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Meerut News: कुख्यात सुशील ने सपा कार्यकर्ता के घर में डाली थी डकैती
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कुख्यात सुशील ने सपा कार्यकर्ता के घर में डाली थी डकैती
मेरठ/देहरादून। दिल्ली से मेट्रो हॉस्पिटल के डॉ. श्रीकांत गौड़ को अगवा कर चार करोड़ की फिरौती मांगने वाले कुख्यात सुशील गुर्जर ने गंगानगर में सपा कार्यकर्ता श्रवण चौधरी के घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। सुशील और उसके तीन साथी रेसकोर्स में अधिवक्ता के घर में लूटपाट के मामले में देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने मेरठ में घटना करना कुबूल किया। इसके बाद पुलिस की एक टीम देहरादून पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। मेरठ पुलिस ने भी सुशील के दो साथी मेरठ में पकड़ लिए हैं। उनसे डकैती में गया सामान बरामद करने का प्रयास चल रहा है।
गंगानगर स्थित अमन विहार कॉलोनी निवासी श्रवण चौधरी का रोड़ी-बजरी और सरिये बेचने का कारोबार भी है। 16 नवंबर को बदमाशों ने श्रवण और उनके पुत्र-पुत्रवधू को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद एडीजी मेरठ जोन और आईजी रेंज भी जांच के लिए गए थे। शहर के व्यापारियों ने भी पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पर कई बार हंगामा किया था। इसके बावजूद पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। मंगलवार रात देहरादून में दादरी दौराला निवासी सुशील गुर्जर और उसके तीन साथी अमृत उर्फ गुड्डू निवासी अलीपुर मोरना हस्तिनापुर, दीपक कुमार निवासी दादरी दौराला और अतुल राणा निवासी हसनपुर रजापुर, सरूरपुर को गिरफ्तार किया।
पांचवां आरोपी विशाल निवासी रोहटा फरार हो गया। देहरादून पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुशील ने वारदात कुबूल की। बाद में गंगानगर पुलिस टीम भी सुशील से पूछताछ करने देहरादून पहुंची। जानकारी के बाद मेरठ पुलिस ने सुशील के साथ डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी और दो अन्य आरोपियों को पकड़ लिया है। जिनसे डकैती में गया सामान बरामद किया जा रहा है।
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बंगाली नौकर ने कराई वारदात
सुशील की मुलाकात एक साल पहले मेरठ जेल में सुनील बंगाली से हुई थी। सुनील बंगाली सपा कार्यकर्ता श्रवण के यहां पर नौकरी करता था। एक लाख रुपये चोरी करके बंगाली नौकर भाग गया था। एक महीने बाद लिसाड़ीगेट पुलिस ने मोबाइल लूट में सुनील बंगाली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुनील और सुशील ने जेल में बैठकर श्रवण के मकान में डकैती की वारदात करने की प्लानिंग बनाई। सुशील ने लोकल के बदमाशों को शामिल कर वारदात को अंजाम दिया। डकैती में सुशील के साथ उसके आठ साथी भी थे।
डकैती में मोबाइल नहीं, वॉकी-टॉकी से की थी बात
सुशील का गिरोह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। आपस में बातचीत के लिए कम रेंज वाले वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। जरूरत पर इंटरनेट कॉलिंग करते हैं। ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी से बचने का भी प्रयास करते हैं। उन्होंने कार किसी भी टोल प्लाजा से नहीं गुजारी। सपा कार्यकर्ता की घर में डकैती की वारदात में भी बदमाशों ने वॉकी-टॉकी से बात की थी। सुशील बहुत शातिर है। वह बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करता है। पूरी प्लानिंग करके वारदात को अंजाम देता है।
16 दिन डॉक्टर को मेरठ में रखा था बंधक, चार करोड़ की फिरौती मांगी थी
- सुशील गुर्जर दिल्ली में ऑलो कैफ चलाता था। उसने छह जुलाई 2017 को दिल्ली के मेट्रो हॉस्पिटल के डॉ. श्रीकांत गौड़ का अपहरण कर चार करोड़ की फिरौती मांगी थी। 16 दिन डॉक्टर को मेरठ में बंधक बनाकर रखा था। दिल्ली और मेरठ पुलिस ने परतापुर स्थित शताब्दीनगर में घेराबंदी कर डॉक्टर बंधन मुक्त कराकर आरोपियों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी वह कई आपराधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। उस पर 50 हजार का इनाम भी रह चुका है।
देहरादून में अधिवक्ता के यहां लूट में पकड़ा सुशील
देहरादून। एसएसपी देहरादून दलीप सिंह कुंवर ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 28 नवंबर को रेसकोर्स निवासी अधिवक्ता गुरमिंदर सिंह सरना के घर तीन सशस्त्र बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया गया था। बदमाश तीन लाख रुपये नकद, विदेशी घड़ियां और एक रिवाल्वर ले गए थे। जाते वक्त पोर्च में खड़ी उनकी कार भी ले गए। