फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   nagar nigam meerut

निगम की कमाई के फेर में लटकी आधुनिक पशु वधशाला

Mon, 30 Nov 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 30 Nov 2015 01:05 AM IST
विज्ञापन
nagar nigam meerut
शहर के गली-मोहल्लों में खुलेआम सैकड़ों पशुओं का कटान हो रहा है। नाली-नालों में पशुओं का खून और अवशेष बहते हैं। जिससे जल और वायु प्रदूषण फैल रहा है। एनजीटी अवैध पशु कटान रोकने के आदेश जारी कर चुकी है। शासन भी इस पर गंभीर है। लेकिन नगर निगम प्रशासन अपनी कमाई के चक्कर में जनता को प्रदूषण में जीने को मजबूर कर रहा है। शासन अत्याधुनिक पशु वधशाला के लिए 10 करोड़ रुपये जारी कर चुका हो, लेकिन निगम प्रशासन कतई गंभीर नहीं है। अपने फायदे के चक्कर में एनजीटी ही नहीं बल्कि कोर्ट और शासन के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया है।
विज्ञापन


महानगर में प्रतिदिन 200-250 पशुओं के मांस की आपूर्ति होती है। निगम एक्ट के मुताबिक शहर की जनता को मांस की आपूर्ति कराना नगर निगम का दायित्व है। नियमानुसार निगम को आधुनिक पशु वधशाला संचालित करके ही कटान की अनुमति देनी चाहिए। ताकि निगम को भी राजस्व की प्राप्ति हो और पशुओं का चिकित्सा परीक्षण होने के बाद ही कटान हो सके। जनता को भी बीमारी रहित मांस की आपूर्ति हो सके। निगम प्रशासन जनता और निगम हित में नहीं बल्कि अपनी जेब गर्म करने के लिए खुलेआम अवैध कटान करा रहा है।
विज्ञापन


10 करोड़ हो जाएंगे लैप्स
शासन ने एनजीटी के आदेश के बाद आधुनिक पशु वधशाला बनाने के लिए निगम को 10 करोड़ रुपये जारी किए। सरकार के आदेश पर निगम प्रशासन ने अप्रैल माह में पशु वधशाला के लिए टेंडर मांगे थे। टेक्निकल बिड भी खोली गई। लेकिन फाइनेंशियल बिड खोलने और कंसलटेंट नियुक्त करने के नाम पर फाइल छुपाकर रख दी गई। नियमानुसार छह माह बाद प्रक्रिया दोबारा से शुरू होती है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान सरकारी खजाने को एक लाख रुपये से ज्यादा का चूना लग चुका है। फाइल अपर नगरायुक्त के कार्यालय में धूल फांक रही है। अब निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली के चलते 10 करोड़ भी लैप्स होने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिगड़ सकता है माहौल
सद्दीक नगर, श्याम नगर, रसीद नगर, लिसाड़ी गेट, इस्लामाबाद, जाकिर कॉलोनी सहित मिश्रित इलाकों और डेरियों की आड़ में अवैध पशु कटान हो रहा है। पशुओं का खून नाले-नालियों में बहाया जाता है। जिससे प्रदूषण तो फैल ही रहा है, कभी भी शहर का माहौल भी बिगाड़ सकता है।


बंद हुई घोसीपुर पशु वधशाला
घोसीपुर में निगम की पशु वधशाला अत्याधुनिक न होने के कारण प्रदूषण विभाग ने दो साल पहले बंद करा दी। शासन ने घोसीपुर पशु वधशाला को आधुनिक बनाने के लिए निगम को आदेश जारी किया। लेकिन निगम प्रशासन चुप्पी साधकर बैठ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed