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ऑनर किलिंगः सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खाप पंयाचत ने किया विरोध, कहा- ऐसा होने नहीं देंगे

Wed, 28 Mar 2018 12:36 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 28 Mar 2018 12:36 PM IST
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Opposition of the Supreme Court decision, Khap Paiyachat said, Do not let this happen at all
फाइल फोटो

बालिग की शादी में खाप पंचायतों के हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खाप चौधरियों का कहना है कि सगोत्र विवाह को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का सम्मान है, लेकिन जिस इस तरह के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना जरूरी है। वेदों में भी सगोत्र विवाह को मान्यता नहीं दी गई है।

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बिजरौल गांव में देश खाप के थांबेदार यशपाल चौधरी के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें यशपाल चौधरी ने कहा कि शादी विवाह एक पवित्र परंपरा है। पुरातन काल से भारतीय संस्कृति में अलग-अलग गोत्र में विवाह कराने की परंपरा रही है, यह व्यवस्था सभी समाज और सभी बिरादरी के लोगों के बीच मान्य है। सुप्रीम कोर्ट का सम्मान प्रत्येक व्यक्ति करता है। यह देश की सबसे बड़ी न्याय व्यवस्था है, लेकिन इस तरह के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। जरूरी हुआ तो हरियाणा और यूपी की खाप पंचायतें अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस पर जल्द ही क्षेत्र के खाप चौधरियों की मीटिंग बुलाई जाएगी। रविंद्र प्रधान, सतबीर सिंह, हरबीर सिंह, रविंद्र कुमार, नेपाल सिंह, इकबाल सिंह रहे।
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बोले खाप चौधरी, सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर करना चाहिए पुनर्विचार

Opposition of the Supreme Court decision, Khap Paiyachat said, Do not let this happen at all
बिजरौल गांव में बैठक को संबोधित करते यशपाल चौधरी

देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सगोत्र विवाह को सामाजिक मंजूरी नहीं दी जा सकती। यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारतीय समाज की पुरातन संस्कृति की परंपरा है। अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और गोत्र परंपरा से अवगत कराएं। युवा पीढ़ी को जागरूक किया जाना जरूरी है।

चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष का कहना है कि पहले सामाजिक जागरूकता जरूरी है। युवाओं को खाप और गोत्र परंपरा के विषय में बताया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन यह विचार होना चाहिए कि क्या भारतीय समाज में ऐसे फैसले स्वीकार्य हैं। प्रत्येक बिरादरी और समाज के शादी विवाह के अपने पैमाने हैं, जिनका पालन किया जाता है। सगोत्र विवाह को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।

गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह का कहना है कि सगोत्रीय विवाह बर्दाश्त नहीं होगा। अपने गोत्र को बचाकर कहीं भी शादी की जा सकती है। खाप पंचायत किसी पर जोर जबरदस्ती नहीं करती हैं, लेकिन समाज को सही राह दिखाना खाप पंचायत का कार्य है, जिसे खाप करती रहेगी।

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