{"_id":"6058f5808ebc3ec8be5560cb","slug":"panchayat-chunav-212-objections-in-reservation-city-news-mrt531244230","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तक पंचायत चुनाव के आरक्षण पर 212 आपत्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तक पंचायत चुनाव के आरक्षण पर 212 आपत्तियां
विज्ञापन
अब तक पंचायत चुनाव के आरक्षण पर 212 आपत्तियां
मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद साल 2015 को आधार मानते हुए जारी किए गए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अनंतिम आरक्षण पर अब तक 212 आपत्तियां दाखिल की जा चुकी है। प्रधान पद के आरक्षण पर सबसे ज्यादा आपत्तियां हैं। चुनाव की तैयारी में जुटे लोगों की दिनभर जिला पंचायत राज कार्यालय में आवाजाही रही। मंगलवार आपत्तियां दाखिल करने का आखिरी दिन है। इसके बाद दो दिन तक निस्तारण कर अंतिम आरक्षण का प्रकाशन किया जाएगा।
जिला पंचायती राज कार्यालय में आपत्तियां रिसीव करने के लिए डेस्क बनाई गई है। एक व्यक्ति से एक ही आपत्ति ली जा रही है। पिछली बार एक ही व्यक्ति ने 51 आपत्ति लगा दी थी। लेकिन इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम आरक्षण पर आपत्तियां दाखिल करने का सिलसिला जारी है। दिनभर देहात क्षेत्र से लोग पहुंचे। सबसे अधिक आपत्तियां ग्राम प्रधान पद के आरक्षण को लेकर दाखिल की गई है। दावेदार आरक्षण बदलने की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला के गांव भराला के ग्रामीण पंचायती राज कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव का आरक्षण एससी में कर दिया गया है। आरक्षण को सामान्य या ओबीसी में करने की मांग की गई है। इसमें बताया गया है कि ओबीसी जाति की जनसंख्या 59 प्रतिशत है। वहीं, सरधना ब्लॉक के शाहपुर पीरपुर गांव के आरक्षण पर भी आपत्ति पहुंची। इसमें भी आरक्षण को बदलने की मांग की गई है। आपत्ति देने वाले ने कहा है कि इस ग्राम पंचायत की सीट कभी भी एससी में आरक्षित नहीं हो सकी है। वहीं, कई बार सामान्य, ओबीसी और महिला में आरक्षित होती रही है।
विज्ञापन
--------
विज्ञापन
मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद साल 2015 को आधार मानते हुए जारी किए गए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अनंतिम आरक्षण पर अब तक 212 आपत्तियां दाखिल की जा चुकी है। प्रधान पद के आरक्षण पर सबसे ज्यादा आपत्तियां हैं। चुनाव की तैयारी में जुटे लोगों की दिनभर जिला पंचायत राज कार्यालय में आवाजाही रही। मंगलवार आपत्तियां दाखिल करने का आखिरी दिन है। इसके बाद दो दिन तक निस्तारण कर अंतिम आरक्षण का प्रकाशन किया जाएगा।
जिला पंचायती राज कार्यालय में आपत्तियां रिसीव करने के लिए डेस्क बनाई गई है। एक व्यक्ति से एक ही आपत्ति ली जा रही है। पिछली बार एक ही व्यक्ति ने 51 आपत्ति लगा दी थी। लेकिन इस बार व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सोमवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम आरक्षण पर आपत्तियां दाखिल करने का सिलसिला जारी है। दिनभर देहात क्षेत्र से लोग पहुंचे। सबसे अधिक आपत्तियां ग्राम प्रधान पद के आरक्षण को लेकर दाखिल की गई है। दावेदार आरक्षण बदलने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला के गांव भराला के ग्रामीण पंचायती राज कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव का आरक्षण एससी में कर दिया गया है। आरक्षण को सामान्य या ओबीसी में करने की मांग की गई है। इसमें बताया गया है कि ओबीसी जाति की जनसंख्या 59 प्रतिशत है। वहीं, सरधना ब्लॉक के शाहपुर पीरपुर गांव के आरक्षण पर भी आपत्ति पहुंची। इसमें भी आरक्षण को बदलने की मांग की गई है। आपत्ति देने वाले ने कहा है कि इस ग्राम पंचायत की सीट कभी भी एससी में आरक्षित नहीं हो सकी है। वहीं, कई बार सामान्य, ओबीसी और महिला में आरक्षित होती रही है।
विज्ञापन
--------