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तेल का खेल: पुलिस ने शातिरों के नंबरों की सीडीआर निकाली, फरार आरोपियों में सेवानिवृत्त DIG का बेटा भी शामिल
Mon, 14 Nov 2022 06:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Nov 2022 06:52 PM IST
सार
MEERUT NEWS : तेल का खेल मामले में पुलिस ने आरोपियों के नंबरों की सीडीआर निकाली है। वहीं, फरार आरोपियों में सेवानिवृत्त DIG का बेटा भी शामिल है।
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पेट्रोल पंप पर छापा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
MEERUT NEWS : मेरठ में नायरा कंपनी के पेट्रोल पंपों पर तेल के खेल में पुलिस ने आरोपियाें के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के साथ ही उनकी सीडीआर निकलवाई है। इसके आधार पर पुलिस फरार आरोपियों की घेराबंदी का प्रयास कर रही है। पंपों पर तेल में मिलावट और घटतौली के मामले में सात आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि आठ की तलाश जारी है। फरार आरोपियों में सेवानिवृत्त डीआईजी महेश मिश्रा का बेटा सुशांत मिश्रा भी शामिल है।
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एसटीएफ की टीम ने मैसर्स सालासर पंप माधवपुरम, मैसर्स चंद्रप्रकाश एंड संस पैट्रोल पंप परतापुर, मैसर्स रायल फिलिंग स्टेशन सैनी और मैसर्स सिद्धबली फिलिंग स्टेशन ग्राम दरियापुर पंपों पर छापा मारकर घटतौली और मिलावट पकड़ी थी। इस मामले में पुलिस ने नायरा के क्षेत्रीय प्रबंधक वीरेंद्र त्रिपाठी सहित सात आरोपियों को पकड़ा था, लेकिन क्षेत्रीय प्रबंधक सुशांत मिश्रा अभी पकड़ से दूर है। उसके अलावा आरोपी पंप स्वामी राजेंद्र प्रसाद गोयल निवासी सरस्वती लोक, रीता निवासी ऐबी खुर्द मवाना, सुशांत मिश्रा, सीमा गुप्ता, राहुल त्यागी, संचित गुप्ता, कुलदीप, सतीश की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
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आरोपियों को बचाने का प्रयास
आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तीन नवंबर को नायरा कंपनी के मेरठ, हापुड़ और बागपत में स्थित पंपों पर छापा मारा गया। एसटीएफ ने मामले में आगे की पड़ताल आपूर्ति विभाग को सौंप दी। विभाग की ओर से तहरीर में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के लिए कहा गया, लेकिन धोखाधड़ी का जिक्र नहीं किया गया। विवेचना में पुलिस ने धाराएं बढ़ाईं। पंपों की मशीनों में मदरबोर्ड और चिप के जरिये मिलावटी तेल बेचा जा रहा है। इस धंधे में पंप स्वामी के साथ नायरा कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक सुशांत मिश्रा और वीरेंद्र त्रिपाठी भी मिले हुए थे।
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