्भागवत के माध्यम से मिलता है। इस दौरान श्री कृष्ण की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में मदन, प्रदीप जैन रहे। बाल कृष्ण गुप्ता, माधवी गुप्ता, गुलशन चड्ढा, संयम, सोनाली गुप्ता, अनुज जैन, सतीश भाटिया, सुधांशु गोयल, अनिल ग्रोवर, राजू अरोड़ा आदि मुख्य रहे।
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