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मेरठ में गड्ढे में तीन बच्चों के डूबने पर यूपी सरकार और डीजीपी को नोटिस
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मेरठ के सिवाल एक गड्ढे में गिरकर 3 बच्चों के मौत मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने शुक्रवार को कहा कि उसने घटना से जुड़ीं खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। दरअसल, 3 अगस्त को मेरठ जिले में कसबा सिवाल खास में काटी जा रही नई कॉलोनी में प्लाट काटने के दौरान बिल्डर द्वारा छोड़े गए छह फीट गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत हो गई थी। बच्चे चॉकलेट खरीदकर दुकान से लौटते समय लापता हुए और अगले दिन तीनों के शव गड्ढे से मिले। पुलिस का भी कहना है कि डूबने से मौत हुई।
एनएचआरसी ने कहा, रिपोर्ट में मामले की जांच की स्थिति और पीड़ितों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) की जानकारी शामिल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डर ने 40 दिन पहले कॉलोनी में गड्ढा खोदकर खुला छोड़ दिया था, जिसमें बारिश का पानी भरा था।
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इसके अलावा एनएचआरसी ने कहा कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के पास खाई में पुणे नगर निगम से संबंधित जल निकासी कार्य करते समय मलबा गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। घटना 4 जुलाई को हुई थी। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। (एजेंसी)
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तीन बच्चों की मौत के मामलें में बिल्डर का चालान, जमानत पर रिहा
मेरठ/जानीखुर्द। सिवाल खास तीन बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत के मामले में छह दिन बाद शुक्रवार को जानी थान पुलिस ने केवल दो बच्चों की मौत के मामलें में बिल्डर असलम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। वही ग्रामीणों में चर्चा है कि जब एक साथ तीन बच्चों की मौत हुई है तो दो बच्चों की मौत में बिल्डर को जेल क्यों भेजा गया है। क्या तीन बच्चें की हत्या का मामला अलग-अलग है।
जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास निवासी जितेंद्र की सात वर्षीय पुत्री मानवी, मोनू का आठ वर्षीय पुत्र शिवांश और हिम्मत का आठ वर्षीय पुत्र ऋतिक तीन अगस्त घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गए थे। चार अगस्त की सुबह शिवांश, ऋतिक और मानवी के शव उनके घर के पास पानी भरे प्लॉट में एक गड्डे में पड़े मिले थे। घटना को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर कई घंटे हंगामा और जाम लगाया था। तीनों बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूब कर होने की बात बताई गई, इसमें मानवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने के साथ गर्दन की हड्डी टूटना आया है। पुलिस ने चार अगस्त को हिम्मत की ओर से अज्ञात में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस की ओर से बिल्डर असलम निवासी मुरादनगर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बिल्डर का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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सपा नेता परिजनों से मिलने सिवालखास पहुंचे
जानीखुर्द। सपा मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर शुक्रवार को सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सिवालखास पहुंचा। सपा नेता पहले घटनास्थल पर गए। इसके बाद बच्चों के घर पहुंचकर अलग-अलग परिजनों से बात की। सपा नेताओं ने परिजनों को सांत्वना देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ सरधना आशुतोष कुमार से सपा नेताओं ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की हत्या हुई है तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को मृतक बच्चों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में सपा के विधायक शाहिद मंजूर, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि दोपहर में गए। जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, प्रदेश महासचिव सम्राट मलिक, अंकित शर्मा, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, तसव्वर अली, किशन आदि शाम को सिवालखास गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि 15 अगस्त तक खुलासा नहीं हुआ तो सपा 16 अगस्त को सिवालखास में ही महापंचायत की जाएगी।
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आयोग ने शुक्रवार को कहा कि उसने घटना से जुड़ीं खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है। दरअसल, 3 अगस्त को मेरठ जिले में कसबा सिवाल खास में काटी जा रही नई कॉलोनी में प्लाट काटने के दौरान बिल्डर द्वारा छोड़े गए छह फीट गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत हो गई थी। बच्चे चॉकलेट खरीदकर दुकान से लौटते समय लापता हुए और अगले दिन तीनों के शव गड्ढे से मिले। पुलिस का भी कहना है कि डूबने से मौत हुई।
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एनएचआरसी ने कहा, रिपोर्ट में मामले की जांच की स्थिति और पीड़ितों के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) की जानकारी शामिल होनी चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डर ने 40 दिन पहले कॉलोनी में गड्ढा खोदकर खुला छोड़ दिया था, जिसमें बारिश का पानी भरा था।
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इसके अलावा एनएचआरसी ने कहा कि उसने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के पास खाई में पुणे नगर निगम से संबंधित जल निकासी कार्य करते समय मलबा गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। घटना 4 जुलाई को हुई थी। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। (एजेंसी)
तीन बच्चों की मौत के मामलें में बिल्डर का चालान, जमानत पर रिहा
मेरठ/जानीखुर्द। सिवाल खास तीन बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत के मामले में छह दिन बाद शुक्रवार को जानी थान पुलिस ने केवल दो बच्चों की मौत के मामलें में बिल्डर असलम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। वही ग्रामीणों में चर्चा है कि जब एक साथ तीन बच्चों की मौत हुई है तो दो बच्चों की मौत में बिल्डर को जेल क्यों भेजा गया है। क्या तीन बच्चें की हत्या का मामला अलग-अलग है।
जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवाल खास निवासी जितेंद्र की सात वर्षीय पुत्री मानवी, मोनू का आठ वर्षीय पुत्र शिवांश और हिम्मत का आठ वर्षीय पुत्र ऋतिक तीन अगस्त घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गए थे। चार अगस्त की सुबह शिवांश, ऋतिक और मानवी के शव उनके घर के पास पानी भरे प्लॉट में एक गड्डे में पड़े मिले थे। घटना को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर कई घंटे हंगामा और जाम लगाया था। तीनों बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूब कर होने की बात बताई गई, इसमें मानवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने के साथ गर्दन की हड्डी टूटना आया है। पुलिस ने चार अगस्त को हिम्मत की ओर से अज्ञात में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। बाद में पुलिस की ओर से बिल्डर असलम निवासी मुरादनगर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बिल्डर का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई है। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
सपा नेता परिजनों से मिलने सिवालखास पहुंचे
जानीखुर्द। सपा मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर शुक्रवार को सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सिवालखास पहुंचा। सपा नेता पहले घटनास्थल पर गए। इसके बाद बच्चों के घर पहुंचकर अलग-अलग परिजनों से बात की। सपा नेताओं ने परिजनों को सांत्वना देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ सरधना आशुतोष कुमार से सपा नेताओं ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की हत्या हुई है तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को मृतक बच्चों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में सपा के विधायक शाहिद मंजूर, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि दोपहर में गए। जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, प्रदेश महासचिव सम्राट मलिक, अंकित शर्मा, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, तसव्वर अली, किशन आदि शाम को सिवालखास गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि 15 अगस्त तक खुलासा नहीं हुआ तो सपा 16 अगस्त को सिवालखास में ही महापंचायत की जाएगी।