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हुमायूं का मकबरा तुड़वाने की मांग पर देवबंदी उलमा का करारा जवाब

Sun, 29 Oct 2017 01:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर Updated Sun, 29 Oct 2017 01:06 PM IST
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On demand of dismissing Humayun tomb... deobandi response to Ulama
देवबंदी उलमा

देवबंद में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर हुमायूं को लुटेरा बताते हुए उसके मकबरे को तुड़वाने की मांग की थी। इस पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी जताई है। उलमा का कहना है कि रिजवी को इस तरह की बातों से परहेज करना चाहिए। 

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बृहस्पतिवार को दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने कहा कि हिंदुस्तान में जो किले और मकबरे हैं वे अधिकांश मुस्लिम शासकों की निशानियां हैं। वसीम रिजवी का ये कहना की हुमायूं का मकबरा तोड़ दो सरासर ज्यादती है। उनको यह कहने का कोई हक नहीं है। उलमा ने कहा कि कल वो यह भी कहेंगे कि लालकिला और जामा मस्जिद जैसी ऐतिहासिक इमारतों को भी जमींदोज कर दो। मुफ्ती शरीफ ने कहा कि आज बीजेपी और आरएसएस घर वापसी जैसे मुद्दे उठा रही है। चार साल के भीतर ही बीजेपी ने देश के माहौल में सांप्रदायिकता का जहर घोलकर रख दिया है। मुस्लिम शासकों ने कभी वो काम नहीं किए जो आज बीजेपी और आरएसएस कर रही है। 
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उन्होंने कहा कि बीजेपी आरएसएस के इशारे पर काम कर रही है। जिनका मसकद इस्लाम, मुस्लिमों और मुस्लिम शासकों की निशानियों को मिटाना है। उन्होंने रिजवी के बयान को देश को तोड़ने वाला बताया।
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