{"_id":"5abbe8464f1c1bf5298b46d2","slug":"paraai-likhaai-ki-nahi-nakal-nahi-challi","type":"story","status":"publish","title_hn":"पढ़ाई-लिखाई की नहीं, नकल चली नहीं, याद आई शायरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पढ़ाई-लिखाई की नहीं, नकल चली नहीं, याद आई शायरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ये पंक्तियां किसी शायरी की किताब में नहीं, बल्कि यूपी बोर्ड 12वीं की रसायन विज्ञान द्वितीय की कॉपी में लिखी मिली हैं। परीक्षा में सख्ती के चलते इस बार कमजोर छात्रों ने कॉपियां शायरी और बेतुकी कहानियों से ही भरी हैं। राजकीय इंटर कॉलेज में मूल्यांकन में लगे शिक्षक ने इस कॉपी पर शून्य दिया है। पहले भी ऐसी कई कॉपियां परीक्षकों को मिल चुकी हैं।
कॉपियों में इस तरह के शेर भी लिखे मिले हैं। ‘ना कर तकदीर का शिकवा, मुकद्दर आजमाता जा, मिलेगी खुद ब खुद मंजिल, बस कदम आगे बढ़ाते जा।’ ‘मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी के हर कदम पर इम्तिहान होता है, भाग जाने वाले को कुछ नहीं मिलता, लड़ने वालों के कदमों में सारा जहान होता है।’ ये उत्तर पुस्तिकाएं यूपी बोर्ड के तहत होने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का हाल भी बया कर रही हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई में किस कदर कमी आ चुकी है। यही वजह है कि इस बार यूपी बोर्ड के रिजल्ट में काफी गिरावट रहने की आशंका है। दरअसल, काफी परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कॉपियां ही खाली छोड़ी हुई हैं। इसके अलावा कुछ ने सिर्फ सवाल ही उतार दिए हैं। बहुत से विद्यार्थियों ने कॉपियां भरने के लिए जो मन में आया वह सब लिख दिया है। इस बार मेरठ में 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी तो ऐसे भी रहे, जिन्होंने हिंदी की ही परीक्षा नहीं दी।
सर जी, योगी जी बहुत सख्ती किए थे, पास कर देना
इस तरह की भाषा भी कॉपियों में लिखी मिली है। सर प्लीज पास कर देना, एक नंबर की नकल नहीं हुई है। बहुत सख्ती थी सर, योगी जी बहुत सख्ती किए थे। पासिंग नंबर दे देना, जो लिखा हूं अपने से लिखा हूं। मैं आपका बच्चा हूं। कुछ तो दे देना सर जी, नहीं तो जान देना पड़ेगा सर। इसमें भी तमाम शाब्दिक अशुद्धियां हैं।
विज्ञापन
नकल पर नकेल का नतीजा
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार का कहना है कि नकल पर सख्ती के कारण इस बार इस तरह की काफी कॉपियां निकल रही हैं। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने के अलावा इस बार मूल्यांकन केंद्रों पर भी काफी सख्ती रही है।
इस तरह की भी मिल चुकी गड़बड़ी
ए कॉपी के बंडल में निकली बी कॉपियां
दो बार एक ही रोल नंबर दो-दो कॉपियां मिलीं
कॉपियां मिली कोरी, कुछ भी लिखा नहीं मिला
पहला पेज अलग, अंदर के पन्ने दूसरी कॉपी के
वेबसाइट पर डाल रहे ब्योरा
इस बार परीक्षा में अनुपस्थित और नकलचियों का ब्योरा बोर्ड की वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा में अनुपस्थित रहे (एए) और नकल में पकड़े गए (यूएफएम) परीक्षार्थियों के अनुक्रमांकों एवं विषयों को ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है।
विज्ञापन
कॉपियों में इस तरह के शेर भी लिखे मिले हैं। ‘ना कर तकदीर का शिकवा, मुकद्दर आजमाता जा, मिलेगी खुद ब खुद मंजिल, बस कदम आगे बढ़ाते जा।’ ‘मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, जिंदगी के हर कदम पर इम्तिहान होता है, भाग जाने वाले को कुछ नहीं मिलता, लड़ने वालों के कदमों में सारा जहान होता है।’ ये उत्तर पुस्तिकाएं यूपी बोर्ड के तहत होने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का हाल भी बया कर रही हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई में किस कदर कमी आ चुकी है। यही वजह है कि इस बार यूपी बोर्ड के रिजल्ट में काफी गिरावट रहने की आशंका है। दरअसल, काफी परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कॉपियां ही खाली छोड़ी हुई हैं। इसके अलावा कुछ ने सिर्फ सवाल ही उतार दिए हैं। बहुत से विद्यार्थियों ने कॉपियां भरने के लिए जो मन में आया वह सब लिख दिया है। इस बार मेरठ में 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी तो ऐसे भी रहे, जिन्होंने हिंदी की ही परीक्षा नहीं दी।
विज्ञापन
सर जी, योगी जी बहुत सख्ती किए थे, पास कर देना
इस तरह की भाषा भी कॉपियों में लिखी मिली है। सर प्लीज पास कर देना, एक नंबर की नकल नहीं हुई है। बहुत सख्ती थी सर, योगी जी बहुत सख्ती किए थे। पासिंग नंबर दे देना, जो लिखा हूं अपने से लिखा हूं। मैं आपका बच्चा हूं। कुछ तो दे देना सर जी, नहीं तो जान देना पड़ेगा सर। इसमें भी तमाम शाब्दिक अशुद्धियां हैं।
विज्ञापन
नकल पर नकेल का नतीजा
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार का कहना है कि नकल पर सख्ती के कारण इस बार इस तरह की काफी कॉपियां निकल रही हैं। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराने के अलावा इस बार मूल्यांकन केंद्रों पर भी काफी सख्ती रही है।
इस तरह की भी मिल चुकी गड़बड़ी
ए कॉपी के बंडल में निकली बी कॉपियां
दो बार एक ही रोल नंबर दो-दो कॉपियां मिलीं
कॉपियां मिली कोरी, कुछ भी लिखा नहीं मिला
पहला पेज अलग, अंदर के पन्ने दूसरी कॉपी के
वेबसाइट पर डाल रहे ब्योरा
इस बार परीक्षा में अनुपस्थित और नकलचियों का ब्योरा बोर्ड की वेबसाइट पर भी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा में अनुपस्थित रहे (एए) और नकल में पकड़े गए (यूएफएम) परीक्षार्थियों के अनुक्रमांकों एवं विषयों को ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है।