ऑनर किलिंगः सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खाप पंयाचत ने किया विरोध, कहा- ऐसा होने नहीं देंगे
बालिग की शादी में खाप पंचायतों के हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खाप चौधरियों का कहना है कि सगोत्र विवाह को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का सम्मान है, लेकिन जिस इस तरह के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना जरूरी है। वेदों में भी सगोत्र विवाह को मान्यता नहीं दी गई है।
बिजरौल गांव में देश खाप के थांबेदार यशपाल चौधरी के आवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें यशपाल चौधरी ने कहा कि शादी विवाह एक पवित्र परंपरा है। पुरातन काल से भारतीय संस्कृति में अलग-अलग गोत्र में विवाह कराने की परंपरा रही है, यह व्यवस्था सभी समाज और सभी बिरादरी के लोगों के बीच मान्य है। सुप्रीम कोर्ट का सम्मान प्रत्येक व्यक्ति करता है। यह देश की सबसे बड़ी न्याय व्यवस्था है, लेकिन इस तरह के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। जरूरी हुआ तो हरियाणा और यूपी की खाप पंचायतें अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। इस पर जल्द ही क्षेत्र के खाप चौधरियों की मीटिंग बुलाई जाएगी। रविंद्र प्रधान, सतबीर सिंह, हरबीर सिंह, रविंद्र कुमार, नेपाल सिंह, इकबाल सिंह रहे।
बोले खाप चौधरी, सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर करना चाहिए पुनर्विचार
देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सगोत्र विवाह को सामाजिक मंजूरी नहीं दी जा सकती। यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारतीय समाज की पुरातन संस्कृति की परंपरा है। अभिभावकों का कर्तव्य है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति और गोत्र परंपरा से अवगत कराएं। युवा पीढ़ी को जागरूक किया जाना जरूरी है।
चौबीसी खाप के चौधरी सुभाष का कहना है कि पहले सामाजिक जागरूकता जरूरी है। युवाओं को खाप और गोत्र परंपरा के विषय में बताया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी सम्मान करते हैं, लेकिन यह विचार होना चाहिए कि क्या भारतीय समाज में ऐसे फैसले स्वीकार्य हैं। प्रत्येक बिरादरी और समाज के शादी विवाह के अपने पैमाने हैं, जिनका पालन किया जाता है। सगोत्र विवाह को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।
गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह का कहना है कि सगोत्रीय विवाह बर्दाश्त नहीं होगा। अपने गोत्र को बचाकर कहीं भी शादी की जा सकती है। खाप पंचायत किसी पर जोर जबरदस्ती नहीं करती हैं, लेकिन समाज को सही राह दिखाना खाप पंचायत का कार्य है, जिसे खाप करती रहेगी।
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We'll oppose SC's decision. 'Sagotra marriage' isn't allowed as per Vedas& we're believers of it. It's harmful for society. Khap won't let it happen. People living in same village are brother-sister how can they become man & wife?: Yashpal Choudhary, Thamba Khap President #Bagpat pic.twitter.com/jkFENtph94
— ANI UP (@ANINewsUP) 27 मार्च 2018