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सीएमओ कार्यालय पर एनएचएम के संविदा कर्मियों का धरना तीसरे दिन भी जारी, एक आशा हुई बेहोश

Wed, 23 Jan 2019 04:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 23 Jan 2019 04:47 PM IST
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NHM contractual staff protest in front of CMO office in meerut
धरने के दौरान बेहोश हुई आशा कार्यकर्ता

समान कार्य समान वेतन समेत चार सूत्री मांगों को लेकर मेरठ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के दो हजार से ज्यादा संविदा कर्मी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। बुधवार को तीसरे दिन भी इन लोगों ने सीएमओ कार्यालय पर दिनभर धरना-प्रदर्शन किया।

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इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। इस दौरान एक आशा बेहोश भी हो गई। हालांकि कुछ देर बाद उसे होश आया और वह फिर से धरने पर बैठ गई। हड़ताल से सभी सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं: -
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संविदा कर्मियों ने सीएमओ को ज्ञापन देते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। प्रदेश व्यापी हड़ताल के चलते कर्मचारियों ने सुबह से ही दफ्तरों में काम ठप रखा। इन स्वास्थ्य कर्मियों में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, लैब टैक्नीशियन, टीबी विभाग केकर्मचारी और फार्मासिस्ट आदि हैं, जो कि मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, अर्बन हेल्थ पोस्ट आदि पर तैनात हैं।

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सीएमओ कार्यालय के बाहर पहुंचे सैकड़ों कर्मचारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भगत सिंह ने बताया कि चार मांगों के संबंध में नवंबर में कर्मचारी अधिकारी से मिले थे, तब एक माह में मांगे पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस दौरान डॉ. अनीस अहमद, डॉ. विनोद द्विवेदी, ओमप्रकाश, दीपक यादव, विकास कुमार, सतेंद्र कुमार, विशाल राना, विनिता त्रिवेदी, माया रानी आदि रहीं।

यह हैं मांगें
-संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी को समान कार्य समान वेतन मिले।
-संविदा कर्मचारियों का स्थायी समायोजन किया जाए।
-आशा बहनों का निश्चित मानदेय निर्धारित किया जाए।
-ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।

हड़ताल पर
डॉक्टर: 74
स्टाफ नर्स: 38
एएनएम: 180
टीबी विभाग कर्मी : 84
अन्य स्टाफ: 286
आशा: 1600

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इनकी मांगों को पर शासन स्तर से विचार होना है। इनकी बात शासन तक पहुंचा दी गई है। संविदाकर्मी इमरजेंसी सेवाएं बहाल किए हुए हैं। -डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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