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दबिश दी। मुखबिरों की सूचना पर मंगलवार शाम को सुशील कुमार निवासी दादरी, दौराला, मेरठ, अमृत उर्फ गुड्डू निवासी अलीपुर मोरना, हस्तिनापुर, मेरठ, दीपक कुमार महिपाल निवासी दादारी, दौराला, मेरठ और अतुल राणा निवासी हसनपुर गजापुर, सरूरपुर मेरठ को गिरफ्तार किया है। साथी विशाल निवासी रोहटा, मेरठ पकड़ा नहीं जा सका है। यह गिरोह सुशील कुमार का है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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मेरठ/देहरादून। दिल्ली से मेट्रो हॉस्पिटल के डॉ. श्रीकांत गौड़ को अगवा कर चार करोड़ की फिरौती मांगने वाले कुख्यात सुशील गुर्जर ने गंगानगर में सपा कार्यकर्ता श्रवण चौधरी के घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। सुशील और उसके तीन साथी रेसकोर्स में अधिवक्ता के घर में लूटपाट के मामले में देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने मेरठ में घटना करना कुबूल किया। इसके बाद पुलिस की एक टीम देहरादून पहुंची और आरोपी से पूछताछ की। मेरठ पुलिस ने भी सुशील के दो साथी मेरठ में पकड़ लिए हैं। उनसे डकैती में गया सामान बरामद करने का प्रयास चल रहा है।
गंगानगर स्थित अमन विहार कॉलोनी निवासी श्रवण चौधरी का रोड़ी-बजरी और सरिये बेचने का कारोबार भी है। 16 नवंबर को बदमाशों ने श्रवण और उनके पुत्र-पुत्रवधू को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद एडीजी मेरठ जोन और आईजी रेंज भी जांच के लिए गए थे। शहर के व्यापारियों ने भी पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पर कई बार हंगामा किया था। इसके बावजूद पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। मंगलवार रात देहरादून में दादरी दौराला निवासी सुशील गुर्जर और उसके तीन साथी अमृत उर्फ गुड्डू निवासी अलीपुर मोरना हस्तिनापुर, दीपक कुमार निवासी दादरी दौराला और अतुल राणा निवासी हसनपुर रजापुर, सरूरपुर को गिरफ्तार किया।
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पांचवां आरोपी विशाल निवासी रोहटा फरार हो गया। देहरादून पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुशील ने वारदात कुबूल की। बाद में गंगानगर पुलिस टीम भी सुशील से पूछताछ करने देहरादून पहुंची। जानकारी के बाद मेरठ पुलिस ने सुशील के साथ डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी और दो अन्य आरोपियों को पकड़ लिया है। जिनसे डकैती में गया सामान बरामद किया जा रहा है।
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बंगाली नौकर ने कराई वारदात
सुशील की मुलाकात एक साल पहले मेरठ जेल में सुनील बंगाली से हुई थी। सुनील बंगाली सपा कार्यकर्ता श्रवण के यहां पर नौकरी करता था। एक लाख रुपये चोरी करके बंगाली नौकर भाग गया था। एक महीने बाद लिसाड़ीगेट पुलिस ने मोबाइल लूट में सुनील बंगाली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुनील और सुशील ने जेल में बैठकर श्रवण के मकान में डकैती की वारदात करने की प्लानिंग बनाई। सुशील ने लोकल के बदमाशों को शामिल कर वारदात को अंजाम दिया। डकैती में सुशील के साथ उसके आठ साथी भी थे।
डकैती में मोबाइल नहीं, वॉकी-टॉकी से की थी बात
सुशील का गिरोह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करता। आपस में बातचीत के लिए कम रेंज वाले वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। जरूरत पर इंटरनेट कॉलिंग करते हैं। ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी से बचने का भी प्रयास करते हैं। उन्होंने कार किसी भी टोल प्लाजा से नहीं गुजारी। सपा कार्यकर्ता की घर में डकैती की वारदात में भी बदमाशों ने वॉकी-टॉकी से बात की थी। सुशील बहुत शातिर है। वह बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करता है। पूरी प्लानिंग करके वारदात को अंजाम देता है।
16 दिन डॉक्टर को मेरठ में रखा था बंधक, चार करोड़ की फिरौती मांगी थी
- सुशील गुर्जर दिल्ली में ऑलो कैफ चलाता था। उसने छह जुलाई 2017 को दिल्ली के मेट्रो हॉस्पिटल के डॉ. श्रीकांत गौड़ का अपहरण कर चार करोड़ की फिरौती मांगी थी। 16 दिन डॉक्टर को मेरठ में बंधक बनाकर रखा था। दिल्ली और मेरठ पुलिस ने परतापुर स्थित शताब्दीनगर में घेराबंदी कर डॉक्टर बंधन मुक्त कराकर आरोपियों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी वह कई आपराधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। उस पर 50 हजार का इनाम भी रह चुका है।
देहरादून में अधिवक्ता के यहां लूट में पकड़ा सुशील
देहरादून। एसएसपी देहरादून दलीप सिंह कुंवर ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 28 नवंबर को रेसकोर्स निवासी अधिवक्ता गुरमिंदर सिंह सरना के घर तीन सशस्त्र बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया गया था। बदमाश तीन लाख रुपये नकद, विदेशी घड़ियां और एक रिवाल्वर ले गए थे। जाते वक्त पोर्च में खड़ी उनकी कार भी ले गए। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने करीब 700 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दबिश दी। मुखबिरों की सूचना पर मंगलवार शाम को सुशील कुमार निवासी दादरी, दौराला, मेरठ, अमृत उर्फ गुड्डू निवासी अलीपुर मोरना, हस्तिनापुर, मेरठ, दीपक कुमार महिपाल निवासी दादारी, दौराला, मेरठ और अतुल राणा निवासी हसनपुर गजापुर, सरूरपुर मेरठ को गिरफ्तार किया है। साथी विशाल निवासी रोहटा, मेरठ पकड़ा नहीं जा सका है। यह गिरोह सुशील कुमार का है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।