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Meerut News: हस्तिनापुर में बारिश से धान-गन्ने की फसल बर्बाद, किसान चिंतित
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तारापुर के जंगल में दो महीनों से खेतों में भरा बारिश का पानी और जमे सफेद कमल स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। बारिश से खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल पर बारिश का असर पड़ा है। बृहस्पतिवार से शुक्रवार दोपहर तक हुई बारिश से खेतों में दोबारा पानी भर गया।
इससे फसलों की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण कंबाइन मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे धान की कटाई रुक गई है। गन्ने की फसल भी खेतों में खड़ी है। शुगर मिलों का पेराई सत्र एक सप्ताह में शुरू होने वाला है। ऐसे में पानी भरे खेतों से गन्ने की छिलाई और उसे मिलों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है।
सरदार सुंदर सिंह, रणधीर सिंह, जगजीत सिंह, महेंद्र सिंह और ध्यान सिंह जैसे किसानों का कहना है कि बारिश का सिलसिला दो महीने से जारी है। खेतों में भरा पानी सूखने से पहले ही दोबारा बारिश हो जाती है। इससे हजारों हेक्टेयर गन्ने और धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। खादर क्षेत्र के तारापुर, भीकुंड, किशनपुर, हादीपुर गावड़ी, सिरजोपुर, दूधली, बस्तौरा नारंग, जलालपुर और मकबूलपुर सहित कई गांवों के जंगल में पानी भरा है। किसानों को डर है कि मौसम साफ न हुआ तो गन्ने की आपूर्ति प्रभावित होगी।
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हस्तिनापुर। बारिश से खादर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल पर बारिश का असर पड़ा है। बृहस्पतिवार से शुक्रवार दोपहर तक हुई बारिश से खेतों में दोबारा पानी भर गया।
इससे फसलों की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। खेतों में जलभराव के कारण कंबाइन मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे धान की कटाई रुक गई है। गन्ने की फसल भी खेतों में खड़ी है। शुगर मिलों का पेराई सत्र एक सप्ताह में शुरू होने वाला है। ऐसे में पानी भरे खेतों से गन्ने की छिलाई और उसे मिलों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है।
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सरदार सुंदर सिंह, रणधीर सिंह, जगजीत सिंह, महेंद्र सिंह और ध्यान सिंह जैसे किसानों का कहना है कि बारिश का सिलसिला दो महीने से जारी है। खेतों में भरा पानी सूखने से पहले ही दोबारा बारिश हो जाती है। इससे हजारों हेक्टेयर गन्ने और धान की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। खादर क्षेत्र के तारापुर, भीकुंड, किशनपुर, हादीपुर गावड़ी, सिरजोपुर, दूधली, बस्तौरा नारंग, जलालपुर और मकबूलपुर सहित कई गांवों के जंगल में पानी भरा है। किसानों को डर है कि मौसम साफ न हुआ तो गन्ने की आपूर्ति प्रभावित होगी।
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