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Meerut News: मंगल पांडे के बलिदान को किया नमन
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- आर्य समाज बुढ़ाना द्वार की ओर से किया गया कार्यक्रम
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज बुढ़ाना द्वार की ओर से रविवार को चतुर्वेद पारायण शृंखला यज्ञ के तहत ऋग्वेद के मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां दी गईं। यज्ञ के यजमान सुशील बंसल एवं गीता बंसल रहे। अध्यक्षता सत्यव्रत चौरसिया ने की।
मुख्य वक्ता आर्य कन्या गुरुकुल दवथला के संचालक आचार्य प्रमोद शास्त्री ने कहा कि 1857 की क्रांति की पहली चिंगारी प्रज्ज्वलित करने वाले अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि मात्र 30 वर्ष की आयु में अंग्रेज सरकार ने उन्हें फांसी दे दी। उनका बलिदान आजादी की लौ बनकर पूरे देश में फैल गया।
जिला प्रधान सुशील बंसल ने कहा कि जिन महापुरुषों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज उनके आदर्शों को राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सदैव स्मरण रखना चाहिए। कार्यक्रम में अमित कांत, मनीष गोयल, अलका गुप्ता एवं तरुण रस्तोगी ने देशभक्ति भजनों के माध्यम से क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन संजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सोम प्रकाश रस्तोगी, मनोज प्रजापति, नरेश, योगेश गुप्ता, विजय आर्य, चंद्रगुप्त कथूरिया, रेखा गुप्ता, नंदिनी रस्तोगी रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज बुढ़ाना द्वार की ओर से रविवार को चतुर्वेद पारायण शृंखला यज्ञ के तहत ऋग्वेद के मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां दी गईं। यज्ञ के यजमान सुशील बंसल एवं गीता बंसल रहे। अध्यक्षता सत्यव्रत चौरसिया ने की।
मुख्य वक्ता आर्य कन्या गुरुकुल दवथला के संचालक आचार्य प्रमोद शास्त्री ने कहा कि 1857 की क्रांति की पहली चिंगारी प्रज्ज्वलित करने वाले अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि मात्र 30 वर्ष की आयु में अंग्रेज सरकार ने उन्हें फांसी दे दी। उनका बलिदान आजादी की लौ बनकर पूरे देश में फैल गया।
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जिला प्रधान सुशील बंसल ने कहा कि जिन महापुरुषों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज उनके आदर्शों को राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सदैव स्मरण रखना चाहिए। कार्यक्रम में अमित कांत, मनीष गोयल, अलका गुप्ता एवं तरुण रस्तोगी ने देशभक्ति भजनों के माध्यम से क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन संजय गुप्ता ने किया। इस अवसर पर सोम प्रकाश रस्तोगी, मनोज प्रजापति, नरेश, योगेश गुप्ता, विजय आर्य, चंद्रगुप्त कथूरिया, रेखा गुप्ता, नंदिनी रस्तोगी रहे।
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