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बेबाकी के लिए जाने जाते थे नसीब पठान
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बेबाकी के लिए जाने जाते थे नसीब पठान
बिजनौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व एमएलसी नसीब पठान ने जिले की राजनीति से उठकर देश व प्रदेश की राजनीति में नाम कमाया। कांग्रेस के ही नही अन्य दल के नेताओं में भी उनकी गहरी पैठ थी। कांग्रेस के बडे नेताओं के साथ वे अक्सर नजर आते थे। नसीब पठान अपनी बेबाकी के लिए जाते थे।
बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी के रहने वाले नसीब पठान कांग्रेस से 1975 से संजय गांधी के साथ कांग्रेस की राजनीति शुरू की। राष्ट्रीय छात्र संगठन से जुड़े और यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बने। कांग्रेस के प्रदेश सचिव व महासचिव रहे। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के 25 साल से वे सदस्य थे। 2004 से 2016 तक वे कांग्रेस के एमएलसी रहे। इसके साथ ही विधान परिषद में विधान दल के नेता रहे। कांग्रेस में वे मंडावर निवासी स्वतंत्रता सेनानी व वरिष्ठ नेता केशव शरण शर्मा को अपना राजनीति गुरु मानते थे। जिले की राजनीति से निकलकर वे प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए। केंद्र की राजनीति तक उनका दखल रहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राजीव गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ वे मंच पर नजर आते थे। नसीम पठान की गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती थी। वे अपनी बेबाक बात कहने के लिए भी जाने जाते थे। कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के नेताओं से भी उनके गहरे संबंध रहे। सब दल के नेता उनका लोहा मानते थे। सपा, बसपा, भाजपा के कई नेताओं से उनकी नजदीकी संबंध रहे। बिजनौर में बड़े त्योहार, शादी व अन्य कार्यक्रमों में वे आते-जाते थे और गाजियाबाद में अपनी कोठी पर रहते थे।
महंगी घड़ी, चश्मे व कपड़े पहनने का था शौक
नसीब पठान को महंगी घड़ी के साथ मंहगे चश्मे लगाने का बड़ा शौक था। वे ब्रांडेड कपड़े पहनने के शौकीन थे। नसीब पठान ने एक बार बताया था कि वे पार्टी के नेता राहुल गांधी की तरह महंगा पेन अपने पास रखते थे। एक बार वे राहुल गांधी के साथ कार में थे। राहुल गांधी ने उनसे पेन मांगा, वे सोचने लगे कि महंगा पैन देखकर राहुल गांधी उनसे नाराज न हो जाएं। जब उन्होंने अपनी जेब की ओर देखा तो वे महंगा पेन घर छोड़ आए थे। जेब में सामान्य पेन था।
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गुलाम नबी के खिलाफ खोला था मोर्चा
नसीब पठान ने पिछले दिनों कांग्रेस नेतृत्व में मचे घमासान के बाद राज्य सभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को पार्टी से आजाद करने की मांग उठाई थी। गुलाम नबी आजाद सोनिया गांधी के पत्र लिखने के बाद भी पार्टी के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे थे। तक नसीब पठान ने गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस से आजाद करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में गुलाम नबी आजाद का क्या रसूख रहा है।
एक दिन पहले की थी वीडियो जारी
नसीब पठान ने मेदांता अस्पताल में भर्ती होने के बाद खुद को कोरोना पॉजीटिव बताया था। शनिवार को उन्होंने अस्पताल से अपनी एक वीडियो भी जारी की थी। वीडियो में उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी व अन्य नेताओं के साथ उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जो अत्याचार किया है उससे वह दुखी है। हाथरस की बच्ची के साथ अन्याय हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री वहां जाने से क्यों रोक रहे हैं। मीडिया को रोका जा रहा है। विपक्ष की आवाज का दबाना ठीक नहीं है। ये सरकार के जाने के लक्षण हैं।
