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गंदगी में मिठाई बनाने वाले एफएसडीए के रडार पर
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मेरठ।
गंदगी में मिठाई आदि खाद्य पदार्थ बनाने वाले खाद्य सुरक्षा प्रशासन के रडार पर हैं। इसके लिए एफएसडीए ने छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही विभाग गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेगा। दुकानदारों को भी साफ-सफाई की हिदायत देकर कार्रवाई करेगा। लोगों में खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 16 अक्तूबर विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है।
एफएसडीए की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि अभियान के दौरान ग्राहकों से अपील की जाएगी कि वह गंदगी में बनाई जा रही खाद्य सामग्री न खरीदें। ग्राहक ऐसा करेंगे तो दुकानदारों में भी सुधार होगा। उन्होंने खाद्य पदार्थ बनाने वालों को मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में गंदगी में मिठाई आदि बनाने की तमाम शिकायतें आती हैं। गौरतलब है कि एफएसडीए हर साल अभियान चलाता है, मगर मिलावट के मामले कम नहीं हो रहे हैं।
ये हैं नियम
- खाद्य सामग्री खुले में न रखें
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें
- संक्रामक रोग से ग्रसित कर्मचारी को खाद्य निर्माण प्रतिष्ठान में न रखें
- बर्तन साफ और धुले हुए हों
- बासी खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें
---
बीमार होने का है खतरा
गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थ खाने से बीमार होने का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बदहजमी आदि शिकायतें हो सकती हैं। मिलावटी पदार्थ का लंबे समय तक प्रयोग करने पर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। -डॉ. तनुराज सिरोही, फिजीशियन
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गंदगी में मिठाई आदि खाद्य पदार्थ बनाने वाले खाद्य सुरक्षा प्रशासन के रडार पर हैं। इसके लिए एफएसडीए ने छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही विभाग गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेगा। दुकानदारों को भी साफ-सफाई की हिदायत देकर कार्रवाई करेगा। लोगों में खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 16 अक्तूबर विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है।
एफएसडीए की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि अभियान के दौरान ग्राहकों से अपील की जाएगी कि वह गंदगी में बनाई जा रही खाद्य सामग्री न खरीदें। ग्राहक ऐसा करेंगे तो दुकानदारों में भी सुधार होगा। उन्होंने खाद्य पदार्थ बनाने वालों को मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में गंदगी में मिठाई आदि बनाने की तमाम शिकायतें आती हैं। गौरतलब है कि एफएसडीए हर साल अभियान चलाता है, मगर मिलावट के मामले कम नहीं हो रहे हैं।
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ये हैं नियम
- खाद्य सामग्री खुले में न रखें
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें
- संक्रामक रोग से ग्रसित कर्मचारी को खाद्य निर्माण प्रतिष्ठान में न रखें
- बर्तन साफ और धुले हुए हों
- बासी खाद्य सामग्री का प्रयोग न करें
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बीमार होने का है खतरा
गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थ खाने से बीमार होने का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बदहजमी आदि शिकायतें हो सकती हैं। मिलावटी पदार्थ का लंबे समय तक प्रयोग करने पर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। -डॉ. तनुराज सिरोही, फिजीशियन
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