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Meerut News: पंच परमेश्वर ने दिया न्याय मित्रता का संदेश
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नौचंदी पटेल मंडप में हम कम नाट्य संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नाटक प्रस्तुत करते कलाकार।
पटेल मंडप में हम कदम नाट्य संस्था ने नाटिका में किया मित्रता, न्याय और नैतिक मूल्यों जीवंत मंचन
नाटिका से बताया पंच की वाणी में परमेश्वर का वास होता है
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नौचंदी मेला स्थित पटेल मंडप में हम कदम नाट्य संस्था ने मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी पंच परमेश्वर का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन किया। नाटक में मित्रता, न्याय और नैतिक मूल्यों का ऐसा जीवंत मंचन किया कि दर्शक भावुक हो उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद, भारत भूषण शर्मा, मेला समिति सदस्य नरेंद्र राष्ट्रवादी और नासिर सैफी ने किया। नाटक की कहानी दो घनिष्ठ मित्रों जुम्मन शेख और अलगू चौधरी के इर्द-गिर्द घूमती है। जुम्मन शेख अपनी बूढ़ी खाला की संपत्ति अपने नाम कराने के बाद उनकी उपेक्षा करने लगते हैं। जिससे आहत होकर खाला पंचायत बुलाती हैं। पंचायत में सरपंच बने अलगू चौधरी मित्रता से ऊपर उठकर न्याय का साथ देते हुए जुम्मन के खिलाफ फैसला सुनाते हैं। इस निर्णय से दोनों मित्रों के संबंध टूट जाते हैं।
समय बीतने के बाद जब अलगू चौधरी स्वयं एक विवाद में फंसते हैं और पंचायत में जुम्मन शेख को सरपंच चुना जाता है। तब उन्हें एहसास होता है कि पंचायत की गद्दी पर बैठने वाला व्यक्ति न किसी का मित्र होता है और न शत्रु। जुम्मन निष्पक्ष होकर अलगू के पक्ष में फैसला सुनाते हैं। इसके साथ ही दोनों में फिर से मित्रता हो जाती है। इस नाटिका से यह संदेश दिया गया कि पंच की वाणी में परमेश्वर का वास होता है।
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पूरे नाटक को देखने वाले प्रोफेसर असलम शमदेशपुरी ने कहा कि कहानी मित्रता, न्याय, नैतिकता का सुंदर उदाहरण है। ऐसे नाटक समाज को नया संदेश देते हैं। नाटक का नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन आबिद ने किया। सह निर्देशन साजिद सैफी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान एएमए विंध्याचल कुशवाहा, मेला समिति सदस्य अंकुर गोयल, भाजपा नेता आलोक सिसोदिया रहे।
अयाज बने जुम्मन, साजिद ने किया अलगू का अभिनय
नाटक में जुम्मन शेख की भूमिका अयाज सैफी ने प्रभावशाली ढंग से निभाई, जबकि अलगू चौधरी के पात्र में साजिद सैफी ने शानदार अभिनय किया। खाला की भूमिका में रेनी शर्मा और नसीबन के पात्र में प्रियांशी नेगी ने दर्शकों को भावुक कर दिया। चौधरन की भूमिका जानकी, मुंशी का पात्र गगन वर्मा, संजू साहू की भूमिका शैलजा प्रजापति तथा पंडित जी की भूमिका रचना ने निभाई। ढिंढोरची के रूप में गुंजन ने मंच पर जीवंत प्रस्तुति दी। ग्रामीण पात्रों में अंशिका, उन्नति प्रजापति एवं दक्ष प्रताप ने भी अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
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नाटिका से बताया पंच की वाणी में परमेश्वर का वास होता है
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नौचंदी मेला स्थित पटेल मंडप में हम कदम नाट्य संस्था ने मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी पंच परमेश्वर का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन किया। नाटक में मित्रता, न्याय और नैतिक मूल्यों का ऐसा जीवंत मंचन किया कि दर्शक भावुक हो उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद, भारत भूषण शर्मा, मेला समिति सदस्य नरेंद्र राष्ट्रवादी और नासिर सैफी ने किया। नाटक की कहानी दो घनिष्ठ मित्रों जुम्मन शेख और अलगू चौधरी के इर्द-गिर्द घूमती है। जुम्मन शेख अपनी बूढ़ी खाला की संपत्ति अपने नाम कराने के बाद उनकी उपेक्षा करने लगते हैं। जिससे आहत होकर खाला पंचायत बुलाती हैं। पंचायत में सरपंच बने अलगू चौधरी मित्रता से ऊपर उठकर न्याय का साथ देते हुए जुम्मन के खिलाफ फैसला सुनाते हैं। इस निर्णय से दोनों मित्रों के संबंध टूट जाते हैं।
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समय बीतने के बाद जब अलगू चौधरी स्वयं एक विवाद में फंसते हैं और पंचायत में जुम्मन शेख को सरपंच चुना जाता है। तब उन्हें एहसास होता है कि पंचायत की गद्दी पर बैठने वाला व्यक्ति न किसी का मित्र होता है और न शत्रु। जुम्मन निष्पक्ष होकर अलगू के पक्ष में फैसला सुनाते हैं। इसके साथ ही दोनों में फिर से मित्रता हो जाती है। इस नाटिका से यह संदेश दिया गया कि पंच की वाणी में परमेश्वर का वास होता है।
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पूरे नाटक को देखने वाले प्रोफेसर असलम शमदेशपुरी ने कहा कि कहानी मित्रता, न्याय, नैतिकता का सुंदर उदाहरण है। ऐसे नाटक समाज को नया संदेश देते हैं। नाटक का नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन आबिद ने किया। सह निर्देशन साजिद सैफी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान एएमए विंध्याचल कुशवाहा, मेला समिति सदस्य अंकुर गोयल, भाजपा नेता आलोक सिसोदिया रहे।
अयाज बने जुम्मन, साजिद ने किया अलगू का अभिनय
नाटक में जुम्मन शेख की भूमिका अयाज सैफी ने प्रभावशाली ढंग से निभाई, जबकि अलगू चौधरी के पात्र में साजिद सैफी ने शानदार अभिनय किया। खाला की भूमिका में रेनी शर्मा और नसीबन के पात्र में प्रियांशी नेगी ने दर्शकों को भावुक कर दिया। चौधरन की भूमिका जानकी, मुंशी का पात्र गगन वर्मा, संजू साहू की भूमिका शैलजा प्रजापति तथा पंडित जी की भूमिका रचना ने निभाई। ढिंढोरची के रूप में गुंजन ने मंच पर जीवंत प्रस्तुति दी। ग्रामीण पात्रों में अंशिका, उन्नति प्रजापति एवं दक्ष प्रताप ने भी अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

नौचंदी पटेल मंडप में हम कम नाट्य संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नाटक प्रस्तुत करते कलाकार।