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बैंकों का खजाना खाली, ना एक्सचेंज ना निकासी
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Thu, 17 Nov 2016 01:53 AM IST
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बैंक के बाहर लगा नोटिस।
- फोटो : अमर उजाला
आरबीआई से कैश न मिलने से अधिकांश बैंकों के खजाने खाली होने लगे हैं। अधिकतर एटीएम भी नहीं चल रहे। बुधवार को कैश के टोटे में सुबह से ही बैंकों ने हाथ खडे़ करने शुरू कर दिए। कुछ बैंकों ने आरबीआई को वापस जाने वाले कटे-फटे पुराने नोट बांटे। लेकिन वह भी पूरे नहीं मिले। बुधवार को देहात के अधिकांश क्षेत्रों में हंगामे की स्थिति रही। किठौर में जहां पीएसी लगानी पड़ी तो वहीं सरूरपुर में लोगों ने हंगामा करते हुए बैंक का गेट तक बंद करा दिया।
आरबीआई से कैश न मिलने से अधिकांश बैंकों में कैश नहीं था। सुबह से ही बैंकों के बाहर लाइन में खडे़ लोगों को बैंक खुलने पर जब इसका पता चला तो जगह-जगह हंगामे होने लगे। कुछ बैंकों की चेस्ट ब्रांच ने आरबीआई को वापस भेजने वाले कटे-फटे, पुराने नोटों के नोटों की सप्लाई अपनी ब्रांचों को भेजी। इनमें अधिकांश 100 और 20 के पुराने नोट थे। इन नोटों को बैंकों से बांटा गया तो लोग भड़क गए। लेकिन बैंकों ने कह दिया कि उनके पास दूसरी करेंसी नहीं है। कैश के टोटे में परेशान लोग मजबूरन यही नोट ले जाने लगे। लेकिन आधे से अधिक बैंकों में दोपहर दो बजे तक यह करेंसी भी खत्म हो गई। लोग भड़कने लगे। देहात क्षेत्रों में हालात खराब होने लगे।
यहां हुआ बखेड़ा
रोहटा क्षेत्र के मीरपुर स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। बैंक की खिड़की तोड़ डाली। बैंक कर्मियों से उलझने लगे। सिवालखास की सिंडिकेट बैंक शाखा में भी हंगामा हुआ। सलावा के बैंक में भी खूब हंगामा हुआ। बैंक अधिकारियों ने लीड बैंक मैनेजर को सूचना दी तो उन्होंने पुलिस प्रशासन से बात कर वहां अतिरिक्त फोर्स भिजवाया।
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ग्राहकों को शर्तों में बांधा
कैश कम होने से बैंकों ने लोगों के सामने शर्तें रखनी शुरू कर दी हैं। कुछ ब्रांचों ने सिर्फ अपने ही एकाउंट होल्डरों के ही नोट एक्सचेंज करने की शर्त लगा दी। घंटों से लाइन में लगे दूसरी ब्रांच के एकाउंट होल्डर वापस लौटा दिए गए। पीएनबी ब्रह्मपुरी शाखा में भी यह समस्या देखने को मिली।
घटती गई निकासी
बैंकों में जैसे जैसे कैश शार्ट होता गया वह निकासी लिमिट भी घटाते गए। सुबह कैश आने पर बैंकों ने 10-10 हजार रुपये का भुगतान दिया। लेकिन बाद में यह घटाकर सिर्फ तीन हजार कर दिया। इसके बावजूद अधिकांश बैंकों के खजाने दोपहर में ही खाली हो गए। पीएनबी बागपत रोड ,एसबीआई दिल्ली रोड, यूनियन बैंक और सिंडिकेट बैंक की शाखाओं में यह स्थिति रही।
एटीएम दो घंटे में ही खाली होते गए
जिन बैंक परिसर में एटीएम लगे हैं। उन बैंकों ने जैसे-तैसे कर 100 के पुराने और दो हजार के नए नोट अपने एटीएम में डाले। लेकिन लोगों की लाइन इतनी लंबी थी कि दो घंटे में ही पूरा कैश खत्म हो रहा था। कैश डालने वाली एजेंसी भी दोपहर बाद कुछ सक्रिय दिखी। लेकिन इसके बावजूद अधिकांश एटीएम खाली थे।
आज करेंसी आने की उम्मीद
