{"_id":"698b988bb76dc0e79903bec7","slug":"only-through-devotion-does-human-life-become-cultured-and-meaningful-bhavbhushan-maharaj-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104450-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"भक्ति से ही बनता है मानव जीवन संस्कारी और सार्थक: भावभूषण महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भक्ति से ही बनता है मानव जीवन संस्कारी और सार्थक: भावभूषण महाराज
विज्ञापन
प्राचीन दिगंबर जैन कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मन्दिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि हेतु चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के दौरान विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से अभिषेक का सौभाग्य आरव जैन को प्राप्त हुआ और शांतिधारा तरूण जैन और हर्ष जैन ने की।
प्रवचन में भक्ति और संस्कारों पर जोर भावभूषण महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि प्रभु की भक्ति से ही मानव जीवन संस्कारी और सार्थक बनता है। भक्ति के मार्ग पर चलने से विचार स्वतः पवित्र होने लगते हैं। संसार में अच्छाई और बुराई दोनों विद्यमान हैं, किंतु हम क्या ग्रहण करते हैं। यह हमारे विचारों और संस्कारों पर निर्भर करता है। यदि मन शुद्ध हो, तो हर परिस्थिति में अच्छाई दिखाई देती है। मन को पावन बनाने के लिए प्रभु भक्ति हेतु नियमित रूप से समय निकालना अत्यंत आवश्यक है।
81 परिवारों की ओर से आयोजित इस विधान में रजत जैन, सुनील, सीमा जैन, हरीशचंद जैन, गौरव जैन, नीतू जैन, अरिहंत जैन, सिद्धार्थ जैन, राजीव जैन, ललिता जैन, संजीव जैन, मीनू जैन, संजोग जैन, पैमेला जैन, हर्ष जैन, मधु जैन और सलिल जैन सहित अनेक धर्मप्रेमी बंधुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। भक्तामर पाठ का शुभारंभ क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने किया। समस्त स्थानीय जैन समाज ने कार्यक्रमों में सहभागिता की।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रवचन में भक्ति और संस्कारों पर जोर भावभूषण महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि प्रभु की भक्ति से ही मानव जीवन संस्कारी और सार्थक बनता है। भक्ति के मार्ग पर चलने से विचार स्वतः पवित्र होने लगते हैं। संसार में अच्छाई और बुराई दोनों विद्यमान हैं, किंतु हम क्या ग्रहण करते हैं। यह हमारे विचारों और संस्कारों पर निर्भर करता है। यदि मन शुद्ध हो, तो हर परिस्थिति में अच्छाई दिखाई देती है। मन को पावन बनाने के लिए प्रभु भक्ति हेतु नियमित रूप से समय निकालना अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
81 परिवारों की ओर से आयोजित इस विधान में रजत जैन, सुनील, सीमा जैन, हरीशचंद जैन, गौरव जैन, नीतू जैन, अरिहंत जैन, सिद्धार्थ जैन, राजीव जैन, ललिता जैन, संजीव जैन, मीनू जैन, संजोग जैन, पैमेला जैन, हर्ष जैन, मधु जैन और सलिल जैन सहित अनेक धर्मप्रेमी बंधुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। भक्तामर पाठ का शुभारंभ क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने किया। समस्त स्थानीय जैन समाज ने कार्यक्रमों में सहभागिता की।
विज्ञापन