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नई सड़क तो क्या गड्ढे भरने में भी सफल नहीं पीडब्ल्यूडी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:45 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक तरफ जहां उप्र के डिप्टी सीएम एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य उप्र में अमेरिका की तर्ज पर सड़कें बनाने की बात कर रहे है तो वहीं मेरठ को सड़क सुधार में एक फूटी कोड़ी नहीं मिल रही है। पीडब्ल्यूडी की सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। कुछ सड़कों के प्रस्ताव शासन में दबे पड़े हैं। विभाग के पास धन का अभाव बताया जा रहा है। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने वाला है और पीडब्ल्यूडी के पास सड़क के नाम पर उपलब्धियां गिनाने को कुछ भी नहीं है।
महानगर में नई सड़क बनाना तो दूर पीडब्ल्यूडी विभाग के पास गड्ढे भरने तक के लिए बजट नहीं है। हालत यह है कि महानगर के बीचो बीच ओडियन नाला पटरी मार्ग एक साल से टूटा पड़ा है। इसको बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग के पास है। बताया जा रहा है कि सरकार से धन स्वीकृत हो चुका है। लेकिन मौके पर सड़क पर कोई काम नहीं हो रहा है। सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। सड़कों के गड्ढे पीडब्ल्यूडी की पोल खोल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी की सड़कों का जीर्णोद्धार करने के लिए सरकार ने हुड़कों से 10 करोड़ का कर्ज लिया है। जिसमें से पांच करोड़ रुपये से जनपद के दादरी-सरधना-सलावा मार्ग पर कार्य होना है। वहीं दो करोड़ 60 लाख रुपये से दौराला- बरनावा मार्ग का निर्माण होगा।
इन मार्गों के अटके प्रस्ताव
सिटी रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर से रोहटा रोड लखवाया तक जिसकी लम्बाई 4.147 किमी है। जलभराव के कारण लाखों रुपये से बनने वाली सड़क एक साल भी नहीं चल पाती है। पीडब्लूडी अधिकारियों ने सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। जिस पर 16 करोड़ छह लाख रुपये की लागत प्रस्तावित की गयी है। एक साल से उप्र सरकार इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं ले पाई।
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लखवाया से जंगेठी मार्ग की हालत बेहद खराब है। विभागीय अधिकारियों ने 6.2 किलोमीटर मार्ग निर्माण का प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा हुआ है। जिस पर एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आएगी। शासन में यह प्रस्ताव लंबित है। कांवड़ मार्ग भी अभी अधूरा पड़ा है। जिसको लेकर भले ही विभाग धन की कोई कमी न होने की बात बोल रहा हो लेकिन सत्य तो यह है कि समय रहते कांवड़ मार्ग नहीं बन पा रहा है। कभी वन विभाग को समय पर धन न पहुंचना रहा हो या फिर अधिकारियों की लापरवाही रही। जबकि कांवड़ मार्ग बनने के बाद मेरठ को जाम से मुक्ति मिलेगी।
साढ़े तीन करोड़ से 25 सड़कों पर लेपन
- जनपद की 25 सड़कें ऐसी हैं जिनको पीडब्ल्यूडी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में गड्ढा मुक्त कराने का दावा किया है। इस पर विभाग ने साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करने की बात की है। इनमें से कई सड़कों पर अभी काम चलना बताया जा रहा है।
विभाग की तरफ से कई मार्गों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। शासन से धन नहीं मिला है। जिसके कारण सड़कों पर उतना काम नहीं हुआ है जितने की जरूरत थी। लेकिन अब सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं रहेगी। मार्च से सड़कों पर बड़े कार्य होंगे। ओडियन नाला मार्ग पर भी काम शुरू कराया जाएगा। कांवड़ मार्ग पर वन विभाग से एनओसी का इंतजार है। काम शुरू होगा।
आरआर सिंह, चीफ इंजीनियर- पीडब्ल्यूडी।
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महानगर में नई सड़क बनाना तो दूर पीडब्ल्यूडी विभाग के पास गड्ढे भरने तक के लिए बजट नहीं है। हालत यह है कि महानगर के बीचो बीच ओडियन नाला पटरी मार्ग एक साल से टूटा पड़ा है। इसको बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग के पास है। बताया जा रहा है कि सरकार से धन स्वीकृत हो चुका है। लेकिन मौके पर सड़क पर कोई काम नहीं हो रहा है। सड़कें पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। सड़कों के गड्ढे पीडब्ल्यूडी की पोल खोल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी की सड़कों का जीर्णोद्धार करने के लिए सरकार ने हुड़कों से 10 करोड़ का कर्ज लिया है। जिसमें से पांच करोड़ रुपये से जनपद के दादरी-सरधना-सलावा मार्ग पर कार्य होना है। वहीं दो करोड़ 60 लाख रुपये से दौराला- बरनावा मार्ग का निर्माण होगा।
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इन मार्गों के अटके प्रस्ताव
सिटी रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर से रोहटा रोड लखवाया तक जिसकी लम्बाई 4.147 किमी है। जलभराव के कारण लाखों रुपये से बनने वाली सड़क एक साल भी नहीं चल पाती है। पीडब्लूडी अधिकारियों ने सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। जिस पर 16 करोड़ छह लाख रुपये की लागत प्रस्तावित की गयी है। एक साल से उप्र सरकार इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं ले पाई।
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लखवाया से जंगेठी मार्ग की हालत बेहद खराब है। विभागीय अधिकारियों ने 6.2 किलोमीटर मार्ग निर्माण का प्रपोजल बनाकर शासन को भेजा हुआ है। जिस पर एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आएगी। शासन में यह प्रस्ताव लंबित है। कांवड़ मार्ग भी अभी अधूरा पड़ा है। जिसको लेकर भले ही विभाग धन की कोई कमी न होने की बात बोल रहा हो लेकिन सत्य तो यह है कि समय रहते कांवड़ मार्ग नहीं बन पा रहा है। कभी वन विभाग को समय पर धन न पहुंचना रहा हो या फिर अधिकारियों की लापरवाही रही। जबकि कांवड़ मार्ग बनने के बाद मेरठ को जाम से मुक्ति मिलेगी।
साढ़े तीन करोड़ से 25 सड़कों पर लेपन
- जनपद की 25 सड़कें ऐसी हैं जिनको पीडब्ल्यूडी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में गड्ढा मुक्त कराने का दावा किया है। इस पर विभाग ने साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करने की बात की है। इनमें से कई सड़कों पर अभी काम चलना बताया जा रहा है।
विभाग की तरफ से कई मार्गों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। शासन से धन नहीं मिला है। जिसके कारण सड़कों पर उतना काम नहीं हुआ है जितने की जरूरत थी। लेकिन अब सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं रहेगी। मार्च से सड़कों पर बड़े कार्य होंगे। ओडियन नाला मार्ग पर भी काम शुरू कराया जाएगा। कांवड़ मार्ग पर वन विभाग से एनओसी का इंतजार है। काम शुरू होगा।
आरआर सिंह, चीफ इंजीनियर- पीडब्ल्यूडी।