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बहसूमा में बस अड्डा न होने से यात्री परेशान
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बहसूमा। कस्बे में बस अड्डा नहीं होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी बिजनौर लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी के रूप में टिकट की मांग करने वाले अशोक कटारिया अब प्रदेश में परिवहन मंत्री होने के चलते बहसूमा क्षेत्र के लोग उनसे एक रोडवेज बस अड्डे की उम्मीद कर रहे हैं। नागरिकों ने परिवहन मंत्री से कस्बे में स्थायी रोडवेज बस अड्डे की मांग की है।
बहसूमा नगर को 1971 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। नगर पंचायत के बनने के बाद कस्बे में 1988 में नगर पंचायत का पहला चुनाव हुआ था। कस्बे में एक थाना, एक डाकखाना हालांकि ये बात अलग है कि डाकखाने में रजिस्ट्री तक नहीं होती है। एक इंटर कॉलेज, एक प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र, एक विद्युत उपकेंद्र व तीन बैंक नगर पंचायत कार्यालय है। कस्बे में गन्ना समिति भले ही नाम महमूदपुर सिखेड़ा दिया गया। एक पशुओं का अस्पताल यह बात अलग है कि उसका भवन जर्जर हालात में है। कस्बे से शाहपुर, बटावली, नगंला खेप्पड़, मीरपुर तखावली, अस्सा, अकबरपुर सादात, झुनझुनी, तजपुरा, समसपुर आदि दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार बहसूमा है। इससे कस्बे में रोजना सैकड़ों लोगों की आवाजाही लगी रहती है। कस्बे में न तो रोडवेज बस का और न ही प्राइवेट बसों के लिए स्थायी व अस्थायी बस अड्डा नहीं है। जिससे लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। नागरिकों ने पत्र के माध्यम से परिवहन मंत्री अशोक कटारिया बस अड्डे की मांग की है। पत्र में व्यापारी अमित गोयल, योगेंद्र विधूड़ी, वीरेंद्र नागर, श्यामपाल, जयवीर, शिवकुमार, सुमित, राजू चपराणा, प्रताप व महीपाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कस्बे में अब स्थायी बस अड्डा होना चाहिए। इसके अभाव में रोडवेज चालक बिना रोके बसे लेकर आगे बढ़ जाते हैं। इनकी कई बार कस्बावासी शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ है। ताजा गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है।
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बहसूमा नगर को 1971 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। नगर पंचायत के बनने के बाद कस्बे में 1988 में नगर पंचायत का पहला चुनाव हुआ था। कस्बे में एक थाना, एक डाकखाना हालांकि ये बात अलग है कि डाकखाने में रजिस्ट्री तक नहीं होती है। एक इंटर कॉलेज, एक प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र, एक विद्युत उपकेंद्र व तीन बैंक नगर पंचायत कार्यालय है। कस्बे में गन्ना समिति भले ही नाम महमूदपुर सिखेड़ा दिया गया। एक पशुओं का अस्पताल यह बात अलग है कि उसका भवन जर्जर हालात में है। कस्बे से शाहपुर, बटावली, नगंला खेप्पड़, मीरपुर तखावली, अस्सा, अकबरपुर सादात, झुनझुनी, तजपुरा, समसपुर आदि दर्जनों गांवों का मुख्य बाजार बहसूमा है। इससे कस्बे में रोजना सैकड़ों लोगों की आवाजाही लगी रहती है। कस्बे में न तो रोडवेज बस का और न ही प्राइवेट बसों के लिए स्थायी व अस्थायी बस अड्डा नहीं है। जिससे लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। नागरिकों ने पत्र के माध्यम से परिवहन मंत्री अशोक कटारिया बस अड्डे की मांग की है। पत्र में व्यापारी अमित गोयल, योगेंद्र विधूड़ी, वीरेंद्र नागर, श्यामपाल, जयवीर, शिवकुमार, सुमित, राजू चपराणा, प्रताप व महीपाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कस्बे में अब स्थायी बस अड्डा होना चाहिए। इसके अभाव में रोडवेज चालक बिना रोके बसे लेकर आगे बढ़ जाते हैं। इनकी कई बार कस्बावासी शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ है। ताजा गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है।
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