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Meerut News: यूजीसी नए नियमों पर भड़के संगठन और छात्र, प्रदर्शन कर जताया आक्रोश

Thu, 29 Jan 2026 03:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 03:05 AM IST
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Organizations and students protested against the new UGC rules and expressed their anger.
यूजीसी के विरोध में सीसीएसयू परिसर के अंदर प्रदर्शन करते छात्र।  .......... संवाद......... कादि
मेरठ। यूजीसी द्वारा प्रस्तावित नए नियमों का विरोध बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी जिले में कई स्थनों पर विरोध प्रदर्शन हुए। सवर्ण समाज के विभिन्न संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। लोग नए नियमों को काला कानून बताकर वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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बुधवार को सत्य सनातन रक्षक दल के एक कार्यक्रम में संगठन के जिला अध्यक्ष कार्तिक हिंदू ने यूजीसी बिल को काला कानून बताते हुए इसके प्रावधानों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस बिल में कई खामियां हैं। इनसे समाज में असंतुलन पैदा हो सकता है। संगठन से जुड़े योगेंद्र योगी ने आरोप लगाया कि नए नियमों के लागू होने से झूठी शिकायतों में वृद्धि होगी और निष्पक्ष सुनवाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। यह कानून हिंदू समाज को एकजुट करने के बजाय विभाजित करने का काम करेगा। कार्यक्रम में ठाकुर रुपेंद्र चौहान, अक्षय अग्रवाल, विनय शर्मा, मधुर बंसल, अनुज सिंह और मनीष सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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आज सवर्ण समाज की बैठक
युवा ब्राह्मण समाज संगठन की ओर से एनएएस इंटर कॉलेज में सर्व सवर्ण समाज और मातृ शक्ति की बैठक आयोजित की जाएगी। व्यापारी नेता पुनीत शर्मा ने बताया कि इस आंदोलन में क्रांतिधरा की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी समाज के खिलाफ नहीं बल्कि उत्पीड़न के खिलाफ है। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
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यूजीसी बिल समाज के लिए सकारात्मक : छात्र नेता
सीसीएसयू के छात्र नेता विनीत चपराना ने यूजीसी बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह फैसला समाज में सकारात्मक संदेश देता है। उनके अनुसार, इससे हाशिए पर खड़े वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी माना कि उत्पीड़न पर सख्त कानून जरूरी है लेकिन झूठी शिकायतों पर रोक लगाने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो।

विरोध में करणी सेना व किसान संगठन का प्रदर्शन
मेरठ। यूजीसी द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों के विरोध में बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में करणी सेना, भारतीय किसान मजदूर संगठन और छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संस्थानों में इक्विटी कमिटी, इक्विटी स्क्वॉड और 24 घंटे की हेल्पलाइन जैसे प्रावधान केवल आरक्षित वर्गों की शिकायतों पर केंद्रित हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न तो सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का कोई प्रावधान। इससे परिसर में तनाव बढ़ेगा और छात्रों पर मानसिक दबाव बनेगा। प्रदर्शन में भारतीय किसान मजदूर संगठन के मदन पाल सिंह, नगर अध्यक्ष राहुल कुशवाहा, करणी सेना के पदाधिकारी और छात्र नेता शामिल रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने चुनाव के चलते छात्रों को परिसर से बाहर जाने से रोक दिया।

यूजीसी के विरोध में सीसीएसयू परिसर के अंदर प्रदर्शन करते छात्र।  .......... संवाद......... कादि

यूजीसी के विरोध में सीसीएसयू परिसर के अंदर प्रदर्शन करते छात्र।  .......... संवाद......... कादि

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