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Meerut News: दवा नहीं...खड़िया खा रहे थे मरीज

Wed, 06 Nov 2024 03:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2024 03:06 AM IST
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No medicine...patients were eating chalk
संवाद न्यूज एजेंसी
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सरधना। क्षेत्र में एक्सपायर हो चुकी ब्रांडेड व जेनेरिक दवाएं नई तारीख बदलकर बेचने का खेल चल रहा था। ड्रग्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो मरीज ये दवा खा रहे थे, वे दरअसल दवा नहीं खड़िया खा रहे थे। इनके खाने से मरीजों को कोई फायदा नहीं हो रहा होगा।
पुलिस और ड्रग्स विभाग की जांच में सामने आया कि मरीजों के साथ खिलवाड़ करने वाले दवा के एक्सपायर होने पर उसके रैपर पर अंकित लेबल (जिस पर बैच नंबर, मूल्य, एक्सपायरी डेट व मैन्युफैक्चरिंग डेट होता है) को हटा देते थे। इसके लिए नेल पॉलिश रिमूवर, थिनर व अन्य केमिकल का प्रयोग करते थे। इसके बाद उस पर एक्सपायरी डेट को बढ़ा कर नया लेबल लगा दिया जाता था। इस तरह एक्सपायर हो चुकी दवाएं फिर से अपंजीकृत चिकितस्कों और मेडिकल स्टोरों पर बेच दी जाती थीं। दवाओं का लेबल बदलने से सामान्य तौर पर लोग इसे पकड़ नहीं पाते हैं।
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औषधि निरीक्षक पीयूष शर्मा ने बताया कि एक्सपायरी दवा जिस बीमारी के लिए दी जाएगी, उसमें काम नहीं करेगी। मरीज की बीमारी ठीक नहीं होगी बल्कि बढ़ती जाएगी। अगर बीमारी गंभीर है तो मरीज की जान को खतरा बना रहेगा। एंटीबायोटिक्स के अलावा सेक्स वर्धक दवाएं भी मिली हैं।
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दवा व्यापारी बोले, किसी भी आरोपी बख्शा न जाए

माई सिटी रिपोर्टर

मेरठ। सरधना में पकड़ी गई एक्सपायर दवा बेचने वालों के विरोध में दवा व्यापारी उतर गए हैं। खैरनगर में मंगलवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक की। इसमें दवा व्यापारियों ने कहा कि कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद गुप्ता कहा कि प्रशासन से मांग है कि सिर्फ मौके पर मिले लोगों को पकड़कर इतिश्री न की जाए, बल्कि जहां से इन लोगों ने सामान खरीदा है, उन्हें भी पकड़ा जाए। उनका लाइसेंस निरस्त किया जाए, तभी इस तरह के मामलों पर रोक लगेगी। महामंत्री रजनीश कौशल ने कहा कि मरीज दवा लेते समय ध्यान रखें कि बैच नंबर देखे बिना और बिल लेकर ही दवा लें। इस दौरान सचिन गुप्ता, सुनील अग्रवाल, राजीव ग्रोवर और हेमंत बंसल आदि मौजूद रहे।

खानापूरी करता है दवा विभाग

ड्रग्स विभाग के अधिकारी छापेमारी करते रहते हैं, मगर किसी भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं होती। ऐसे कार्रवाई का क्या फायदा। पिछले दिनों नारकोटिक्स विभाग ने खैरनगर में छापेमारी की थी, मगर कुछ नहीं हुआ। कार्रवाई जरूरी है।


- घनश्याम मित्तल, महामंत्री होल सेलर एवं रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन

ड्रग्स विभाग बताए, कितनी कंपनियों पर कार्रवाई की

ड्रग्स विभाग ने दिवाली से पहले एक्सपायर दवा, अधोमानक दवा के खिलाफ कार्रवाई की थी, मगर किसी कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं की। विभाग की भी जवाबदेही होनी चाहिए।

- इंद्रपाल सिंह, अध्यक्ष, होल सेलर एवं रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन




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