{"_id":"5eea79ca8ebc3e42e117404f","slug":"negligence-in-treatment-will-result-in-action-meerut-news-mrt4869197106","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में मिली लापरवाही तो होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज में मिली लापरवाही तो होगी कार्रवाई
विज्ञापन
इलाज में मिली लापरवाही तो होगी कार्रवाई
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में सभी टीमवर्क के साथ काम करें। व्यवस्थाओं में सुधार लाएं और कोरोना के कारण होने वाली मौत की दर में कमी लाएं। मेडिकल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से कोई मौत नहीं होनी चाहिए अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जिले के नोडल अधिकारी पी. गुरू प्रसाद ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर हिदायत दी। नोडल अधिकारी ने कोरोना से मरने वालों के परिजनों और डिस्चार्ज मरीजों से व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ शासन की मंशा के अनुरूप काम करें। कोरोना से मृत्यु दर को कम करना बहुत जरूरी है। ऐसे में मरीजों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराएं। कोविड समेत सभी वार्डों की नियमित सफाई हो। जांच में अव्यवस्था होने की शिकायत सही पाई गई तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी ने प्राचार्य से कहा कि वह सभी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाएं। अगर कोई ड्यूटी करने से मना करता है तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चिकित्सक व अन्य स्टाफ से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। साथ ही समस्याओें के निस्तारण का आश्वासन दिया।
मेडिकल में भर्ती 80 कोरोना मरीज
प्राचार्य डा. एसके गर्ग और डा. टीवीएस आर्य ने नोडल अधिकारी को कोरोना की वास्तविक स्थिति, समस्याओं व निस्तारण से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव 80 मरीज भर्ती हैं। वहीं नोडल अधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के संदर्भ में भविष्य में कितने मरीज आ सकते हैं और उनका किस प्रकार इलाज करना है, इसकी एक कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करें। इस दौरान केजीएमयू के डॉ. शरद चन्द्रा, एसएसपी अजय साहनी, एडीएम सिटी अजय तिवारी, एसपी सिटी एएन सिंह, सीएमओ डॉ. राजकुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
लापरवाही पर दर्ज हो सकता है मुकदमा
डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि सभी को मिलकर काम करना है। ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एडीएम सिटी व एसपी सिटी हर दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज आकर व्यवस्थाओं को देखेंगे। अगर किसी को परेशानी है तो वह उनको अवगत कराए। ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जा सके। उन्होने कहा कि प्रशासन मेडिकल कालेज के साथ है।
विज्ञापन
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में सभी टीमवर्क के साथ काम करें। व्यवस्थाओं में सुधार लाएं और कोरोना के कारण होने वाली मौत की दर में कमी लाएं। मेडिकल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से कोई मौत नहीं होनी चाहिए अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जायेगी। जिले के नोडल अधिकारी पी. गुरू प्रसाद ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर हिदायत दी। नोडल अधिकारी ने कोरोना से मरने वालों के परिजनों और डिस्चार्ज मरीजों से व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ शासन की मंशा के अनुरूप काम करें। कोरोना से मृत्यु दर को कम करना बहुत जरूरी है। ऐसे में मरीजों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराएं। कोविड समेत सभी वार्डों की नियमित सफाई हो। जांच में अव्यवस्था होने की शिकायत सही पाई गई तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी ने प्राचार्य से कहा कि वह सभी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाएं। अगर कोई ड्यूटी करने से मना करता है तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चिकित्सक व अन्य स्टाफ से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। साथ ही समस्याओें के निस्तारण का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
मेडिकल में भर्ती 80 कोरोना मरीज
प्राचार्य डा. एसके गर्ग और डा. टीवीएस आर्य ने नोडल अधिकारी को कोरोना की वास्तविक स्थिति, समस्याओं व निस्तारण से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव 80 मरीज भर्ती हैं। वहीं नोडल अधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के संदर्भ में भविष्य में कितने मरीज आ सकते हैं और उनका किस प्रकार इलाज करना है, इसकी एक कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करें। इस दौरान केजीएमयू के डॉ. शरद चन्द्रा, एसएसपी अजय साहनी, एडीएम सिटी अजय तिवारी, एसपी सिटी एएन सिंह, सीएमओ डॉ. राजकुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
लापरवाही पर दर्ज हो सकता है मुकदमा
डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि सभी को मिलकर काम करना है। ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एडीएम सिटी व एसपी सिटी हर दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज आकर व्यवस्थाओं को देखेंगे। अगर किसी को परेशानी है तो वह उनको अवगत कराए। ताकि उसका निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जा सके। उन्होने कहा कि प्रशासन मेडिकल कालेज के साथ है।