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एनएच 235 : उद्घाटन से पूर्व किसानों ने फिर उठाई मांगें, बैठक कर जताया रोष

Sat, 12 Sep 2020 01:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 01:15 AM IST
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nh 35 before inaugration farmers  rised the issue  of complete his demands
खरखौदा(मेरठ)। एनएचएआई द्वारा फफूंडा में बनाए गए बाईपास से किसानों के खेतों में जाने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, हाईवे बनने के दौरान डंपरों द्वारा तोड़े गए कच्चे रास्तों को भी दुरुस्त नहीं कराया गया है। इस पर किसानों ने फफूंडा जिला पंचायत सदस्य के आवास पर बृहस्पतिवार को बैठक करके रोष जताया है।
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मेरठ-बुलंदशहर राजमार्ग निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन होने जा रहा है। हाईवे निर्माण से कई गांवों में किसानों को लाभ हुआ है। वहीं, इन गांवों में किसानों को भारी परेेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। इसी हाईवे पर फफूंडा में तीन किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण किया गया। इसमें सिंचाई विभाग का रजबहा समेत प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना अंतर्गत करीब दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाली सड़क एवं करीब पांच सौ बीघा कृषि भूमि की चकरोड बंद हो गई। इन सभी मांगों के लिए किसान हाईवे निर्माण के प्रारंभ से संघर्ष करते आ रहे हैं। हालांकि निर्माण एजेंसी ने मनमानी कर सभी रास्ते बंदकर हाईवे का निर्माण कर दिया। वहीं, किसानों ने प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के तहत जाने वाली सड़क व सिंचाई विभाग के रजबहे को खोलकर वहां अंडरपास की मांग की थी। हालांकि ग्रामीणों की मांगों को नहीं माना गया। अब बाईपास निर्माण पूरा हो चुका है। इससे किसानों के खेतों पर जाने वाले रास्ते बंद हैं। एनएचएआई से कई बार इन चकरोडों को बनाने की मांग की जा चुकी है परंतु निर्माण नहीं किया गया। इन सभी मुद्दों को लेकर शुक्रवार को फफूंड़ा निवासी जिला पंचायत सदस्य कुसुम प्रधान के आवास पर किसानों की बैठक हुई। जिसमें किसानों ने एनएचएआई पर आरोप लगाया कि इस हाईवे निर्माण के लिए फफूंड़ा समेत आसपास के कई गांवों के जंगल से कृषि भूमि से मिट्टी उठाई गई। जिसके चलते डंपरों से जंगल के रास्ते टूट गए हैं। हालांकि एनएचएआई का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी जंगल के उन रास्तों को दुरुस्त नहीं कराया गया। जिससे किसानों को खेतों में आने जाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बंद रास्ते खुलवाने, टूटे रास्तों का निर्माण कराने तथा बंद पडे़ रजबहे को दोबारा खोले जाने की मांग उठाई। इस मौके पर संदीप प्रधान, महताब पहलवान, देवराज सिंह, अमीन, दिनेश कसाना, प्रकाश चपराना, तेजवीर बसूटा, गजे सिंह बसोया, कालूराम, सुनील कुमार, संजय चपराना, उधम सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
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