{"_id":"5f6516b48ebc3e8b6f24bdb4","slug":"now-corona-report-will-be-available-on-mobile-meerut-news-mrt5020056127","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मोबाइल पर आ सकेगी कोरोना की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मोबाइल पर आ सकेगी कोरोना की रिपोर्ट
विज्ञापन
मेरठ। प्रदेश सरकार ने कोविड-19 की रिपोर्ट जानने के लिए वेबसाइट जारी की है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विश्वास चौधरी ने बताया कि अब कोरोना संबंधी रिपोर्ट जानने के लिए कहीं आने जाने की जरूरत नहीं है। दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद अपना मोबाइल नंबर सबमिट करें। ओटीपी डालते ही आपकी कोरोना की रिपोर्ट सामने होगी। जो मोबाइल नंबर सैंपल देने के दौरान लिखा जाएगा। उसी नंबर पर ओटीपी आएगा। https://labreports.upcovid19tracks.in
इस्तेमाल पीपीई किट फेंकने का आरोप
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड के बाहर मरीजों के तीमारदार अपनों का इंतजार कर रहे हैं। तीमारदारों ने शुक्रवार को आरोप लगाए कि कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वार्ड से चंद कदमों की दूरी पर दूषित जल भरा है। आरोप लगाया कि इस्तेमाल की गई पीपीई किट के कुछ टुकड़े खुले में फेंक दिए गए। इससे संक्रमण फैल सकता है। मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस और कोविड के नोडल अधिकारी ने कहा कि पीपीई किट मेडिकल कॉलेज में कहीं नहीं फेंकी गई है। पीपीई किट जैसी पॉलिथीन भी हो सकती है। ब्यूरो
पांच दिन में 50 कदम दूर मरीज नहीं पहुंचाया मोबाइल
बागपत के लिए भी
मेरठ।
अधिकारी दावा कर रहे हैं कि कोरोना मरीज के मोबाइल पर कॉल कर परिवार के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी भी हालचाल ले रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और है। बागपत के अग्रवाल टटीरी मंडी निवासी 35 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती हुआ। मरीज के बड़े भाई प्रमोद ने बताया कि उन्होंने नया मोबाइल मरीज से बात करने के लिए 14 सितंबर को वार्ड के सिक्योरिटी गार्ड को दिया था। साथ में अन्य सामान भी था। मोबाइल का बिल भी लगाया था। लेकिन पांच दिन बाद भी मरीज तक मोबाइल नहीं पहुंच पाया है। हम दूसरे मरीज से ही अपने भाई का हालचाल ले रहे हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
इस्तेमाल पीपीई किट फेंकने का आरोप
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड के बाहर मरीजों के तीमारदार अपनों का इंतजार कर रहे हैं। तीमारदारों ने शुक्रवार को आरोप लगाए कि कई जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। वार्ड से चंद कदमों की दूरी पर दूषित जल भरा है। आरोप लगाया कि इस्तेमाल की गई पीपीई किट के कुछ टुकड़े खुले में फेंक दिए गए। इससे संक्रमण फैल सकता है। मामले में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस और कोविड के नोडल अधिकारी ने कहा कि पीपीई किट मेडिकल कॉलेज में कहीं नहीं फेंकी गई है। पीपीई किट जैसी पॉलिथीन भी हो सकती है। ब्यूरो
विज्ञापन
पांच दिन में 50 कदम दूर मरीज नहीं पहुंचाया मोबाइल
बागपत के लिए भी
मेरठ।
अधिकारी दावा कर रहे हैं कि कोरोना मरीज के मोबाइल पर कॉल कर परिवार के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी भी हालचाल ले रहे हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और है। बागपत के अग्रवाल टटीरी मंडी निवासी 35 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती हुआ। मरीज के बड़े भाई प्रमोद ने बताया कि उन्होंने नया मोबाइल मरीज से बात करने के लिए 14 सितंबर को वार्ड के सिक्योरिटी गार्ड को दिया था। साथ में अन्य सामान भी था। मोबाइल का बिल भी लगाया था। लेकिन पांच दिन बाद भी मरीज तक मोबाइल नहीं पहुंच पाया है। हम दूसरे मरीज से ही अपने भाई का हालचाल ले रहे हैं। ब्यूरो
विज्ञापन