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मंत्री के आदेश पर भी शहर से डेयरियां हटाने को नहीं बनाया कोई प्लान
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डेयरियों को शहर से बाहर करने का नहीं बनाया प्लान
मेरठ। डेयरियों के कारण शहर नरक बना हुआ है। गोबर के कारण नाले चोक होने के साथ पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। पिछले सप्ताह मेरठ आए नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए प्रशासन को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।
शहर में एक हजार से अधिक डेयरियां हैं। इससे निकलने वाले गोबर को शहर से बाहर डालने की बजाय डेयरी संचालक सबमर्सिबल के पानी से नाली और नालों में बहा रहे हैं। इस कारण नाली व नाले चोक रहते हैं। थोड़ी सी बारिश में ही जलभराव हो जाता है। मेरठ दौरे के दौरान नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने निर्देश दिए थे कि शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जाए।
इसके बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया नगर स्वास्थ्य विभाग कुछ फोटोग्राफी और कार्य योजना बनाकर शासन को जरूर भेज रहा है। ताकि कोर्ट की कार्रवाई से भी बचा जा सके। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि डेयरियों को शहर से बाहर करने की कार्य योजना पहले से ही बनी हुई है। डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस और निगम की टीम को संयुक्त रूप से काम करना होगा। तभी इस योजना पर सफलता मिल सकती है।
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मेरठ। डेयरियों के कारण शहर नरक बना हुआ है। गोबर के कारण नाले चोक होने के साथ पर्यावरण भी दूषित हो रहा है। पिछले सप्ताह मेरठ आए नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए प्रशासन को कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रशासन ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है।
शहर में एक हजार से अधिक डेयरियां हैं। इससे निकलने वाले गोबर को शहर से बाहर डालने की बजाय डेयरी संचालक सबमर्सिबल के पानी से नाली और नालों में बहा रहे हैं। इस कारण नाली व नाले चोक रहते हैं। थोड़ी सी बारिश में ही जलभराव हो जाता है। मेरठ दौरे के दौरान नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने निर्देश दिए थे कि शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जाए।
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इसके बाद भी नगर निगम और जिला प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया नगर स्वास्थ्य विभाग कुछ फोटोग्राफी और कार्य योजना बनाकर शासन को जरूर भेज रहा है। ताकि कोर्ट की कार्रवाई से भी बचा जा सके। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि डेयरियों को शहर से बाहर करने की कार्य योजना पहले से ही बनी हुई है। डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए मजिस्ट्रेट, पुलिस और निगम की टीम को संयुक्त रूप से काम करना होगा। तभी इस योजना पर सफलता मिल सकती है।
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