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वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों के लिए शुरू की ओटीएस
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वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों के लिए ओटीएस
मेरठ। विद्युत निगम ने शहरी एवं ग्रामीण वाणिज्यिक, निजी संस्थान और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं की खातिर अल्प अवधि के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। यह 15 दिसंबर से 31 जनवरी 2021 तक चलेगी। यह जानकारी पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने दी।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते प्रदेश सरकार ने वाणिज्यिक, निजी संस्थान एवं औद्योगिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को उनके 30 नवंबर तक के बकाये पर सरचार्ज के रूप में लगाई धनराशि पर 100 फीसदी छूट दी जाएगी। योजना में पंजीकरण कराने के लिए उपभोक्ता को अपने निकट के खंड या उपखंड कार्यालय में जाना होगा। पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं को उनके नवंबर तक के विद्युत बिल में प्रदर्शित मूल धनराशि का 30 फीसदी और दिनांक 30 नवंबर के उपरांत वर्तमान देयों के साथ जमा करना होगा। इसके बाद ही उनका पंजीकरण पूर्ण होगा। यदि उपभोक्ता पंजीकरण के बाद विद्युत बिल संशोधन का विकल्प चुनता है तो अधिशासी अभियंता एक सप्ताह के अंदर ऑनलाइन बिल संशोधन करेंगे और उसका मेसेज उपभोक्ता के पास भेजेंगे। किसी भी स्थिति में मैैनुअल रसीद से भुगतान प्राप्त नहीं किया जाएगा। सभी भुगतान ऑनलाइन ओटीएस मद में ही जाएंगे।
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मेरठ। विद्युत निगम ने शहरी एवं ग्रामीण वाणिज्यिक, निजी संस्थान और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं की खातिर अल्प अवधि के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। यह 15 दिसंबर से 31 जनवरी 2021 तक चलेगी। यह जानकारी पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने दी।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के चलते प्रदेश सरकार ने वाणिज्यिक, निजी संस्थान एवं औद्योगिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं को उनके 30 नवंबर तक के बकाये पर सरचार्ज के रूप में लगाई धनराशि पर 100 फीसदी छूट दी जाएगी। योजना में पंजीकरण कराने के लिए उपभोक्ता को अपने निकट के खंड या उपखंड कार्यालय में जाना होगा। पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं को उनके नवंबर तक के विद्युत बिल में प्रदर्शित मूल धनराशि का 30 फीसदी और दिनांक 30 नवंबर के उपरांत वर्तमान देयों के साथ जमा करना होगा। इसके बाद ही उनका पंजीकरण पूर्ण होगा। यदि उपभोक्ता पंजीकरण के बाद विद्युत बिल संशोधन का विकल्प चुनता है तो अधिशासी अभियंता एक सप्ताह के अंदर ऑनलाइन बिल संशोधन करेंगे और उसका मेसेज उपभोक्ता के पास भेजेंगे। किसी भी स्थिति में मैैनुअल रसीद से भुगतान प्राप्त नहीं किया जाएगा। सभी भुगतान ऑनलाइन ओटीएस मद में ही जाएंगे।
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