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जिला अस्पताल के टॉयलेट में फेंक दिया नवजात, शव बरामद
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मेरठ। प्यारे लाल जिला अस्पताल के टॉयलेट में रविवार को मृत नवजात मिला है। देहली गेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने नवजात को टॉयलेट में फेेंका है। इससे उसकी मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात की मां कौन है, प्रसव कहां हुआ और नवजात की मौत कैसे हुई।
जिला अस्पताल का तीन नंबर महिला टॉयलेट शनिवार रात चोक हो गया था। कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कर्मचारियों की टीम पहुंची और सफाई करने में लग गई। कर्मचारियों ने किसी तरह लाइन साफ की तो गंदगी के साथ नवजात का शव भी बाहर निकल आया। शव मिलने पर अस्पताल में अफरातफरी मच गई और लोग वहां एकत्रित हो गए। सूचना पर देहली गेट थाना प्रभारी रमेश चंद शर्मा भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की। पुलिस को किसी नवजात के गुम होने की शिकायत नहीं मिली है।
पुलिस का मानना है कि नवजात का शव छुपाने के लिए टॉयलेट में फेंका गया है। इसमें किसी करीबी या बच्चे की मां का भी हाथ हो सकता है। हालांकि नवजात की मां की पहचान होने पर ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।
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बीएनएस की धारा-91 में केस दर्ज
इंस्पेक्टर देहली गेट रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में बच्चे को जानबूझकर जीवित पैदा होने से रोकने या पैदा होने पर ऐसा कार्य करने, जिससे उसकी मृत्यु हो जाए के आरोप में बीएनएस 91 में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि देहली गेट थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को कार्यालय खुलेगा, इस संबंध में जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुदेश कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, प्यारे लाल जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल का तीन नंबर महिला टॉयलेट शनिवार रात चोक हो गया था। कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे कर्मचारियों की टीम पहुंची और सफाई करने में लग गई। कर्मचारियों ने किसी तरह लाइन साफ की तो गंदगी के साथ नवजात का शव भी बाहर निकल आया। शव मिलने पर अस्पताल में अफरातफरी मच गई और लोग वहां एकत्रित हो गए। सूचना पर देहली गेट थाना प्रभारी रमेश चंद शर्मा भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने नवजात का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की। पुलिस को किसी नवजात के गुम होने की शिकायत नहीं मिली है।
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पुलिस का मानना है कि नवजात का शव छुपाने के लिए टॉयलेट में फेंका गया है। इसमें किसी करीबी या बच्चे की मां का भी हाथ हो सकता है। हालांकि नवजात की मां की पहचान होने पर ही पूरा मामला स्पष्ट होगा।
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बीएनएस की धारा-91 में केस दर्ज
इंस्पेक्टर देहली गेट रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में बच्चे को जानबूझकर जीवित पैदा होने से रोकने या पैदा होने पर ऐसा कार्य करने, जिससे उसकी मृत्यु हो जाए के आरोप में बीएनएस 91 में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि देहली गेट थाना पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
मामला संज्ञान में आया है। सोमवार को कार्यालय खुलेगा, इस संबंध में जांच कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुदेश कुमारी, प्रमुख अधीक्षक, प्यारे लाल जिला अस्पताल