{"_id":"69725134af70e126eb07faf6","slug":"newborn-dies-after-delivery-family-members-create-ruckus-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104372-2026-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: प्रसव के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: प्रसव के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
विज्ञापन
नवजात शिशु की मौत के बाद सीएचसी पर हंगामा करते परिजन स्रोत संवाद
परिजनों ने मेडिकल स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित स्वजन ने मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कस्बे की प्रभात नगर कॉलोनी निवासी पीड़ित सचिन ने बताया कि 21 जनवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी निशा को लेकर सीएचसी पहुंचा था। वहां तैनात मेडिकल स्टाफ ने निशा की तबीयत खराब बताते हुए उसे भर्ती कर लिया। आरोप है कि दर्द होने के बावजूद निशा को काफी पैदल चलाया गया। शाम करीब 6:30 बजे उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया और कुछ देर बाद सामान्य प्रसव होने की जानकारी दी गई।
सचिन के अनुसार, जब उन्होंने नवजात को दिखाने की बात कही तो उनसे पैसे की मांग की गई। शिशु को देखने पर उसकी सांसें चल रही थीं लेकिन वह रो नहीं रहा था और शरीर नीला पड़ा हुआ था। कुछ देर बाद मेडिकल स्टाफ ने यह कहकर निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी कि बच्चे की ऑक्सीजन कम हो रही है।
विज्ञापन
इसके बाद वह नवजात शिशु को लेकर हस्तिनापुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां करीब दो घंटे ऑक्सीजन दी गई। इसके बाद उसे मवाना स्थित बाल रोग विशेषज्ञ के लिए रेफर किया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन वेंटीलेटर उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
स्वजन का आरोप है कि जब वह शिशु को लेकर वापस सीएचसी पहुंचे तो मेडिकल स्टाफ ने उल्टा उन पर ही शिशु की मौत का आरोप लगा दिया, जबकि प्रसव के दौरान बच्चे की हालत गंभीर होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित त्यागी ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि मेडिकल स्टाफ द्वारा रेफर लेटर बनाया जा रहा था। इसी दौरान स्वजन शिशु को लेकर अन्य चिकित्सक को दिखाने चले गए। उनके अनुसार, मेडिकल स्टाफ की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित स्वजन ने मेडिकल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कस्बे की प्रभात नगर कॉलोनी निवासी पीड़ित सचिन ने बताया कि 21 जनवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी निशा को लेकर सीएचसी पहुंचा था। वहां तैनात मेडिकल स्टाफ ने निशा की तबीयत खराब बताते हुए उसे भर्ती कर लिया। आरोप है कि दर्द होने के बावजूद निशा को काफी पैदल चलाया गया। शाम करीब 6:30 बजे उसे प्रसव कक्ष में ले जाया गया और कुछ देर बाद सामान्य प्रसव होने की जानकारी दी गई।
विज्ञापन
सचिन के अनुसार, जब उन्होंने नवजात को दिखाने की बात कही तो उनसे पैसे की मांग की गई। शिशु को देखने पर उसकी सांसें चल रही थीं लेकिन वह रो नहीं रहा था और शरीर नीला पड़ा हुआ था। कुछ देर बाद मेडिकल स्टाफ ने यह कहकर निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी कि बच्चे की ऑक्सीजन कम हो रही है।
विज्ञापन
इसके बाद वह नवजात शिशु को लेकर हस्तिनापुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां करीब दो घंटे ऑक्सीजन दी गई। इसके बाद उसे मवाना स्थित बाल रोग विशेषज्ञ के लिए रेफर किया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन वेंटीलेटर उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
स्वजन का आरोप है कि जब वह शिशु को लेकर वापस सीएचसी पहुंचे तो मेडिकल स्टाफ ने उल्टा उन पर ही शिशु की मौत का आरोप लगा दिया, जबकि प्रसव के दौरान बच्चे की हालत गंभीर होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित त्यागी ने आरोपों को नकारते हुए बताया कि मेडिकल स्टाफ द्वारा रेफर लेटर बनाया जा रहा था। इसी दौरान स्वजन शिशु को लेकर अन्य चिकित्सक को दिखाने चले गए। उनके अनुसार, मेडिकल स्टाफ की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।