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Meerut News: ध्यान सिंह हत्याकांड में ओमपाल को आजीवन कारावास की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक राम अवतार यादव ने ध्यान सिंह हत्याकांड में दोषी पाते हुए ओमपाल को आजीवन कारावास और 30 हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक की पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
ग्राम रतनगढ़ निवासी अशोक कुमार ने थाना शिवाला कला में तहरीर दी थी। बताया था कि उसका चचेरा भाई ध्यान सिंह 29 अप्रैल 2023 की शाम घर से दावत खाने की बात कह कर गया था। रात में किसी अज्ञात व्यक्ति ने हथियार से सिर एवं माथे पर वार कर उसकी हत्या कर दी । शव को रतनगढ़ से शादीपुर मिल्क जाने वाली रोड पर राजीव त्यागी के खेत की झाड़ी में डाल दिया।
रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद उसने दूसरी तहरीर दी। इसमें कहा उसे गांव के ही नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि गांव का ओमपाल उसके पास आया था। उससे कह रहा था कि 29 अप्रैल 2023 को उसने ओमपाल को शराब पिलाने के बहाने बाग में बुलाया और अपने मकान के स्टांप वापस देने को कहा।
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ध्यान सिंह द्वारा स्टांप वापस करने से मना करने पर उन दोनों में कहासुनी हो गई। इसके विरोध में माथे और सिर पर कई वार करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने ओमपाल की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ओमपाल के शरीर पर आठ चोटें पाई गईं। उसके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर थे। इस केस में आठ गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने ओमपाल को ध्यान सिंह की हत्या करने एवं उसका शव छुपाने का दोषी पाया।
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक राम अवतार यादव ने ध्यान सिंह हत्याकांड में दोषी पाते हुए ओमपाल को आजीवन कारावास और 30 हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक की पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
ग्राम रतनगढ़ निवासी अशोक कुमार ने थाना शिवाला कला में तहरीर दी थी। बताया था कि उसका चचेरा भाई ध्यान सिंह 29 अप्रैल 2023 की शाम घर से दावत खाने की बात कह कर गया था। रात में किसी अज्ञात व्यक्ति ने हथियार से सिर एवं माथे पर वार कर उसकी हत्या कर दी । शव को रतनगढ़ से शादीपुर मिल्क जाने वाली रोड पर राजीव त्यागी के खेत की झाड़ी में डाल दिया।
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रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद उसने दूसरी तहरीर दी। इसमें कहा उसे गांव के ही नरेश कुमार त्यागी ने बताया कि गांव का ओमपाल उसके पास आया था। उससे कह रहा था कि 29 अप्रैल 2023 को उसने ओमपाल को शराब पिलाने के बहाने बाग में बुलाया और अपने मकान के स्टांप वापस देने को कहा।
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ध्यान सिंह द्वारा स्टांप वापस करने से मना करने पर उन दोनों में कहासुनी हो गई। इसके विरोध में माथे और सिर पर कई वार करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने ओमपाल की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ओमपाल के शरीर पर आठ चोटें पाई गईं। उसके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर थे। इस केस में आठ गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने ओमपाल को ध्यान सिंह की हत्या करने एवं उसका शव छुपाने का दोषी पाया।