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जन्म प्रमाणपत्र व्यवस्था दलालों के हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 04 Feb 2016 02:11 AM IST
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नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनता को दर-दर की ठोकरें ही नहीं खानी पड़ रहीं, बल्कि दलालों के हाथों लुटना भी पड़ रहा है। दलालों ने जरूरत के अनुरूप रेट तय कर रखे हैं। स्कूलों में एडमिशन शुरू होते ही दलालों ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के 300 से 350 रुपये रेट निर्धारित कर दिए हैं। इसके बावजूद 15 दिन में प्रमाण पत्र देने की बात कहते हैं। अगर दो-चार दिन में प्रमाण पत्र चाहिए तो 500 रुपये खर्च करने होंगे।
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बुधवार को अमर उजाला की टीम ने नगर निगम में प्रमाण पत्र बनाने की इस अवैध व्यवस्था को देखा। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संवाददाता ने चार दलालों से बात की। सभी ने अलग-अलग फीस बताई। अमर उजाला के पास मौजूद दलालों से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग के कुछ अंश प्रस्तुत है।
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रिपोर्टर : भाई साहब बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है। कौन-कौन से कागज लगेंगे और कितना खर्च आएगा।
दलाल : जन्म प्रमाण पत्र बन जाएगा। एक प्रमाण पत्र पर 350 रुपये खर्च आएगा। 15 दिन में प्रमाण पत्र मिलेगा।
रिपोर्टर : भाई साहब, 350 रुपये तो अधिक हैं। कुछ कम कर लीजिए। और चाहिए भी चार-पांच दिन में ही।
दलाल : आपको चाहिए भी जल्दी और पैसा भी खर्च नहीं करना चाहते। ऐसे कैसे काम चलेगा। ये सारा पैसा हम नहीं रखते, उच्चाधिकारियों को भी जाता है।
रिपोर्टर : भाई साहब बच्चे का एडमिशन होना है। उसके भविष्य का मामला है। थोड़ा सहयोग करिये।
दलाल : पैसे का काम पैसे से होता है। बातों का काम बातों से। किसी भी दलाल से बनवा लीजिए, इतने ही लगेंगे।
रिपोर्टर : अच्छा तो ये बता दीजिए कि यहां प्रमाण पत्र बनते कहां हैं।
दलाल : अरे ऐसे ही भटकते फिरते रहोगे। वहां तुम्हारी कोई नहीं सुनेगा।
रिपोर्टर : तो ठीक है भाई साहब, बता दीजिए फार्म के साथ क्या-क्या लगेगा।
दलाल : बच्चा घर पर जन्मा है या अस्पताल में। उसका प्रूफ देना होगा। पिता या माता का वोटर आईडी कार्ड, एक शपथ पत्र लगेगा। सिटी मजिस्ट्रेट से वेरीफिकेशन कराकर देनी होगी। वार्ड पार्षद, सफाई निरीक्षक की रिपोर्ट भी लगेगी।
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रिपोर्टर : भाई हम तो केवल कागज पूरे कर सकते हैं। मजिस्ट्रेट, पार्षद, सफाई निरीक्षक की रिपोर्ट तो आपको ही लगवानी होगी। और दो-तीन दिन में बनवाकर दे देना।
दलाल : फार्म भरो और कागज जमा करो, तभी तो कार्यवाही शुरू की जाएगी।
रिपोर्टर : मेरे पास वोटर पहचान पत्र नहीं है। आप अपना नाम और मोबाइल नंबर दे दीजिए। ताकी घर से कागज इकट्ठा करते समय आपसे बात कर सकूं।
दलाल : नाम छोड़िए, मोबाइल नंबर ले जाइए।