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नगरायुक्त ने किया कूड़े से बिजली प्लांट का निरीक्षण
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मेरठ। दिल्ली रोड स्थित भूड़बराल में कूड़े से बिजली संयंत्र केंद्र का नगरायुक्त मनीष बंसल ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट के संचालन से जुड़ी जानकारियां लीं और तकनीकी पहलुओं पर भी विमर्श किया। हालांकि, ग्रिड से कनेक्शन में हो रही देरी के कारण प्लांट लगातार नहीं चलाया जा रहा है। प्लांट लगाने वाली कंपनी बिजेंद्रा एनर्जी एंड रिसर्च के निदेशक बिजेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रिड से जुड़ने से बाद दो दिन का ट्रायल होगा। इसके बाद प्लांट का संचालन होगा।
नगरायुक्त ने भी आश्वस्त किया कि ग्रिड से जुड़ने केकार्य में अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर समस्या दूर कराएंगे। जिससे कूड़े का निस्तारण जल्द शुरू हो। प्लांट निर्माता और नगरायुक्त के बीच दस दिन में प्लांट शुरू करने पर सहमति बनी है। पहले ही लॉकडाउन के कारण प्लांट संचालन में छह माह की देरी हो चुकी है। ये प्लांट गैसीफिकेशन तकनीक पर आधारित है। जिसमें ठोस ज्वलनशील कूड़े को उच्च ताप पर क्रैकिंग करके ज्वलनशील गैसों में बदला जाता है। इसके बाद गैस ईंधन के रूप में बिजली बनाने के लिए प्रयोग की जाती है। यहां प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं खेती के कचरे से बिजली बनाने की प्रदूषण रहित तकनीक है। इस मौके पर सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल भी मौजूद रहे।
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नगरायुक्त ने भी आश्वस्त किया कि ग्रिड से जुड़ने केकार्य में अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर समस्या दूर कराएंगे। जिससे कूड़े का निस्तारण जल्द शुरू हो। प्लांट निर्माता और नगरायुक्त के बीच दस दिन में प्लांट शुरू करने पर सहमति बनी है। पहले ही लॉकडाउन के कारण प्लांट संचालन में छह माह की देरी हो चुकी है। ये प्लांट गैसीफिकेशन तकनीक पर आधारित है। जिसमें ठोस ज्वलनशील कूड़े को उच्च ताप पर क्रैकिंग करके ज्वलनशील गैसों में बदला जाता है। इसके बाद गैस ईंधन के रूप में बिजली बनाने के लिए प्रयोग की जाती है। यहां प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं खेती के कचरे से बिजली बनाने की प्रदूषण रहित तकनीक है। इस मौके पर सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल भी मौजूद रहे।
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