उम्मीद की मशाल: अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए बेताब एथलीटों की नई पौध, मेरठ के बेटे-बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर खुद को किया साबित
मेरठ के खिलाड़ी न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कामयाबी का परचम लहरा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने का ख्वाब पूरा हो चुका है अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं।
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ओलंपियन अन्नू रानी, प्रियंका गोस्वामी, सीमा अंतिल, गरिमा चौधरी, और शूटर सौरभ चौधरी ने जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। इन खिलाड़ियों को आदर्श मान जिले के एथलीटों की नई पौध कॉमनवेल्थ और ओलंपिक पर नजर लगाए है। राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने का ख्वाब पूरा हो चुका है अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं।
उड़नपरी रूपल से मेरठ को बड़ी उम्मीदें
मेरठ की उड़न परी के नाम से मशहूर रूपल चौधरी (17) 400 मीटर दौड़ में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में क्वालिफाई कर चुकी हैं। छोटे से गांव शाहपुर जैनपुर की रहने वालीं रूपल कॉमनवेल्थ व सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए रिले दौड़ की दावेदार हैं। पिता ओमवीर व माता ममता का सपना है कि उनकी बेटी देश के लिए विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में सोना जीतकर लाए। रूपल ने हाल में ही गुजरात में 21 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 52.48 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक झटका है। वे अब तक सीनियर स्तर पर 10 से ज्यादा पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
ख्याति की ऊंची छलांग
मोदीपुरम निवासी ख्याति माथुर (18) ऊंची छलांग की नई सनसनी हैं। गुजरात में राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक झटकने के बाद ख्याति ने पंचकुला के खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक झटका है। पिता विशाल माथुर ख्याति को शहर के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अभ्यास कराते हैं। ख्याति अभी तक 10 से ज्यादा पदक राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में जीत चुकी हैं। परिवार का सपना है वो ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे खेलों में देश का मान बढ़ाएं।
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कड़े संघर्ष से लक्ष्य पर विधि की नजर
हसनपुर रजापुर निवासी विधि चौधरी (17) गोला फेंक में राज्य स्तर पर सात स्वर्ण पदक झटक चुकी हैं। चेन्नई में खेलो इंडिया एथलेटिक्स में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। किसान पिता बच्चू सिंह व माता शिखा का कहना है कि उनका सपना है कि विधि देश को पदक दिलाकर मेरठ का नाम रोशन करे।
स्टीपल चेज का चमकता सितारा पारुल
इकलौता गांव की पारुल चौधरी ने चेन्नई में चल रही इंटर स्टेट में 3 हजार मीटर स्टीपल चेज में स्वर्ण पदक झटका है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 पदक से ज्यादा झटक चुकीं पारुल किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वो 3 हजार व 5 हजार मीटर स्टीपल चेज की खिलाड़ी हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में प्रशिक्षण लेकर पारुल अन्तराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं।
अर्नव कहते हैं... बड़ा काम करेंगे
रहदरा गांव के अर्नव त्यागी सीबीएसई नेशनल में कांस्य पदक जीत चुके हैं। दो बार जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्से ले चुके हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 में अर्नव टॉप-6 में जगह बना चुके हैं। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।