राष्ट्रीय खेल दिवस: तीन दशकों तक मेरठ के हॉकी खिलाड़ियों ने जमाई धाक, मैदान पर चीते की तरह आक्रामक थे दादा
- तीन दशकों तक मेरठ के हॉकी खिलाड़ियों ने जमाई धाक
- हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को आदर्श मानकर खिलाड़ियों ने छोड़ी अपनी छाप
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देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी में कभी मेरठी खिलाड़ियों की धमक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई पड़ती थी। 70 से 90 के दशक में मेरठ ने 20 से ज्यादा खिलाड़ी दिए। जिन्होंने विश्व स्तर पर भारतीय हॉकी टीम की जीत का परचम लहराया। ओलंपिक गेम्स से लेकर एशियाड खेलों तक यहां के खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया। लेकिन वर्तमान समय में हॉकी के अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद चल रही है। हॉकी विशेषज्ञ के अनुसार क्रिकेट, शूटिंग, कुश्ती सहित अन्य कई खेलों की तरह देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी में युवाओं की कम रुचि चिंता का विषय है।
मैदान पर चीते की तरह आक्रामक थे दादा
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद मेरठ में आठ साल रहे। सेना में पंजाब रेजिमेंट की टीम की ओर से हॉकी खेलने वाले मेजर ध्यानचंद ने जापान के खिलाफ पांच गोल दागकर मेरठ की टीम को यादगार पल दिए। मेरठ के सिविल लाइन निवासी 82 वर्षीय हरिप्रसाद सिंह हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। वह आज भी मेजर ध्यानचंद को दादा कहकर बुलाते हैं। बताया गया कि बेहद शांत स्वभाव के दादा मैदान पर चीते की तरह आक्रामक दिखते थे।
हरिप्रसाद सिंह ने बताया सन 1948-1956 तक मेजर ध्यानचंद मेरठ में पोस्टिड रहे। उनके बेटे अशोक कुमार 1975 में हॉकी वर्ल्डकप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। सेना की पंजाब रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट और डोगरा रेजिमेंट की तीन हॉकी टीमें थी, जिनमें पंजाब की ओर से दादा मेजर ध्यानचंद खेलते थे। मेरठ के फ्रेशर हॉकी क्लब में उनका मैच पंजाब रेजिमेंट टीम से हुआ। उस समय हॉकी का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोलता था। 1952 में विक्टोरिया पार्क (भामाशाह पार्क) में मेरठ और जापान का मैच खेला गया। जिसमें दादा ने पांच गोल दागे और जापान को हराया। दादा डिवलिंग के मास्टर थे।
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दादा के जादू ने ही मेरठ की हॉकी को धार दी
हरिप्रसाद सिंह ने बताया मेरठ की टीम देश के बड़े टूर्नामेंट फाइनल तक खेलती थी। मेरठ निवासी चार सगे भाई आनंद चतुर्वेदी, हेमप्रकाश चतुर्वेदी, प्रेमप्रकाश चतुर्वेदी और प्रमोद चतुर्वेदी फ्रेशर क्लब में थे, जो शानदार खिलाड़ी थे। हरिप्रसाद के बेटे वीरेंद्र सिंह हॉकी इंडिया में अंपायर मैनेजर हैं। वीरेंद्र सिंह ने बताया मेरठ में हॉकी खेल को लेकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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