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आयुष्मान के बाद अब आरोग्य में पाओ लाभ

Wed, 29 May 2019 03:32 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 29 May 2019 03:32 AM IST
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Now get health benefits after Ayushmann
doctor - फोटो : amar ujala
मेरठ। प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना की ही तर्ज पर सूबे के मुख्यमंत्री की जन आरोग्य योजना शुरू होने वाली है। इसके तहत महानगर के 42011 परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनके करीब दो लाख लोग इस योजना का लाभ ले सकेंगे। एक परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, यानी वह पांच लाख रुपये तक का सालाना इलाज निशुल्क करा सकेंगे। इनमें 30301 शहरी और 11710 देहात क्षेत्र के हैं। जिन अस्पतालों में इलाज हो सकेगा, वह निजी और सरकारी दोनों हैं। ये वहीं अस्पताल हैं, जो आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकृत किए हुए हैं। माना जा रहा है कि जून में यह योजना शुरू हो जाएगी।
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दरअसल, आयुष्मान भारत योजना के तहत मेरठ के दो लाख से ज्यादा परिवार चिह्नित किए गए थे। जो साल 2011 की जनगणना के अनुसार तय किए गए थे। इस योजना में जहां ऐसे लोग भी शामिल हैं जो अब इस दायरे में नहीं आते, वहीं ऐसे लोगों की भी लंबी सूची है जो इस दायरे में आते हैं। लेकिन वह इस योजना में शामिल नहीं हैं। योगी सरकार ने ऐसे बचे हुए गरीब लोगों को इस योजना में शामिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को हिदायत दी। जहां आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड पर प्रधानमंत्री की फोटो लगी है, वहीं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो लगी हुई होगी। इसके लिए शहरी क्षेत्र में रहने वाले और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अलग-अलग मानक हैं।
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यह हैं मानक
ग्रामीण क्षेत्र
- ऐसे परिवार जिनके पास कच्ची दीवार-छत युक्त मात्र एक कमरे का मकान है।
- ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 साल आयु वर्ग का कोई वयस्क सदस्य नहीं है।
- ऐसे परिवार जिनमें दिव्यांग सदस्य हो और कोई सक्षम वयस्क न हो।
- भूमिहीन परिवार जिनकी आजीविका का मुख्य साधन सामान्य मजदूरी है।
- दीनहीन परिवार जो भिक्षा से अपनी आजीविका चलाता हो।
- आदिकालीन जनजातीय परिवार
- विधिक रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए श्रमिक
शहरी क्षेत्र
- कचरा उठाने वाला, भिखारी, घरेलू कार्य करने वाले, स्ट्रीट वेंडर, फेरीवाला, सड़कों पर कार्य करने वाले अन्य सभी सेवा प्रदाता, पलंबर, राजमिस्त्री, कुली, श्रमिक बोझा ढोने वाले, सफाईकर्मी, माली, रिक्शा चालक, खलासी, दुकान में काम करने वाला सहायक, डिलीवरी सहायक, विद्युतकर्मी, मैकेनिक, धोबी, चौकीदार आदि।
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11 बिंदुओं पर पूछे जाते हैं सवाल
इस योजना
में इन्हें शामिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 11 सवाल तैयार किए हैं, जिनके जवाब हां या ना में बताने होते हैं। सवाल इसी तरह के होते हैं कि क्या आप कचरा उठाने वाले हैं या मजदूरी करते हैं। आय का और कोई साधन नहीं है आदि-आदि। अगर व्यक्ति सवालों के जवाब देकर मानकों पर खरा उतर रहा होता है तो उसका वेरिफिकेशन किया जाता है। इसके बाद उसे इस योजना में शामिल कर लिया जाता है। उसकी सूचना शासन को भेज दी जाती है।
और भी लोग हो सकेंगे शामिल
मुख्य चिकित्सा
अधिकारी डॉ. राजकुमार के अनुसार इस योजना में जो लोग चिह्नित किए गए हैं, उनके अलावा भी लोग शामिल किए जा सकेंगे। इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। इसके अलावा जो लोग चिह्नित हैं, उनके गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। वह गोल्डन कार्ड जल्द ही वितरित किए जाएंगे। गोल्डन कार्ड वितरण में एक लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा, इसलिए इसका टेंडर किया जा रहा है। जून माह से यह योजना परवान चढ़ जाएगी।

यह है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान
भारत योजना के तहत मेरठ में दो लाख 11 हजार 416 परिवार चिह्नित किए गए थे। इनमें 89109 परिवार देहात और 1 लाख 22 हजार 307 परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। इसके तहत 10 लाख 52 हजार 80 लोगों को इसका लाभ मिलना है। साल 2011 की आर्थिक और सामाजिक गणना की सूची के आधार पर इसे बनाया गया था। मुख्यमंत्री की जन आरोग्य योजना इससे अलग है।
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