{"_id":"690675e17b6c828e880ae40c","slug":"nagar-kirtan-organised-on-the-occasion-of-prakash-parv-of-guru-nanak-dev-ji-meerut-news-c-228-1-mwn1001-103990-2025-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर निकाला नगर कीर्तन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर निकाला नगर कीर्तन
विज्ञापन
कस्बे में निकलते नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित पंच प्यारे भाई धर्म सिंह गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन में मुख्य अतिथि नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक ने रिबन काटकर गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकर नगर कीर्तन की शुरुआत की।
उन्होंने गुरु नानक देव जी के उपदेशों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया और कहा कि उनका जीवन सत्य, सेवा और समानता का प्रतीक है। गुरुद्वारा साहिब के कीर्तन दरबार में प्रसिद्ध रागी जत्थों ने सिखों के इतिहास का व्याख्यान कर संगतों को निहाल किया। नगर कीर्तन में सिख इतिहास से संबंधित झांकियां शामिल रहीं। नगर कीर्तन में गतका पार्टी ने तलवार से करतब दिखाया। उन्होंने युवतियों की आंख में तलवार से काजल लगाकर सभी हैरत में डाल दिया। इस दौरान वाहे गुरू जी दा खालसा वाहे गुरुजी दी फतेह के नारे गूंजने लगे।
नगर कीर्तन में आगे धर्मानुयायी धर्म ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके पीछे सिख धर्म के इतिहास के स्लोगन लिखे बैनर लेकर चल रहे थे। नगर कीर्तन का जगह जगह भव्य स्वागत व प्रसाद वितरण किया गया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से बी ब्लॉक, आंबेडकर बाजार, सुभाष चौक आदि स्थानों से होकर श्री गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी गुरुवाणी का कीर्तन शबद विचार अर्थ भाव समझाते हुए चल रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रभु का जाप पूर्ण विश्वास, प्रेम और श्रद्धा भावना से किया जाए तो निश्चित ही नाम रस की प्राप्ति होती है। हमें श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने गुरु नानक देव जी के उपदेशों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया और कहा कि उनका जीवन सत्य, सेवा और समानता का प्रतीक है। गुरुद्वारा साहिब के कीर्तन दरबार में प्रसिद्ध रागी जत्थों ने सिखों के इतिहास का व्याख्यान कर संगतों को निहाल किया। नगर कीर्तन में सिख इतिहास से संबंधित झांकियां शामिल रहीं। नगर कीर्तन में गतका पार्टी ने तलवार से करतब दिखाया। उन्होंने युवतियों की आंख में तलवार से काजल लगाकर सभी हैरत में डाल दिया। इस दौरान वाहे गुरू जी दा खालसा वाहे गुरुजी दी फतेह के नारे गूंजने लगे।
विज्ञापन
नगर कीर्तन में आगे धर्मानुयायी धर्म ध्वज लेकर चल रहे थे। उनके पीछे सिख धर्म के इतिहास के स्लोगन लिखे बैनर लेकर चल रहे थे। नगर कीर्तन का जगह जगह भव्य स्वागत व प्रसाद वितरण किया गया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा साहिब से बी ब्लॉक, आंबेडकर बाजार, सुभाष चौक आदि स्थानों से होकर श्री गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी गुरुवाणी का कीर्तन शबद विचार अर्थ भाव समझाते हुए चल रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि प्रभु का जाप पूर्ण विश्वास, प्रेम और श्रद्धा भावना से किया जाए तो निश्चित ही नाम रस की प्राप्ति होती है। हमें श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का श्रवण करना चाहिए।

कस्बे में निकलते नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालु स्रोत संवाद
विज्ञापन