फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Only 35 medical stores are giving details of TB patients

टीबी खत्म करने की मुहिम को लग रहा पलीता

Mon, 07 Nov 2022 02:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 02:48 AM IST
विज्ञापन
Only 35 medical stores are giving details of TB patients
मेरठ। प्रधानमंत्री मोदी 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन मेडिकल स्टोर संचालक इसमें पलीता लगा रहे हैं। टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए मेडिकल स्टोरों को टीबी की दवा लेने वाले मरीजों का हर माह ब्योरा जिला क्षय रोग कार्यालय पर देने के निर्देश दिए गए, लेकिन सूचना सिर्फ 35 मेडिकल स्टोर संचालक ही दे रहे हैं, जबकि करीब 1700 मेडिकल स्टोरों को यह सूचना देनी चाहिए।
विज्ञापन

35 भी किसी महीने ही देते हैं, किसी-किसी महीने तो यह संख्या 5-10 तक सिमट जाती है। इस संबंध में कई बार बैठकें को जा चुकी हैं, मगर नतीजे में बदलाव नहीं आया है। जिला क्षय रोग विभाग को लगता है कि मेडिकल स्टोर स्वामी कारोबार प्रभावित न हो इसलिए टीबी रोगियों का ब्योरा नहीं दे रहे हैं, क्योंकि ब्योरा मिलने के बाद जिला क्षय रोग अस्पताल की टीम मरीज के घर जाकर बीमारी संबंधी डिटेल इकट्ठा करके उन्हें अपनी देखरेख में मुफ्त दवाएं देंगे। वहीं गंभीर मरीजों को पांच सौ रुपये तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए जाते हैं। इसलिए मेडिकल स्टोर संचालकों को डर है कि डिटेल देने के बाद मरीज उनसे दवाएं लेना बंद कर देंगे। वहीं, मेडिकल स्टोर वाले कहते हैं कि जब से सरकार ने दवाइयां मुफ्त देने का ज्यादा प्रचार प्रसार किया है, उनके पास चंद मरीज ही आ रहे हैं। वहीं, पिछले पांच साल में जिले में टीबी के करीब 39 हजार मरीज मिल चुके हैं।
विज्ञापन

अब टीबी के मरीज मेडिकल स्टोरों पर कम आ रहे हैं। बैठक में कई बार यह सुझाव दिया गया कि टीबी की दवा जो तीन कम्पनियां सप्लाई करती हैं, उनसे उन हॉल सेलर की सूची ले ली जाए, जिन्हें सप्लाई कर रहे हैं। इससे जानकारी लेने में आसानी होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- रजनीश कौशल, जिला महामंत्री केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन
कई बार बैठक कर टीबी रोगियों की सूचनाएं देने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन फिर भी अधिकांश केमिस्ट सूचना नहीं दे रहे हैं। यदि ये लोग निरंतर सूचना दें तो टीबी रोग मुक्त अभियान और परवान चढ़े।

- डॉ. गुलशन राय , जिला क्षय रोग अधिकारी
लक्षण हों, कोरोना न निकले तो हो टीबी की जांच
शासन के निर्देश दे चुकी है कि अगर कोरोना जैसे लक्षण हैं और जांच में कोरोना नहीं निकलता है तो ऐसे मरीजों की टीबी की जांच कराई जानी चाहिए। इन मरीजों को टीबी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed