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आउटसोर्स कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी पर कार्यरत संयुक्त आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया। पांच सूत्रीय मांगे न माने जाने पर कर्मचारियों ने 30 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
मेरठ में करीब 800 संयुक्त आउट सोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों की मांग है कि 31 मार्च 2019 को कार्य मुक्त किए गए सभी स्टाफ नर्स (अवनि परिधि) की दोबारा सेवाएं बहाल की जाएं। कर्मचारियों को पूरी तरह एनआरएचएम में समायोजित किया जाए। वहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये किया जाए। कर्मचारियों को 20 सीएल, 16 चिकित्सालीय और महिला कर्मचारियों को छह माह का प्रसूति अवकाश दिया जाए। कर्मचारियों ने तय किया है कि 24 सितंबर तक काला पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 25 से 26 सितंबर तक आपातकालीन सेवाएं छोड़कर दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। 27 सितंबर को ईको गार्डन में धरना प्रदर्शन करेंगे। मांगे न पूरी होने पर 30 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों का अनुबंध 30 सितंबर को खत्म हो रहा है।
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मेरठ में नहीं दिखा हड़ताल का असर, चलीं एंबुलेंस
मेरठ। उत्तर प्रदेश में सरकारी इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा 108 और 102 के ड्राइवर रविवार रात हड़ताल पर चले गए थे, लेकिन मेरठ में इसका असर दिखाई नहीं दिया। सोमवार को यहां एंबुलेंस चलीं। सीएमओ ने इस संबंध में पुलिस से मदद मांगी थी कि कुछ पुराने ड्राइवर एंबुलेंस बंद कराने की कोशिश कर सकते हैं। यदि वे ऐसा करें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एंबुलेंस सेवा के इंचार्ज प्रोमिल त्यागी ने बताया कि मेरठ के अलावा बागपत, सहारनपुर आदि जिले भी वही देखते हैं, वहां भी एंबुलेंस रुकने नहीं दी है। एंबुलेंस रोकने वालों पर सरकार ने एस्मा के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
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मेरठ में करीब 800 संयुक्त आउट सोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों की मांग है कि 31 मार्च 2019 को कार्य मुक्त किए गए सभी स्टाफ नर्स (अवनि परिधि) की दोबारा सेवाएं बहाल की जाएं। कर्मचारियों को पूरी तरह एनआरएचएम में समायोजित किया जाए। वहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये किया जाए। कर्मचारियों को 20 सीएल, 16 चिकित्सालीय और महिला कर्मचारियों को छह माह का प्रसूति अवकाश दिया जाए। कर्मचारियों ने तय किया है कि 24 सितंबर तक काला पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 25 से 26 सितंबर तक आपातकालीन सेवाएं छोड़कर दो घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। 27 सितंबर को ईको गार्डन में धरना प्रदर्शन करेंगे। मांगे न पूरी होने पर 30 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों का अनुबंध 30 सितंबर को खत्म हो रहा है।
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मेरठ में नहीं दिखा हड़ताल का असर, चलीं एंबुलेंस
मेरठ। उत्तर प्रदेश में सरकारी इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा 108 और 102 के ड्राइवर रविवार रात हड़ताल पर चले गए थे, लेकिन मेरठ में इसका असर दिखाई नहीं दिया। सोमवार को यहां एंबुलेंस चलीं। सीएमओ ने इस संबंध में पुलिस से मदद मांगी थी कि कुछ पुराने ड्राइवर एंबुलेंस बंद कराने की कोशिश कर सकते हैं। यदि वे ऐसा करें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एंबुलेंस सेवा के इंचार्ज प्रोमिल त्यागी ने बताया कि मेरठ के अलावा बागपत, सहारनपुर आदि जिले भी वही देखते हैं, वहां भी एंबुलेंस रुकने नहीं दी है। एंबुलेंस रोकने वालों पर सरकार ने एस्मा के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।
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