{"_id":"658206ac4dce071f6b0183a3","slug":"officers-came-out-on-the-road-at-night-took-the-poor-sleeping-on-the-footpath-to-the-night-shelter-by-rickshaw-meerut-news-c-14-1-mrt1004-415227-2023-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: रात में सड़क पर निकले अफसर, फुटपाथ पर सो रहे गरीबों को रिक्शे से रैन बसेरे तक पहुंचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: रात में सड़क पर निकले अफसर, फुटपाथ पर सो रहे गरीबों को रिक्शे से रैन बसेरे तक पहुंचाया
विज्ञापन
मेरठ। कड़ाके की ठंड में फुटपाथ पर सो रहे गरीब और रैन बसेरों में लटकते तालों की पोल खुलने पर मंगलवार को नगर निगम और जिला प्रशासन नींद ने जाग गया। निगम ने 12 घंटे में ही रैन बसेरों की कुछ व्यवस्था सुधारी। यहां गद्दे-रजाई मुहैया कराए गए। इसके बाद सड़कों पर सो रहे लोगों को रैन बसेरे तक लाने के लिए ई-रिक्शा चला दिए गए। बच्चा पार्क और पल्लवपुरम में अलाव भी जलाए गए। रात में नगर आयुक्त, एडीएम वित्त व एसीएम ने रैन बसेरों का निरीक्षण किया और वहां पर रहने वाले लोगों का हाल जाना। अपर नगर आयुक्त व प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को रोजाना मॉनीटरिंग करने के नगर आयुक्त ने निर्देश दिए है।
अमर उजाला में रैन बसेरों की बदहाल व्यवस्था की खबर छपने के बाद मंगलवार सुबह से ही नगर निगम की टीम रैन बसेरों की व्यवस्था सुधारने में लग गई। शाम तक बच्चा पार्क, टॉउन हॉल, खड़ौली, पल्लवपुरम, सहित आठ रैन बसेरों में नए गद्दे-रजाई डाल दी गईं। भैसाली बस अड्ड़ा, सोहराब गेट डिपो पर बने अस्थायी रैन बसेरे में भी गरीब लोग रात में सोते दिखाई दिए। रात में 8:00 बजे नगर आयुक्त ने शहर के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। बच्चा पार्क पर रैन बसेरे में सो रहे गरीबों से नगर आयुक्त ने व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। छतरी पीर, बेगमपुल, हापुड़ अड्डा चौराहे सहित शहर में कई जगहों से सड़क पर सो रहे गरीब लोगों को नगर निगम के कर्मचारी ई-रिक्शा से रैन बसेरों तक लाए। देर रात तक ई-रिक्शा शहर में चलते रहे। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया है कि अब रैन बसेरों में टूटी खिड़की ठीक करा दी गई है और नए गद्दे-रजाई रखवा दिए गए हैं। बच्चा पार्क, भैसाली बस अड्डे सहित सभी रैन बसेरों की व्यवस्था देखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। रात 9:00 बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी व एसीएम द्वितीय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी निकले और रैन बसेरे में रहने वाले लोगों से हाल जाना।
विज्ञापन
अमर उजाला में रैन बसेरों की बदहाल व्यवस्था की खबर छपने के बाद मंगलवार सुबह से ही नगर निगम की टीम रैन बसेरों की व्यवस्था सुधारने में लग गई। शाम तक बच्चा पार्क, टॉउन हॉल, खड़ौली, पल्लवपुरम, सहित आठ रैन बसेरों में नए गद्दे-रजाई डाल दी गईं। भैसाली बस अड्ड़ा, सोहराब गेट डिपो पर बने अस्थायी रैन बसेरे में भी गरीब लोग रात में सोते दिखाई दिए। रात में 8:00 बजे नगर आयुक्त ने शहर के रैन बसेरों का निरीक्षण किया। बच्चा पार्क पर रैन बसेरे में सो रहे गरीबों से नगर आयुक्त ने व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। छतरी पीर, बेगमपुल, हापुड़ अड्डा चौराहे सहित शहर में कई जगहों से सड़क पर सो रहे गरीब लोगों को नगर निगम के कर्मचारी ई-रिक्शा से रैन बसेरों तक लाए। देर रात तक ई-रिक्शा शहर में चलते रहे। अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया है कि अब रैन बसेरों में टूटी खिड़की ठीक करा दी गई है और नए गद्दे-रजाई रखवा दिए गए हैं। बच्चा पार्क, भैसाली बस अड्डे सहित सभी रैन बसेरों की व्यवस्था देखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। रात 9:00 बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी व एसीएम द्वितीय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी निकले और रैन बसेरे में रहने वाले लोगों से हाल जाना।
विज्ञापन