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Meerut News: मुठभेड़- 5 एक शेर चला गया दो जिंदा हैं, देखना कितने जनाजे उठेंगे

Wed, 13 May 2026 11:05 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 11:05 PM IST
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One lion is gone, two are alive, let's see how many funerals will take place.
जुबैर के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शव लेने पहुंची बहन के बोल
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मुनीर की मौत के बाद जुबैर ने संभाल रखी थी गिरोह की कमान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जुबैर के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उसकी बहन मुबश्शिरा अन्य परिजन के साथ मेरठ मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। मुबश्शिरा अपने भाई की मौत से आहत थी लेकिन उसने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उसका एक शेर चला गया, दो जिंदा हैं। देखना अभी कितने जनाजे उठेंगे। इसके बाद उसके परिजन जुबैर का शव लेकर लौट गए। मुनीर के ‘द किलिंग मशीन ए गैंग’ की कमान जुबैर संभाल रहा था।
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जुबैर पहले मुनीर गैंग का शार्प शूटर था। वह गिरोह के लिए वारदातों को अंजाम देता था। बिजनौर के स्योहारा कस्बे के सहसपुर से 12वीं में फेल होने के बाद वर्ष 2009 में एएमयू में दाखिला लेने के लिए मुनीर पहुंचा था। मुनीर ने यहां पढ़ाई के स्थान पर अपराध का रास्ता पकड़ लिया। यासिर-फहद की मदद से पिस्टल खरीदकर उसने सोशल मीडिया पर ‘द किलिंग मशीन ए गैंग’ नाम से गिरोह का संचालन कर एक के बाद एक कई वारदात की गईं। मुनीर के गिरोह में अलीगढ़ के जुबैर के अलावा फर्रुखाबाद का आशुतोष मिश्रा, अंबेडकर नगर टांडा का सऊद, बिहार का अतीउल्लाह, आजमगढ़ का सादाब आदि शामिल थे। इस गिरोह ने ही एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद दंपती की हत्या की थी।
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बताया गया है कि डीएसपी तंजील पाकिस्तानी घुसपैठ मामले की जांच कर रहे थे। उस दौरान मुनीर की गिरफ्तारी हुई थी। तंजील अहमद और उनकी पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए मुनीर और उसके साथी रयान को 21 मई 2022 को बिजनौर के एडीजे कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। 21 नवंबर 2022 को बीएचयू में उसकी मौत हो गई थी। उसे यहां तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया था। इसके बाद से इस गिरोह की कमान जुबैर संभाल रहा था। उसके दो भाई भी इस गिरोह में शामिल हैं। उन्हें भी पुलिस तलाश रही है। उसकी बहन इन्हीं दोनों भाइयों के लिए कहा है कि वह अभी जिंदा हैं।
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मेरठ के छात्र को एएमयू में दौड़ाकर मारी थी गोली

एएसपी ने बताया कि जुबैर ने कुछ साल पहले मेरठ के रहने वाले छात्र से एएमयू में झगड़ा हुआ था। युवक जुबैर पर भारी पड़ा तो आरोपी ने पिस्टल निकाल ली थी। युवक जान बचाकर भागने लगा तो आरोपी ने उसके पैर में गोली मार दी थी।




2015 में की थी पहली लूट की वारदात

जुबैर की आयु 31 वर्ष थी। उसने पहली घर में घुसकर लूट की वारदात वर्ष 2015 में की थी। इस संबंध में अलीगढ़ के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस वर्ष उसने एक के बाद एक कई वारदात कीं।
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