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दस दिन में बने महज आठ आधार कार्ड
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खरखौदा। अब परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की आधार कार्ड बनाने की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने प्रत्येक बीआरसी पर आधार कार्ड बनाना शुरू कर दिया था। खरखौदा बीआरसी पर भी दस दिन पहले आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि शिक्षकों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिल पाने के कारण मशीन एक्टीवेट नहीं हो पा रही हैं।
मिड डे मील में हो रही धांधली को रोकने समेत कई समस्याओं को लेकर शासन के परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को आधार कार्ड से जोड़ने की योजना है। वहीं, जब से आधार कार्ड को बैंक खातों समेत प्रत्येक क्षेत्र में अनिवार्य बना दिया है। आधार बनवाने के लिए जहां छात्र-छात्राओं समेत सभी को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए प्रशासन ने प्रत्येक बीआरसी पर व्यवस्था की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस योजना का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। जिसके लिए लखनऊ से आई टीम ने प्रत्येक बीआरसी से दो-दो शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण से पहले शिक्षकों की परीक्षा ली गई थी। इसमें उत्तीर्ण शिक्षकों को इस काम में लगाया। प्रत्येक बीआसी पर दो-दो किट दी गई। सबसे पहले इस योजना का खरखौदा बीआरसी से नौ दिसंबर को उद्घाटन किया जाना था। आधार कार्ड बनाने के लिए खरखौदा ब्लॉक के दो शिक्षक शहजाद एवं सुधीर कुमार को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण अच्छा नहीं मिलने से मशीन एक्टिवेट नहीं हो सकी है। इसके बाद विशेषज्ञ मशीनों को एक्टिवेट किया परंतु शासन से मिलने वाले नेट की स्पीड ठीक नहीं होने के कारण आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। पिछले दस दिन में केवल आठ आधार कार्ड ही बन सके हैं।
प्रशिक्षण की कमी के कारण शिक्षक मशीनों को एक्टिवेट नहीं कर पाए। अब नेट की स्पीड कम आने से कार्य नहीं हो पा रहा है। बीच में दो दिन के लिए नेट बंद रहा। बुधवार को फिर से काम शुरू किया गया है। बुधवार को छह आधार कार्ड बनाए गए हैं। -तौसीफ अहमद, खंड शिक्षा अधिकारी खरखौदा।
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मिड डे मील में हो रही धांधली को रोकने समेत कई समस्याओं को लेकर शासन के परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को आधार कार्ड से जोड़ने की योजना है। वहीं, जब से आधार कार्ड को बैंक खातों समेत प्रत्येक क्षेत्र में अनिवार्य बना दिया है। आधार बनवाने के लिए जहां छात्र-छात्राओं समेत सभी को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए प्रशासन ने प्रत्येक बीआरसी पर व्यवस्था की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस योजना का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। जिसके लिए लखनऊ से आई टीम ने प्रत्येक बीआरसी से दो-दो शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण से पहले शिक्षकों की परीक्षा ली गई थी। इसमें उत्तीर्ण शिक्षकों को इस काम में लगाया। प्रत्येक बीआसी पर दो-दो किट दी गई। सबसे पहले इस योजना का खरखौदा बीआरसी से नौ दिसंबर को उद्घाटन किया जाना था। आधार कार्ड बनाने के लिए खरखौदा ब्लॉक के दो शिक्षक शहजाद एवं सुधीर कुमार को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण अच्छा नहीं मिलने से मशीन एक्टिवेट नहीं हो सकी है। इसके बाद विशेषज्ञ मशीनों को एक्टिवेट किया परंतु शासन से मिलने वाले नेट की स्पीड ठीक नहीं होने के कारण आधार कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। पिछले दस दिन में केवल आठ आधार कार्ड ही बन सके हैं।
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प्रशिक्षण की कमी के कारण शिक्षक मशीनों को एक्टिवेट नहीं कर पाए। अब नेट की स्पीड कम आने से कार्य नहीं हो पा रहा है। बीच में दो दिन के लिए नेट बंद रहा। बुधवार को फिर से काम शुरू किया गया है। बुधवार को छह आधार कार्ड बनाए गए हैं। -तौसीफ अहमद, खंड शिक्षा अधिकारी खरखौदा।
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