{"_id":"5b919744867a557e8572925d","slug":"nirmal-hindon-abhiyan-me-jwabdehi-bhi-hogi-tay","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्मल हिंडन अभियान में जवाबदेही भी होगी तय: मंडलायुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्मल हिंडन अभियान में जवाबदेही भी होगी तय: मंडलायुक्त
amarujala
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:38 AM IST
विज्ञापन
meerut
- फोटो : meerut
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्मल हिंडन अभियान को लेकर आयुक्त सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि पब्लिक, प्राइवेट व पीपुल पार्टीसिपेशन के सहयोग से हिंडन निर्मल बनेगी। उन्होंने अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर पांच बिंदुओं पर इंटीग्रेटिड कॉमन प्रोग्राम 15 दिन में बनाने तथा जिम्मेदारी के साथ-साथ जवाबदेही भी तय करने के लिए कहा। केंद्र सरकार की नमामि गंगे अभियान में गंगा व उसकी सहायक नदियों जिसमें हिंडन भी आती है को निर्मल व अविरल बनाया जाएगा।
आयुक्त ने इस अभियान के लिए मेरठ में अपर आयुक्त रजनीश राय व सहारनपुर में अपर आयुक्त आभा गुप्ता को नोडल अधिकारी नामित किया। हिंडन से जुड़े सात जनपदों में जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया। आयुक्त ने कहा कि अभियान में एनजीओ, स्कूल, कालेज, स्वयं सहायता समूह व जनता को प्रेरित कर उनकी भागीदारी की जाएगी। कार्यों की मॉनिटरिंग की प्रणाली विकसित करनी होगी तथा अभियान में पैसे की कोई कमी आड़े नहीं आएगी।
कई अहम कार्य हुए
आयुक्त ने बताया कि पिछले एक साल में हिंडन अभियान में कई अहम काम हुए हैं। सामुहिक सहभागीदारी, सघन वनीकरण, तालाब व अन्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन, अपशिष्ठ का प्रभावी प्रबंधन व हरित कृषि इसमें प्रमुख हैं। कहा कि इच्छा शक्ति ही हिंडन को निर्मल बनाएगी।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने बताया कि विभिन्न जनपदों में हिंडन व उसकी सहायक नदी के किनारों पर विभिन्न प्रकार के 316 उद्योग स्थापित हैं, जिसमें 14 चीनी मिलें, 08 डिस्टलरी, 41 पल्प एवं पेपर, 16 स्ट्राबोर्ड, 06 स्लाटर हाउस, 05 फ्रोजन मीट पैकेजिंग, 04 डेरी, 06 चमड़ा, 105 टेक्सटाइल, 01 थर्मल पावर प्लांट, 39 इलेक्ट्रो प्लेटिंग गैलवेनाइजिंग व 71 अन्य है। 15 टीमें बनाकर हिंडन के किनारे स्थापित उद्योगों की जांच करायी गई जिसमें से 35 को सील किया गया। 55 को कारण बताओ नोटिस तथा 09 पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया व 68 औद्योगिक संस्थान बंद हालत में मिले।
रोज डाल रहे पानी
अधीक्षण अभियंता ड्रेनेज खंड एचएन सिंह ने बताया कि हिंडन में देवबंद सहारनुपर के पास काली पश्चिम नदी में 100 क्यूसेक तथा जानी एस्केप से 2000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन हिंडन में डाला जा रहा है। खतौली के पास स्थित भनेड़ा एस्केप से भी 100 क्यूसेक पानी प्रतिदिन डाला गया। नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी, डीबी कपिल, डॉ. वीना खंडूरी, ऐना तथा विभिन्न जिलों से आए प्रशासनिक अधिकारी मौजदू रहे।
विज्ञापन
आयुक्त ने इस अभियान के लिए मेरठ में अपर आयुक्त रजनीश राय व सहारनपुर में अपर आयुक्त आभा गुप्ता को नोडल अधिकारी नामित किया। हिंडन से जुड़े सात जनपदों में जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया। आयुक्त ने कहा कि अभियान में एनजीओ, स्कूल, कालेज, स्वयं सहायता समूह व जनता को प्रेरित कर उनकी भागीदारी की जाएगी। कार्यों की मॉनिटरिंग की प्रणाली विकसित करनी होगी तथा अभियान में पैसे की कोई कमी आड़े नहीं आएगी।
विज्ञापन
कई अहम कार्य हुए
आयुक्त ने बताया कि पिछले एक साल में हिंडन अभियान में कई अहम काम हुए हैं। सामुहिक सहभागीदारी, सघन वनीकरण, तालाब व अन्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन, अपशिष्ठ का प्रभावी प्रबंधन व हरित कृषि इसमें प्रमुख हैं। कहा कि इच्छा शक्ति ही हिंडन को निर्मल बनाएगी।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने बताया कि विभिन्न जनपदों में हिंडन व उसकी सहायक नदी के किनारों पर विभिन्न प्रकार के 316 उद्योग स्थापित हैं, जिसमें 14 चीनी मिलें, 08 डिस्टलरी, 41 पल्प एवं पेपर, 16 स्ट्राबोर्ड, 06 स्लाटर हाउस, 05 फ्रोजन मीट पैकेजिंग, 04 डेरी, 06 चमड़ा, 105 टेक्सटाइल, 01 थर्मल पावर प्लांट, 39 इलेक्ट्रो प्लेटिंग गैलवेनाइजिंग व 71 अन्य है। 15 टीमें बनाकर हिंडन के किनारे स्थापित उद्योगों की जांच करायी गई जिसमें से 35 को सील किया गया। 55 को कारण बताओ नोटिस तथा 09 पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया व 68 औद्योगिक संस्थान बंद हालत में मिले।
रोज डाल रहे पानी
अधीक्षण अभियंता ड्रेनेज खंड एचएन सिंह ने बताया कि हिंडन में देवबंद सहारनुपर के पास काली पश्चिम नदी में 100 क्यूसेक तथा जानी एस्केप से 2000 क्यूसेक पानी प्रतिदिन हिंडन में डाला जा रहा है। खतौली के पास स्थित भनेड़ा एस्केप से भी 100 क्यूसेक पानी प्रतिदिन डाला गया। नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी, डीबी कपिल, डॉ. वीना खंडूरी, ऐना तथा विभिन्न जिलों से आए प्रशासनिक अधिकारी मौजदू रहे।