ऑनर किलिंग : बहन की प्रेम कहानी से नाराज भाई ने रची खतरनाक साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में ऑनर किलिंग के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बहन और उसके प्रेमी की हत्या कर दोनों के शवों को गंगनहर में फेंक दिया। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि गंगनहर में शवों की तलाश जारी है।
मंसूरपुर रेलवे लाइन पार बस्ती निवासी सतीश वाल्मीकि का पुत्र अरुण (18) 10 अप्रैल से लापता था। बस्ती के कुछ लोगों ने अरुण को ले जाते हुए कृष्ण और काजू को देखा था। लापता अरुण के परिजनों ने कृष्ण और काजू पर शक जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर सुभाष सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात कृष्ण और काजू से पूछताछ की गई।
आंचल से अरुण का प्रेम-प्रसंग चल रहा था
इंस्पेक्टर के मुताबिक कृष्ण ने बताया कि उसकी बहन आंचल से अरुण का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी वजह से परिवार ने उसकी बहन को गांव खानपुर में अपने मामा के यहां भेज दिया था। इसके बावजूद अरुण आंचल से मिलता रहा। इसी बात से नाराज होकर 10 अप्रैल को कृष्ण ने अपनी बहन आंचल से अरुण को फोन करवाकर गांव खानपुर में मिलने के लिए बुलवाया। फोन आने पर अरुण अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए घर से चला था। मंसूरपुर में ही रास्ते में युवती के भाई कृष्ण और उसके दोस्त काजू ने अरुण को किसी बहाने से बाइक पर बैठा लिया। कृष्ण ने बताया कि अरुण को लेकर वह खतौली के रेलवे के लोहे के पुल के पास पहुंचे। कृष्ण और दोस्त काजू ने गला दबाकर अरुण की हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया। दो दिन बाद 12 अप्रैल को कृष्ण अपनी बहन आंचल को घर लाने के बहाने जौली गंगनहर पर पहुंचा। रात के समय कृष्ण ने दोस्त काजू के साथ मिलकर बहन आंचल की भी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को गंगनहर में फेंक दिया। मृतक अरुण के पिता सतीश वाल्मीकि की ओर से फिलहाल इन आरोपियों के धारा 364 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी काजू के पिता समेत तीन रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है।