आरबीआई से कैश न मिलने की वजह से दिक्कत हुई थी। बैंकों ने अपनी चेस्ट ब्रांच से पुरानी करेंसी अपनी ब्रांचों को भेजकर बंटवाई। लोगों को बताकर इसे दिया गया। किसी ने विरोध भी नही किया। आरबीआई से लगातार संपर्क कर कैश की डिमांड की जा रही है। खुली करेंसी की समस्या को देख 500 के नए नोट की भी डिमांड की गई है। बृहस्पतिवार तक कैश पहुंचने की उम्मीद है।- अविनाश तांती, एलडीएम
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आरबीआई से कैश न मिलने से अधिकांश बैंकों में कैश नहीं था। सुबह से ही बैंकों के बाहर लाइन में खडे़ लोगों को बैंक खुलने पर जब इसका पता चला तो जगह-जगह हंगामे होने लगे। कुछ बैंकों की चेस्ट ब्रांच ने आरबीआई को वापस भेजने वाले कटे-फटे, पुराने नोटों के नोटों की सप्लाई अपनी ब्रांचों को भेजी। इनमें अधिकांश 100 और 20 के पुराने नोट थे। इन नोटों को बैंकों से बांटा गया तो लोग भड़क गए। लेकिन बैंकों ने कह दिया कि उनके पास दूसरी करेंसी नहीं है। कैश के टोटे में परेशान लोग मजबूरन यही नोट ले जाने लगे। लेकिन आधे से अधिक बैंकों में दोपहर दो बजे तक यह करेंसी भी खत्म हो गई। लोग भड़कने लगे। देहात क्षेत्रों में हालात खराब होने लगे।
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यहां हुआ बखेड़ा
रोहटा क्षेत्र के मीरपुर स्थित सिंडिकेट बैंक शाखा में गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। बैंक की खिड़की तोड़ डाली। बैंक कर्मियों से उलझने लगे। सिवालखास की सिंडिकेट बैंक शाखा में भी हंगामा हुआ। सलावा के बैंक में भी खूब हंगामा हुआ। बैंक अधिकारियों ने लीड बैंक मैनेजर को सूचना दी तो उन्होंने पुलिस प्रशासन से बात कर वहां अतिरिक्त फोर्स भिजवाया।
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ग्राहकों को शर्तों में बांधा
कैश कम होने से बैंकों ने लोगों के सामने शर्तें रखनी शुरू कर दी हैं। कुछ ब्रांचों ने सिर्फ अपने ही एकाउंट होल्डरों के ही नोट एक्सचेंज करने की शर्त लगा दी। घंटों से लाइन में लगे दूसरी ब्रांच के एकाउंट होल्डर वापस लौटा दिए गए। पीएनबी ब्रह्मपुरी शाखा में भी यह समस्या देखने को मिली।
घटती गई निकासी
बैंकों में जैसे जैसे कैश शार्ट होता गया वह निकासी लिमिट भी घटाते गए। सुबह कैश आने पर बैंकों ने 10-10 हजार रुपये का भुगतान दिया। लेकिन बाद में यह घटाकर सिर्फ तीन हजार कर दिया। इसके बावजूद अधिकांश बैंकों के खजाने दोपहर में ही खाली हो गए। पीएनबी बागपत रोड ,एसबीआई दिल्ली रोड, यूनियन बैंक और सिंडिकेट बैंक की शाखाओं में यह स्थिति रही।
एटीएम दो घंटे में ही खाली होते गए
जिन बैंक परिसर में एटीएम लगे हैं। उन बैंकों ने जैसे-तैसे कर 100 के पुराने और दो हजार के नए नोट अपने एटीएम में डाले। लेकिन लोगों की लाइन इतनी लंबी थी कि दो घंटे में ही पूरा कैश खत्म हो रहा था। कैश डालने वाली एजेंसी भी दोपहर बाद कुछ सक्रिय दिखी। लेकिन इसके बावजूद अधिकांश एटीएम खाली थे।
आज करेंसी आने की उम्मीद
आरबीआई से कैश न मिलने की वजह से दिक्कत हुई थी। बैंकों ने अपनी चेस्ट ब्रांच से पुरानी करेंसी अपनी ब्रांचों को भेजकर बंटवाई। लोगों को बताकर इसे दिया गया। किसी ने विरोध भी नही किया। आरबीआई से लगातार संपर्क कर कैश की डिमांड की जा रही है। खुली करेंसी की समस्या को देख 500 के नए नोट की भी डिमांड की गई है। बृहस्पतिवार तक कैश पहुंचने की उम्मीद है।- अविनाश तांती, एलडीएम