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बिजनौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व एमएलसी नसीब पठान ने जिले की राजनीति से उठकर देश व प्रदेश की राजनीति में नाम कमाया। कांग्रेस के ही नही अन्य दल के नेताओं में भी उनकी गहरी पैठ थी। कांग्रेस के बडे नेताओं के साथ वे अक्सर नजर आते थे। नसीब पठान अपनी बेबाकी के लिए जाते थे।
बिजनौर के मोहल्ला चाहशीरी के रहने वाले नसीब पठान कांग्रेस से 1975 से संजय गांधी के साथ कांग्रेस की राजनीति शुरू की। राष्ट्रीय छात्र संगठन से जुड़े और यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बने। कांग्रेस के प्रदेश सचिव व महासचिव रहे। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के 25 साल से वे सदस्य थे। 2004 से 2016 तक वे कांग्रेस के एमएलसी रहे। इसके साथ ही विधान परिषद में विधान दल के नेता रहे। कांग्रेस में वे मंडावर निवासी स्वतंत्रता सेनानी व वरिष्ठ नेता केशव शरण शर्मा को अपना राजनीति गुरु मानते थे। जिले की राजनीति से निकलकर वे प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए। केंद्र की राजनीति तक उनका दखल रहा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राजीव गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के साथ वे मंच पर नजर आते थे। नसीम पठान की गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती थी। वे अपनी बेबाक बात कहने के लिए भी जाने जाते थे। कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के नेताओं से भी उनके गहरे संबंध रहे। सब दल के नेता उनका लोहा मानते थे। सपा, बसपा, भाजपा के कई नेताओं से उनकी नजदीकी संबंध रहे। बिजनौर में बड़े त्योहार, शादी व अन्य कार्यक्रमों में वे आते-जाते थे और गाजियाबाद में अपनी कोठी पर रहते थे।
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महंगी घड़ी, चश्मे व कपड़े पहनने का था शौक
नसीब पठान को महंगी घड़ी के साथ मंहगे चश्मे लगाने का बड़ा शौक था। वे ब्रांडेड कपड़े पहनने के शौकीन थे। नसीब पठान ने एक बार बताया था कि वे पार्टी के नेता राहुल गांधी की तरह महंगा पेन अपने पास रखते थे। एक बार वे राहुल गांधी के साथ कार में थे। राहुल गांधी ने उनसे पेन मांगा, वे सोचने लगे कि महंगा पैन देखकर राहुल गांधी उनसे नाराज न हो जाएं। जब उन्होंने अपनी जेब की ओर देखा तो वे महंगा पेन घर छोड़ आए थे। जेब में सामान्य पेन था।
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गुलाम नबी के खिलाफ खोला था मोर्चा
नसीब पठान ने पिछले दिनों कांग्रेस नेतृत्व में मचे घमासान के बाद राज्य सभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को पार्टी से आजाद करने की मांग उठाई थी। गुलाम नबी आजाद सोनिया गांधी के पत्र लिखने के बाद भी पार्टी के नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करने से बाज नहीं आ रहे थे। तक नसीब पठान ने गुलाम नबी आजाद को कांग्रेस से आजाद करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि राजनीति में गुलाम नबी आजाद का क्या रसूख रहा है।
एक दिन पहले की थी वीडियो जारी
नसीब पठान ने मेदांता अस्पताल में भर्ती होने के बाद खुद को कोरोना पॉजीटिव बताया था। शनिवार को उन्होंने अस्पताल से अपनी एक वीडियो भी जारी की थी। वीडियो में उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी व अन्य नेताओं के साथ उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जो अत्याचार किया है उससे वह दुखी है। हाथरस की बच्ची के साथ अन्याय हुआ। प्रदेश के मुख्यमंत्री वहां जाने से क्यों रोक रहे हैं। मीडिया को रोका जा रहा है। विपक्ष की आवाज का दबाना ठीक नहीं है। ये सरकार के जाने के लक्षण हैं।