फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Panchayat Chunav 2021: BJP candidates may suffer political loss in this election in Meerut

पंचायत चुनाव: भाजपा के लिए भारी न पड़ जाए भितरघात, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Tue, 27 Apr 2021 02:56 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, अनुज मित्तल, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, अनुज मित्तल, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 27 Apr 2021 02:56 PM IST
सार

कोरोना महामारी के दौर में हुए पंचायत चुनाव में पिछले चुनाव की तुलना में करीब दो प्रतिशत मतदान कम हुआ।

विज्ञापन
Panchayat Chunav 2021: BJP candidates may suffer political loss in this election in Meerut
भाजपा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कोरोना महामारी के दौर में हुए पंचायत चुनाव में पिछले चुनाव की तुलना में करीब दो प्रतिशत मतदान कम हुआ। कम मतदान के बाद प्रत्याशी और उनके गणितज्ञ साथी बूथबार ऑकड़े जुटा कर नतीजों के आंकलन में जुट गए हैं। कई के चेहरे खिल गए हैं तो कुछ निराश भी हैं। दूसरी ओर भाजपा समेत सभी दलों के प्रत्याशियों के साथ भितरघात भी हुआ है।  

विज्ञापन


2015 में कड़ाके की सर्दी, गन्ना कटाई के बीच हुए पंचायत चुनाव में 75.14 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार मौसम अनूकुल था, लेकिन कोरोना ने बाहर से आने वाले मतदाताओं को रोक दिया। यही कारण रहा कि जनपद में इस बार दो प्रतिशत कम मतदान हुआ। कम मतदान का असर मुख्य रूप से ग्राम प्रधान के पद के दावेदारों पर पड़ेगा। चूंकि जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव भी साथ था, इसलिए हार-जीत का अंतर इन प्रत्याशियों पर भी पड़ना तय है। 
विज्ञापन


इस बार के चुनाव में राजनीतिक दल खुलकर सक्रिय थे। बागी प्रत्याशियों पर भाजपा से लेकर बसपा, सपा और रालोद ने कार्रवाई की लेकिन, इनके बीच भितरघात नहीं रुक सका। वार्ड 32 से भाजपा के रोहताश पहलवान को प्रत्याशी मतदान के दिन हर तरफ से भितरघात का शिकार होते नजर आए। विपक्षी दलों ने तो उन्हें घेरा ही, भाजपा की एक लॉबी ने भी उनकी घेराबंदी की। यही स्थिति सबसे हाई प्रोफाइल सीट वार्ड 13 की रही। यहां से डॉ. मीनाक्षी भराला चुनाव लड़ रही हैं। वह लगातार दो बार से जिला पंचायत सदस्य हैं और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री भी हैं। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए सशक्त दावेदार माना जा रहा है। लेकिन वह अपने वार्ड में विपक्षियों से ज्यादा अपनों से ज्यादा घिरी नजर आईं। भाजपा के परंपरागत वोट काटने के लिए त्यागी, ब्राहमण, वैश्य, गुर्जर आदि तमाम बिरादरियों से यहां प्रत्याशी खड़े कर दिए गए। किसान आंदोलन के चलते जाट वोट पहले से ही नाराज था। रही-सही कसर स्थानीय भाजपा नेताओं ने पूरी कर दी। सिवालखास विधानसभा की भावी राजनीति के चलते खुलकर तो कोई सामने नहीं आया लेकिन, भितरघात नहीं रोका जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


हस्तिनापुर में वार्ड दो में वेदवती की भी पूरी घेराबंदी की गई। इस सीट पर हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक की प्रतिष्ठा जुड़ी है। यहां विपक्षी तो एकजुट हुए ही, भाजपा के भी एक गुट ने जमकर खेल खेला। सीट फंसी हुई नजर आ रही है। वेदवती को भी भाजपा का एक खेमा जिला पंचायत अध्यक्ष का सशक्त दावेदार मान रहा है।

यह भी पढ़ें: बेरहम कोरोना: ऑक्सीजन की कमी से तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहे मरीज, तस्वीरें बयां कर रहीं सच्चाई

पांच विधायकों का राजनीतिक भविष्य भी तय करेंगे परिणाम
जिला पंचायत के 33 वार्ड सदस्यों के चुनाव में जिले के पांच विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर है। हर वार्ड में भाजपा के प्रत्याशियों की राह आसान नजर नहीं आ रही है। किसान आंदोलन और स्थानीय मुद्दों पर मतदाता बंटे हुए नजर आए। गांवों में लोगों ने पार्टी को कम स्थानीय स्तर पर हुए कार्यों को अधिक तरजीह दी। ये भी तब, जबकि अधिकतर वार्डों में टिकट विधायकों की सिफारिशों पर हुए हैं।


जिले में जहां चुनाव हुए हैं, वहां सभी विधायक भाजपा के हैं। दक्षिण से सोमेंद्र तोमर, सरधना से संगीत सोम, किठौर से सत्यवीर त्यागी, हस्तिनापुर से दिनेश खटीक और सिवालखास से जितेंद्र सतवाई सभी वार्डों में अपने प्रत्याशियों को जिताने की कोशिश में थे। चुनाव के नतीजे प्रत्याशियों के साथ-साथ विधायकों के लिए अहम होंगे। अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में किस विधायक का क्या असर है, ये परिणाम से स्पष्ट हो जाएगा। दूसरी ओर रालोद, सपा, बसपा और कांग्रेस के पास चुनाव में खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। इन दलों ने अधिकतर वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। एक-दो वार्ड को छोड़कर अधिकतर जगह त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया। हालांकि कृषि कानूनों को लेकर पहले से दिख रहा गुस्सा अगर मतदान के रूप में भी सामने आया तो नतीजे बिल्कुल अलग होंगे।

यह भी पढ़ें: मेरठ में बड़ा संकट: केएमसी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से नौ मरीजों की मौत, मचा हड़कंप

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed