4जी नेटवर्क के टेलीकॉम कंपनियों के दावे फेल, उपभोक्ताओं को 3जी की भी नहीं मिल पा रही स्पीड
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बीएसएनएल अभी तक 3जी नेटवर्क पर ही काम कर रहा है। उसी के आधार पर स्पीड दे रहा है। ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार, जियो की स्पीड सितंबर और अक्तूबर माह में 19.1 एमबीपीएस रही। इसके बाद एयरटेल और बीएसएनएल हैं। अंत में आइडिया-वोडाफोन को स्थान मिलता है। त्योहारी सीजन में तो नेटवर्क कनेक्टिविटी ने लोगों को 2 जी ब्राउजिंग की याद दिला दी। चार दिन से सभी टेलीकॉम कंपनियों के डाटा डाउनलोड की स्पीड 5 एमबीपीएस से भी कम रही। इस सबके बीच नेटवर्क कंजेशन, कॉल बार्डिंग, कॉल डिस्कनेट की समस्या भी बनी रही।
ईपीएफ की साइट हुई हैंग
सरकार ने दावा किया था कि वर्ष 2019-20 का ईपीएफ ब्याज 8.5 प्रतिशत नए साल में सभी खातों में चला जाएगा। देर शाम तक लोग खातों में पैसा आने की जानकारी के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन साइट नहीं खुली। विभागीय अधिकारियों के अनुसार देर शाम तक ईपीएफ खातों में पैसा नहीं आया था।
एचएसआरपी के लिए परेशान रहे ग्राहक
सरकार ने 31 दिसंबर 2020 के बाद सभी गाड़ियों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी। नेट कनेक्टिविटी न मिलने के कारण बड़ी संख्या में लोग एसएसआरपी रजिस्ट्रेशन के लिए प्रयास करते रहे। साइट खुलने के बाद हैंग होती रही। लोग प्लेट के लिए पंजीकरण नहीं करा पाए।
आधार नवीनीकरण में आई समस्या
शहर के 18 विभिन्न डाकघरों में आधार नवीनीकरण के लिए सुबह 8 बजे से कैंप लगाया गया। सुबह कुछ घंटे नेट सही चला। इसके बाद स्पीड काफी धीमी हो गई। 30 मिनट के काम को करने में एक घंटे तक का समय लगा।
आईटी फाइल करने में भी असुविधा
शहर में विभिन्न चार्टर्ड अकाउंटेंट और आयकर वकीलों को अपने क्लाइंट का डेटा अपलोड करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच टैक्स पेयर्स को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में खुलेंगे तीन डेटा सेंटर
आने वाले समय में प्रदेश सरकार तीन डेटा सेंटर पार्क की स्थापना करेगी। यह डेटा सेंटर प्रदेश सरकार से जुड़े विभिन्न विभागों का रिकार्ड रखेंगे। इसके बाद सरकार के विभिन्न विभागों का डेटा केंद्रीयकृत हो जाएगा। ऐसे में विभिन्न विभागों की साइट पर लोड कम होगा और स्पीड बढ़ेगी। डेटा सेंटर बनने के बाद प्रदेश की विभिन्न यूनिवर्सिटी, शिक्षा विभाग, प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों का डेटा केंद्रीयकृत हो जाएगा।