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न डेयरियां हटी, न संक्रमण रोगों की हुई रोकथाम
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मेरठ। शहर से न तो डेयरियां बाहर हो पाई हैं और न ही गोबर से निजात मिली है। शहर के नाले गोबर से भरे पड़े हैं। संक्रमण रोगों पर भी कोई रोकथाम नहीं हो रही है। इन सभी सवालों का जवाब विधानसभा की आश्वासन समिति ने निदेशालय से मांगा था। जिस पर नगर निगम प्रशासन ने तीन नंवबर को नगरीय निकाय निदेशालय लखनऊ को रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट में महानगर को डेयरियों से लगभग मुक्त दिखाया है। यानी ऐसी रिपोर्ट भेज दी गई है जिसका धरातल से लेना देना नहीं है। माना जा रहा है कि अगर आश्वासन समिति ने अपने स्तर से शहर में डेयरी, नालों में भरे गोबर और संक्रमण रोगों की रोकथाम पर जांच करा ली तो नगर निगम प्रशासन की रिपोर्ट की ही पोल खुल जाएगी।
महानगर में डेयरियों के मामले पर नगर निगम प्रशासन को एनजीटी और हाईकोर्ट में कई बार फटकार लग चुकी है। कई बार निगम प्रशासन ने औचारिकता निभाते हुए अभियान की शुरूआत भी की। कुछ डेरियों को हटाने का दावा भी किया, लेकिन वह सभी डेयरियां जिनको हटाए जाने का दावा किया गया है, वह आज भी मौके पर संचालित हैं।
नालों में बहाया जा रहा है डेयरियों से गोबर
- डेयरियों से निकलने वाला गोबर शहर से बाहर भेजने की बजाय नाली व नालों में बहाया जा रहा है। नगर निगम ने कई बार डेयरियों में लगे सबमर्सिबल के कनेक्शन काटने का कार्यक्रम बनाया, लेकिन कनेक्शन काटे नहीं गए। डेयरियों में जहां भूगर्भ जल का दोहन हो रहा है वहीं गोबर से गंदगी पसरी हुई है। संक्रमण रोग फैल रहे हैं।
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ये भेजी है शासन को रिपोर्ट
- नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेन्द्र सिंह ने निदेशालय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि महानगर में 1015 डेयरियां थी। 2019 में 214, 2020 में 14 और 2021 में 12 डेयरियों को शहर से बाहर किया गया। 43 डेयरियों पर अर्थ दंड लगाया गया। 14 डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
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महानगर में डेयरियों के मामले पर नगर निगम प्रशासन को एनजीटी और हाईकोर्ट में कई बार फटकार लग चुकी है। कई बार निगम प्रशासन ने औचारिकता निभाते हुए अभियान की शुरूआत भी की। कुछ डेरियों को हटाने का दावा भी किया, लेकिन वह सभी डेयरियां जिनको हटाए जाने का दावा किया गया है, वह आज भी मौके पर संचालित हैं।
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नालों में बहाया जा रहा है डेयरियों से गोबर
- डेयरियों से निकलने वाला गोबर शहर से बाहर भेजने की बजाय नाली व नालों में बहाया जा रहा है। नगर निगम ने कई बार डेयरियों में लगे सबमर्सिबल के कनेक्शन काटने का कार्यक्रम बनाया, लेकिन कनेक्शन काटे नहीं गए। डेयरियों में जहां भूगर्भ जल का दोहन हो रहा है वहीं गोबर से गंदगी पसरी हुई है। संक्रमण रोग फैल रहे हैं।
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ये भेजी है शासन को रिपोर्ट
- नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेन्द्र सिंह ने निदेशालय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि महानगर में 1015 डेयरियां थी। 2019 में 214, 2020 में 14 और 2021 में 12 डेयरियों को शहर से बाहर किया गया। 43 डेयरियों पर अर्थ दंड लगाया गया। 14 डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
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