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नगर निगम अपने सभी भवनों पर लगाएगा टैक्स, निशाने पर एक लाख भवन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 May 2017 04:34 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर निगम अब सभी भवनों पर टैक्स लगाएगा। लगभग एक लाख भवन निगम के निशाने पर हैं। भवनों की गणना कराने का आसान तरीका ढूंढ लिया गया है। शहर में घर-घर बांटे जाने वाले डस्टबिन प्रक्रिया में सभी भवनों की गणना होगी। क्योंकि डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क हाउस टैक्स के साथ ही वसूला जाएगा। शहर के उन्हीं भवनों में डस्टबिन बांटे जाएंगे या डस्टबिन से कूड़ा उठाया जाएगा, जिन भवनों पर हाउस टैक्स लगा है।
25 करोड़ की होती है वसूली
नगर निगम हाउस टैक्स विभाग शहर से प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ की हाउस टैक्स राजस्व वसूली करता है। अगर बाकी बचे एक लाख भवनों पर विधिवत रूप से हाउस टैक्स लगा दिया गया तो यह गणना बढ़कर 35 करोड़ से भी ऊपर पहुंच जाएगी। वहीं शासनादेश के मुताबिक भूमि सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स लगाया गया तो यही गणना बढ़कर कम से कम 50-60 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
पौने चार लाख में से 2.67 लाख पर टैक्स
शहर के बाहरी इलाके में ही नहीं बल्कि अंदर भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बन रही हैं। शहर में लगभग पौने चार लाख भवन होने का आंकड़ा लगाया जा रहा है। जबकि नगर निगम केवल 2 लाख 67 हजार आवासी और कामर्शियल भवनों से ही हाउस टैक्स वसूली करता है।
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सर्वे पर खर्च हो चुके हैं कई लाख
शहर में सभी भवनों की गणना कराने को लेकर अब से पहले नगर निगम खजाने से कई लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। एक कंपनी को सर्वे के नाम पर काफी मोटी रकम दी गई, लेकिन आज तक उसकी सर्वे रिपोर्ट नहीं मिली। यह मामला नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी कई बार सुर्खियों में रहा।
हाउस टैक्स देने वालों का ही उठेगा कूड़ा
नगर निगम को हाउस टैक्स देने वाले भवनों से ही प्राइवेट कंपनी के लोग कूड़ा उठाएंगे। क्योंकि नगर निगम और कंपनियों के बीच अनुबंध प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क नगर निगम हाउस टैक्स के साथ वसूलेगा।
बहुमंजिले भवन भी पकड़े जाएंगे
डस्टबिन वितरण और डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था के दौरान छूटे भवन ही नहीं बल्कि बहुमंजिले भवन भी पकड़ में आएंगे। काफी भवनों पर टैक्स 200 से 500 रुपये ही लगा हुआ है जबकि वह बिल्डिंग बहुमंजिली बन गई है। ऐसे सभी भवनों पर टैक्स रिवाइज होगा।
पांच जून से बंटेंगे डस्टबिन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पांच जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर में डस्टबिन वितरण की शुरुआत की जाएगी। इसके तुरंत बाद डोर टू डोर कूड़ा उठना शुरू करने की भी तैयारी है।
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25 करोड़ की होती है वसूली
नगर निगम हाउस टैक्स विभाग शहर से प्रतिवर्ष लगभग 25 करोड़ की हाउस टैक्स राजस्व वसूली करता है। अगर बाकी बचे एक लाख भवनों पर विधिवत रूप से हाउस टैक्स लगा दिया गया तो यह गणना बढ़कर 35 करोड़ से भी ऊपर पहुंच जाएगी। वहीं शासनादेश के मुताबिक भूमि सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स लगाया गया तो यही गणना बढ़कर कम से कम 50-60 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
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पौने चार लाख में से 2.67 लाख पर टैक्स
शहर के बाहरी इलाके में ही नहीं बल्कि अंदर भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बन रही हैं। शहर में लगभग पौने चार लाख भवन होने का आंकड़ा लगाया जा रहा है। जबकि नगर निगम केवल 2 लाख 67 हजार आवासी और कामर्शियल भवनों से ही हाउस टैक्स वसूली करता है।
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सर्वे पर खर्च हो चुके हैं कई लाख
शहर में सभी भवनों की गणना कराने को लेकर अब से पहले नगर निगम खजाने से कई लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। एक कंपनी को सर्वे के नाम पर काफी मोटी रकम दी गई, लेकिन आज तक उसकी सर्वे रिपोर्ट नहीं मिली। यह मामला नगर निगम की बोर्ड बैठक में भी कई बार सुर्खियों में रहा।
हाउस टैक्स देने वालों का ही उठेगा कूड़ा
नगर निगम को हाउस टैक्स देने वाले भवनों से ही प्राइवेट कंपनी के लोग कूड़ा उठाएंगे। क्योंकि नगर निगम और कंपनियों के बीच अनुबंध प्रक्रिया में यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क नगर निगम हाउस टैक्स के साथ वसूलेगा।
बहुमंजिले भवन भी पकड़े जाएंगे
डस्टबिन वितरण और डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था के दौरान छूटे भवन ही नहीं बल्कि बहुमंजिले भवन भी पकड़ में आएंगे। काफी भवनों पर टैक्स 200 से 500 रुपये ही लगा हुआ है जबकि वह बिल्डिंग बहुमंजिली बन गई है। ऐसे सभी भवनों पर टैक्स रिवाइज होगा।
पांच जून से बंटेंगे डस्टबिन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पांच जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर शहर में डस्टबिन वितरण की शुरुआत की जाएगी। इसके तुरंत बाद डोर टू डोर कूड़ा उठना शुरू करने की भी तैयारी है।