फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Newborn dies after delivery, family members create ruckus

Meerut News: प्रसव के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

Thu, 22 Jan 2026 10:02 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 10:02 PM IST
विज्ञापन
Newborn dies after delivery, family members create ruckus
नवजात शिशु की मौत के बाद सीएचसी पर हंगामा करते परिजन स्रोत संवाद
परिजनों ने मेडिकल स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

हस्तिनापुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित स्वजन ने मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कस्बे की प्रभात नगर कॉलोनी निवासी पीड़ित सचिन ने बताया कि 21 जनवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी निशा को लेकर सीएचसी पहुंचा था। वहां तैनात मेडिकल स्टाफ ने निशा की तबीयत खराब बताते हुए उसे भर्ती कर लिया। आरोप है कि दर्द होने के बावजूद निशा को काफी पैदल चलाया गया। शाम करीब 6:30 बजे उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया और कुछ देर बाद सामान्य प्रसव होने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन

सचिन के अनुसार, जब उन्होंने नवजात को दिखाने की बात कही तो उनसे पैसे की मांग की गई। शिशु को देखने पर उसकी सांसें चल रही थीं लेकिन वह रो नहीं रहा था और शरीर नीला पड़ा हुआ था। कुछ देर बाद मेडिकल स्टाफ ने यह कहकर निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी कि बच्चे की ऑक्सीजन कम हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद वह नवजात शिशु को लेकर हस्तिनापुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां करीब दो घंटे ऑक्सीजन दी गई। इसके बाद उसे मवाना स्थित बाल रोग विशेषज्ञ के लिए रेफर किया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन वेंटीलेटर उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
स्वजन का आरोप है कि जब वह शिशु को लेकर वापस सीएचसी पहुंचे तो मेडिकल स्टाफ ने उल्टा उन पर ही शिशु की मौत का आरोप लगा दिया, जबकि प्रसव के दौरान बच्चे की हालत गंभीर होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित त्यागी ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि मेडिकल स्टाफ द्वारा रेफर लेटर बनाया जा रहा था। इसी दौरान स्वजन शिशु को लेकर अन्य चिकित्सक को दिखाने चले गए। उनके अनुसार, मेडिकल स्टाफ की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed