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अब नगर निगम क्षेत्र में लागू होगा नया मासिक सफाई टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Dec 2016 11:13 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ। वाटर और गृह कर के बाद अब नगर निगम सफाई टैक्स लगाने जा रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम प्रशासन ने नई उप नियमावली तैयार की है। जिसके तहत फैक्ट्री, आवास और दुकानों से सफाई शुल्क वसूला जाएगा। जो व्यक्ति यह शुल्क नहीं देगा, उसके यहां निगम कर्मी सफाई नहीं करेंगे, बल्कि उससे जुर्माना वसूला जाएगा। आगामी 16 दिसंबर को निगम की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
इन्हें लेना होगा लाइसेंस
- पशु डेरी, सभी सरकारी व निजी अस्पताल, शिक्षण संस्थान, विवाह मंडप, होटल संचालकों को नगर निगम से मासिक सफाई लाइसेंस लेना होगा। इनके लिए दो हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक मासिक शुल्क रखा गया है। विलंब शुल्क भी वसूला जाएगा।
- निगम क्षेत्र की दुकानों, आवास और उद्योग धंधों (फैक्ट्रियों) को भी सफाई शुल्क देना होगा। इनके लिए निगम प्रशासन ने 50 रुपये से 10 हजार रुपये मासिक सफाई शुल्क का प्रस्ताव तैयार किया है।
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ये रहेंगे मुक्त
- बीपीएल कार्ड धारक परिवार
- 200 वर्ग फुट कवर्ड एरिया से कम एरिया के आवास
- धार्मिक स्थल, शमशान, कब्रिस्तान, कोर्ट, जेल, पुलिस थाने
ये भी हैं शर्तें
- सफाई शुल्क में प्रत्येक दो वर्ष में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
- शर्तों के उल्लंघन पर 20 प्रतिशत बढ़ोतरी
- निर्धारित अवधि में लाइसेंस न लेने पर व्यवसाय अवैध ठहराते हुए बंद कराया जा सकेगा
ये मिलेगी सुविधाएं
उप नियमावली के अनुसार जो संस्थान लाइसेंस शुल्क और सफाई शुल्क देगा। उसके द्वार पर निगम का कर्मचारी कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचेगा। जो लोग लाइसेंस नहीं लेंगे और गंदगी फैलाएंगे उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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इन्हें लेना होगा लाइसेंस
- पशु डेरी, सभी सरकारी व निजी अस्पताल, शिक्षण संस्थान, विवाह मंडप, होटल संचालकों को नगर निगम से मासिक सफाई लाइसेंस लेना होगा। इनके लिए दो हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक मासिक शुल्क रखा गया है। विलंब शुल्क भी वसूला जाएगा।
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- निगम क्षेत्र की दुकानों, आवास और उद्योग धंधों (फैक्ट्रियों) को भी सफाई शुल्क देना होगा। इनके लिए निगम प्रशासन ने 50 रुपये से 10 हजार रुपये मासिक सफाई शुल्क का प्रस्ताव तैयार किया है।
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ये रहेंगे मुक्त
- बीपीएल कार्ड धारक परिवार
- 200 वर्ग फुट कवर्ड एरिया से कम एरिया के आवास
- धार्मिक स्थल, शमशान, कब्रिस्तान, कोर्ट, जेल, पुलिस थाने
ये भी हैं शर्तें
- सफाई शुल्क में प्रत्येक दो वर्ष में दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी
- शर्तों के उल्लंघन पर 20 प्रतिशत बढ़ोतरी
- निर्धारित अवधि में लाइसेंस न लेने पर व्यवसाय अवैध ठहराते हुए बंद कराया जा सकेगा
ये मिलेगी सुविधाएं
उप नियमावली के अनुसार जो संस्थान लाइसेंस शुल्क और सफाई शुल्क देगा। उसके द्वार पर निगम का कर्मचारी कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी लेकर पहुंचेगा। जो लोग लाइसेंस नहीं लेंगे और गंदगी फैलाएंगे उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा।