मेरठ में तेज हुई कोरोना की रफ्तार, एक दिन में मिले 17 नये मरीज, लोगों में फिर बढ़ रही दहशत
- मेरठ में एक दिन में कोरोना के 17 नये मरीज मिले
- शहर में नहीं हो रहा नियमों का पालन, मास्क नहीं लगा रहे लापरवाह लोग
- रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर लापरवाही बरते रहे लोग
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन लोग फिर भी लापरवाही बरत रहे हैं। शुक्रवार को 3887 सैंपल की जांच हुई, जिसमें 17 लोग संक्रमित मिले। इनमें 15 केस नये हैं और मात्र दो मरीज ही संपर्क वाले हैं। वहीं रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर लोग लापरवाही बरतते नजर आए। अधिकांश ने न तो मास्क लगाया हुआ था और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे थे।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार फरवरी में न के बराबर थी। कई दिन ऐसे भी रहे जब एक भी केस नहीं मिला, लेकिन मार्च आते-आते केस फिर से मिलना शुरू हो गए। शुक्रवार को जो 17 लोग संक्रमित मिले हैं, उनमें दो परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव अगवानपुर के हैं। बाकी सभी मेरठ महानगर की विभिन्न कॉलोनियों के रहने वाले हैं। सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय जनपद में 43 सक्रिय केस हैं। कोरोना संक्रमितों की संख्या 21487 पहुंच गई है, जिनमें 20989 ठीक हो चुके हैं। 409 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक 9,80,328 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर 95 लोगों की जांच की गई, जिनमें एक व्यक्ति संक्रमित मिला। वह बिजनौर का रहने वाला है।
लक्ष्य से कम हो रहा टीकाकरण
टीकाकरण की रफ्तार भी जिले में कम है। शुक्रवार को 109 सेशन टीकाकरण के हुए, जिनमें सरकारी अस्पताल में 68 और निजी अस्पतालों में 41 जगहों पर टीकाकरण हुआ। इसमें 10400 का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके सापेक्ष 5536 लोगों ने टीकाकरण कराया। जो कुल लक्ष्य का 53.2 प्रतिशत ही हुआ। अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में बहुत कम टीकाकरण हुआ है। यहां पर लोग टीकाकरण से दूरी बनाए हुए हैं।
यात्री और कर्मचारी नहीं लगा रहे मास्क
शुक्रवार दोपहर दो बजे दिल्ली रोड स्थित भैंसाली बस अड्डे पर रोजाना की तरह भीड़ थी। यात्रियों से लेकर रोडवेज कर्मचारी और बस स्टाफ तक बिना मास्क लगाए बेपरवाही के साथ घूमते दिखाई दिए। इसी बीच दिल्ली से आई खतौली डिपो की बस यूपी 11टी-8502 अड्डे पर पहुंची। ठसाठस भरी बस में करीब 90 फीसदी यात्री बिना मास्क के मिले। यहां तक बस का चालक और परिचालक भी मास्क नहीं लगाए थे। वहीं बिजनौर जा रही गढ़मुक्तेश्वर डिपो की बस संख्या यूपी 81बीटी-7064 अड्डे पर पहुुंची तो इसमें बैठे यात्री भी बिना मास्क के बैठे मिले। बस अड्डे पर लगाई गई सैनिटाइजर मशीन भी खराब मिली। यात्रियों ने बताया कि कई महीनों से यही हाल है।
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एसओपी का पालन से कराया जाएगा
कोरोना का प्रभाव हल्का पड़ने के बाद से बस स्टाफ और यात्री लापरवाह हो गए हैं। यात्रियों के साथ ही स्टाफ को भी एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है। बढ़ते केसों को देखते हुए फिर से एसओपी का पालन कड़ाई से कराया जाएगा। - राजेश कुमार, एआरएम भैसाली डिपो
सिटी स्टेशन सुरक्षा के नहीं दिखे इंतजाम
सिटी स्टेशन पर भी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं मिला। मास्क न लगाने वाले लोगों को कोई टोकने वाला तक नहीं था। दिल्ली से अंबाला जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन में काफी संख्या में यात्री बिना मास्क के नजर आए। ये हालात तब है जबकि हरियाणा से सटे पंजाब में कोरोना तेजी से फैल रहा है। इसके बाद भी रेलवे की तरफ से कोई सख्त नियम नहीं बनाए जा रहे हैं। सिटी स्टेशन पर कहीं भी सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं की गई है।
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