{"_id":"68aa2c34f0e5b21d72041132","slug":"one-and-a-half-hour-protest-outside-the-house-employee-fainted-while-shouting-slogans-meerut-news-c-14-1-mrt1004-954965-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सदन के बाहर डेढ़ घंटा प्रदर्शन, नारे लगा रहा कर्मचारी बेहोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सदन के बाहर डेढ़ घंटा प्रदर्शन, नारे लगा रहा कर्मचारी बेहोश
विज्ञापन
सुनील कैथवास....सीसीएसयू के अटल आडीटोरियम में आयोजित नगर निगम की बोर्ड बैठक में विरोध प्रदर्शन
- फोटो : shiv tripathi
मेरठ। सदन के बाहर सफाई कर्मचारी संघ विनेश मनोठिया और अंदर अस्थायी सफाई कर्मचारी संघ महामंत्री अंकुश महरोल के साथी धरने पर बैठ गए। करीब डेढ़ घंटे तक सफाई कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। सदन के बाहर धरना-प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी नेता कामरेड सुरेश रिछपाल की तबीयत खराब हुई। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। इसके चलते वहां भगदड़ मच गई। अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी ने सुरेश रिछपाल को अपनी गाड़ी से अस्पताल में भिजवाकर भर्ती कराया।
विनेश मनोठिया ने कहा कि निगम में सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है। अब इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। दो साल से कर्मचारियों को झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। लगातार उनका शोषण हो रहा है। सफाई कर्मचारी लगातार सेवानिवृत हो रहे हैं। निगम नई भर्ती नहीं कर रहा है। नतीजतन, सफाई कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। 2415 कर्मचारी करीब 10-15 साल से निगम में सेवा दे रहे हैं, उन्हें स्थायी नहीं कर सकते तो संविदा पर भर्ती कीजिए।
कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि कीजिए। करीब सवा घंटे तक सदन के बाहर महापौर और नगर आयुक्त कर्मचारियों को समझाते रहे। शासन से भी मांगें पूरा कराने का आश्वासन देकर कर्मचारियों को शांत किया है। सदन के अंदर अस्थायी सफाई कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसमें नगर निगम की उपाध्यक्ष विमला वाल्मीकि, पार्षद कुलदीप वाल्मीकि, अरुण मचल, विनेश विद्यार्थी सहित कई पार्षद भी अंकुश महरोल के साथ मौजूद थे। उन्होंने भी ठेका प्रथा खत्म कर कर्मचारियों के उत्पीड़न बंद करने की मांग उठाईं। 15 मिनट उक्त कर्मचारियों को समझाने में महापौर और नगर आयुक्त को लगा।
विज्ञापन
विनेश मनोठिया के साथ धरने प्रदर्शन में राजकुमार सिद्धार्थ, प्रमोद चौधरी, मिथुन पर्चा, अमित बेनीवाल सुरेंद्र सिल्लू, राजकुमार टाक, राजकुमार वेद, मंगल भगत, सुभाष पारचा आदि धरना स्थल पर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विनेश मनोठिया ने कहा कि निगम में सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है। अब इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। दो साल से कर्मचारियों को झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। लगातार उनका शोषण हो रहा है। सफाई कर्मचारी लगातार सेवानिवृत हो रहे हैं। निगम नई भर्ती नहीं कर रहा है। नतीजतन, सफाई कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। 2415 कर्मचारी करीब 10-15 साल से निगम में सेवा दे रहे हैं, उन्हें स्थायी नहीं कर सकते तो संविदा पर भर्ती कीजिए।
विज्ञापन
कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि कीजिए। करीब सवा घंटे तक सदन के बाहर महापौर और नगर आयुक्त कर्मचारियों को समझाते रहे। शासन से भी मांगें पूरा कराने का आश्वासन देकर कर्मचारियों को शांत किया है। सदन के अंदर अस्थायी सफाई कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। इसमें नगर निगम की उपाध्यक्ष विमला वाल्मीकि, पार्षद कुलदीप वाल्मीकि, अरुण मचल, विनेश विद्यार्थी सहित कई पार्षद भी अंकुश महरोल के साथ मौजूद थे। उन्होंने भी ठेका प्रथा खत्म कर कर्मचारियों के उत्पीड़न बंद करने की मांग उठाईं। 15 मिनट उक्त कर्मचारियों को समझाने में महापौर और नगर आयुक्त को लगा।
विज्ञापन
विनेश मनोठिया के साथ धरने प्रदर्शन में राजकुमार सिद्धार्थ, प्रमोद चौधरी, मिथुन पर्चा, अमित बेनीवाल सुरेंद्र सिल्लू, राजकुमार टाक, राजकुमार वेद, मंगल भगत, सुभाष पारचा आदि धरना स्थल पर उपस्थित रहे।